तो Maruti Alto, Maruti Swift अब नहीं रहे Maruti Dzireएबल

0
485

Baleno और Vitara Brezza के रूप में Maruti  के हाथ दो नये ट्रम्पकार्ड लगे हैं। पिछले एक साल में आये इन मॉडलों का कम्पनी के कुल सेल्स वॉल्यूम में हिस्सा दस परसेंट से ज्यादा हो गया है। लेकिन एक ओर इन दो मॉडलों के दम पर मारुति ग्रोथ रेट के मामले में इंडस्ट्री से तेज दौड़ रही है दूसरी ओर जिस कॉम्पेक्ट किले के दम पर कम्पनी मजबूती से जमी हुई है वो ही लगातार कमजोर पड़ रहा है। अब तक ट्रम्प साबित हुये चार में से तीन मॉडल Maruti Swift, Maruti Dzire और Maruti Alto की सेल्स में पिछले 18 महिने में अच्छी गिरावट दर्ज की गई है और 77700 यूनिट्स से भी ज्यादा का नुकसान हुआ है। लेकिन कमजोर पड़ते कम्पीटिशन और नई जेनरेशन के मॉडलों बलेनो और विटारा ब्रेज़ा को मिल रहे समर्थन से इसकी भरपाई करने में कामयाब रही है।

मारुति ऑल्टो: Maruti ने जनवरी-जून 2015 में कुल 138764 ऑल्टो बेची थीं जिनमें दोनों मॉडल Maruti Alto और Maruti Alto K10 शामिल हैं। इस हिसाब से देखें तो पिछले वर्ष के पहले छह महिने में मारुति ऑल्टो हर महिने औसत 23127 यूनिट्स बिक रही थीं। जुलाई-दिसम्बर के छह महिनों के दौरान ऑल्टो के सेल्स वॉल्यूम में मामूली कमी आई और यह 133332 यूनिट्स रहा। यानि एच1 के 23127 यूनिट्स के मुकाबले दूसरी छमाही यानि एच2 में ऑल्टो का महिने का औसत करीब 1 हजार यूनिट्स घटकर 22212 रह गया।

altoसितम्बर में ऑल्टो800 के मुकाबले एंट्री लेवल Renault Kwid 2.56 लाख रुपये की एंट्री प्राइस पर लॉन्च हुई थी और शुरूआती 11 महिनों में Renault Kwid की कुल डिलिवरी और बुकिंग 1.5 लाख यूनिट्स के लेवल तक पहुंच चुकी हैं।

रेनो ने जैसे-जैसे क्विड का उत्पादन और डिलिवरी बढ़ाई इसका असर Maruti Alto की सेल्स पर बढ़ता चला गया। 2016 की जनवरी-जून की छमाही में Maruti ने कुल 117056 ऑल्टो बेचीं और इस हिसाब से महिने का औसत बीस हजार के लेवल से नीचे फिसलकर 19056 यूनिट्स ही रह गया।

यानि जनवरी 2015 से जून 2016 के बीच बेस्ट सेलर Maruti Alto की महिने की औसत सेल्स 23127 से घटकर 19056 यूनिट्स रह गई यानि Maruti Alto की बिक्री 15.64 परसेंट गिरी है।
मौजूदा Maruti Alto 800 को मारुति ने अक्टूबर 2012 में लॉन्च किया था और मई में इसका फेसलिफ्ट अवतार लॉन्च किया है। चर्चा है कि नई पीढ़ी की Maruti Alto इन दिनों जापान में डवलप हो रही है और यह अगले साल ही लॉन्च हो पायेगी।

मारुति स्विफ्ट: Maruti Swift भारत में सुजुकी मोटर कॉर्प का पहला ग्लोबल मॉडल है और Maruti Swift के दम पर ही फैमिली कस्टमर के बीच डीजल इंजन की लोकप्रियता और स्वीकार्यता बढ़ी थी। करीब दस साल तक अपने सैगमेंट में बेस्ट सेलर रही Maruti Swift अब दो मोर्चों पर लड़ रही है। पिछले साल यानि 2015 में जनवरी-जून के बीच कुल 110869 Maruti Swift बिकीं यानि हर महिने औसत 18748 यूनिट्स। लेकिन जुलाई-दिसम्बर के बीच Maruti Swift का कुल सेल्स वॉल्यूम 98035 यूनिट्स ही रह गया यानि Maruti Swift की महिने की औसत सेल्स करीब ढ़ाई हजार यूनिट्स घटकर 16339 ही रह गई।

swiftपिछले साल अगस्त में Maruti ने Baleno को लॉन्च किया था। दो एअरबैग और एबीएस के साथ Baleno को कम्पनी ने 4.99 लाख रुपये की बहुत एग्रेसिव प्राइस पर लॉन्च किया था। बलेनो की इस प्राइस पोजिशनिंग से आशंका भी जताई गई थी कि यह Maruti Swift के कस्टमर बेस में सेंध लगा सकती है और कह सकते हैं कि एक हद तक यह आशंका सच भी साबित हुई है।

2016 की जनवरी-जून की छमाही में कुल 81105 Maruti Swift ही बिक पाईं यानि महिने का औसत 18748 के मुकाबले 5 हजार से भी ज्यादा यूनिट्स की गिरावट के साथ 13517 यूनिट् ही रह गया।

बलेनो के अलावा डीजल के खिलाफ बन रहे माहौल से डीजल वैरियेंट्स की डिमांड में आई कमी का भी Maruti Swift के सेल्स वॉल्यूम पर असर पड़ा है। सिर्फ दो साल पहले देश में बिकने वाली 52 फीसदी पैसेंजर गाडिय़ां डीजल वाली होती थीं लेकिन अभी यह घटकर 26 फीसदी ही रह गया है।

मारुति डिज़ायर: ऑल्टो और स्विफ्ट के बाद मारुति का तीसरा बड़ा किला Maruti Dzire भी लगातार कमजोर पड़ रहा है। पिछले 18 महिने मेंं Maruti Dzire की औसत सेल्स करीब 19 हजार से घटकर 14600 यूनिट्स पर आ गई यानि करीब 23 फीसदी की गिरावट। पिछले वर्ष के पहले छह महिनों में मारुति ने कुल 114434 Maruti Dzire बेची थीं जो दूसरी छमाही में बढक़र 121604 यूनिट्स हो गई। लेकिन 2016 के पहले छह महिने में Maruti Dzire का सेल्स वॉल्यूम 88165 यूनिट्स ही रह गया। पिछले वर्ष के पहले छह महिनों में Maruti Dzire की महिने की औसत सेल्स 19072 यूनिट्स थी जो दूसरी छमाही में बढक़र 20267 यूनिट्स हो गई। लेकिन वर्ष 2016 के पहले छह महिनों में 22.95 परसेंट की तेज गिरावट के साथ महिने में औसत 14695 Maruti Dzire ही बिक पाईं।
dzireतीन बेस्ट सेलर मॉडलों के कमजोर पड़ जाने के बावजूद Maruti WagonR जरूर ऐसा मॉडल है जो अपने वॉल्यूम को बरकरार रख पाया है। पिछले साल की पहली छमाही में 81934 Maruti WagonR बिकी थीं यानि महिने में औसत 13655 यूनिट्स। दूसरी छमाही में Maruti WagonR का कुल वॉल्यूम 88465 यूनिट्स रहा यानि महिने में औसत 14744 वैगन-आर बिकीं। चालू वर्ष के पहले छह महिने में कम्पनी ने कुल 82046 Maruti WagonR बेचीं यानि महिने में औसत 13674 यूनिट्स। यानि कह सकते हैं कि फैमिली कस्टमर के बीच Maruti WagonR आज भी मजबूती से जमी है और मारुति के वॉल्यूम को सपोर्ट कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here