ग्लोबल टॉप-10 में ना Suzuki और ना ही Maruti

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carभारत के कार बाजार में Maruti का 50 परसेंट (अप्रेल-अगस्त 2017) शेयर है। यह भी कह सकते हैं कि देश में बिकने वाली हर 100 में से 50 गाडिय़ां Maruti की होती हैं। लेकिन गलोबल मार्केट में Maruti और इसकी जापानी मूल कम्पनी Suzuki की गिनती टॉप-10 कम्पनियों में भी नहीं होती। Jato Dynamics की रिपोर्ट के अनुसार Volkswagen अब भी सबसे बड़ी ऑटोमेकर कम्पनी बनी हुई है। लेकिन दूसरे पायदान के लिये Renault-Nissan और Toyota के बीच जंग छिड़ी है।

global top-10जनवरी-जुलाई के सात महिनों गलोबल मार्केट में वेहीकल्स की सेल्स 3 परसेंट बढ़ी है। लेकिन दुनिया का सबसे बड़ा ऑटो मार्केट चीन स्लोडाउन की ओर बढ़ रहा है और इन सात महिनों में यहां सेल्स 2.5 परसेंट ही बढ़ी है।

फोक्सवैगन और जीएम को चीन के मार्केट में दबदबे का फायदा मिल रहा है लेकिन वही चीन ह्यूंदे-किया के लिये मुसीबत का कारण साबित हो रहा है। नॉर्द कोरिया के आक्रामक रुख के चलते साउद कोरिया में अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम थाड को तैनात करने के कारण चीन में कोरियाई कम्पनी को ग्राहकों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है, नतीजतन पहले सात महिनों में कम्पनी की गलोबल सेल्स में 11.5 परसेंट की गिरावट आई है।

जाटो डायनामिक्स के गलोबल एनेलिस्ट युआन फेलिपे मुनोज़ वीयरा के अनुसार गलोबल मार्केट में यूवी खासकर क्रॉसओवर एसयूवी मॉडलों का ट्रेंड बढ़ रहा है। ऐसे में इसका फायदा उठाने की सबसे अच्छी स्थिति में रेनो-निसान है। इन फ्रेंच-जापानी ऑटो पार्टनरों के पोर्टफोलियो में एसयूवी मॉडलों की अच्छी मौजूदगी है। यहां तक कि जनवरी-जून के पहले छह महिनों में गलोबल एसयूवी मार्केट में रेनो-निसान का शेयर 12 परसेंट रहा कम्पनी ने 13 परसेंट ग्रोथ के साथ 16 लाख एसयूवी गाडिय़ां बेचीं। साथ ही बाकी कम्पनियों के मुकाबले चीन में रेनो-निसान के पास वॉल्यूम बढ़ाने के मौके कहीं ज्यादा हैं।

तीसरी रैंक की टोयोटा और चौथी सबसे बड़ी कम्पनी जीएम के बीच 77 हजार गाडिय़ों का अंतर रहा। जाटो डायनामिक्स का मानना है कि आने वाले महिनों में टोयोटा और जीएम के बीच यह अंतर और बढ़ेगा। अभी हाल ही जनरल मोटर्स ने अपने यूरोपीय ब्रांड ओपेल/फोक्सहॉल को फ्रांस की पीएसए पजियट-सिट्रोइन को बेचा है ऐसे में कम्पनी को सेल्स वॉल्यूम में कम से 10 लाख यूनिट्स का नुकसान होगा। रिपोर्ट यह भी कहती है कि हो सकता है अगले साल जीएम को फोर्ड और ह्यूंदे भी पीछे छोड़ दें।

जाटो अपनी रिपोर्ट रिटेल सेल्स के आधार पर तैयार करती है जबकि ऑटो इंडस्ट्री में आमतौर पर कम्पनियां और मीडिया डीलर डिस्पैच के ही आंकड़े देती हैं।

इन दस में जापान की सुजुकी और भारत की मारुति का नाम नही है। गलोबल सुजुकी की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी-जुलाई के बीच उसने जापान, भारत और दुनिया के बाकी देशों में कुल 1926296 (19.26 लाख) गाडिय़ां बनाईं। लेकिन जाटो डायनामिक्स ने अपनी रिपोर्ट प्रॉडक्शन या डीलर डिस्पेच नहीं बल्कि रिटेल सेल्स के आधार पर तैयार किया है।Image Courtesy: AutoNews.com

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