Emission Scandal : फोक्सवैगन को ऑस्ट्रेलिया ने कोर्ट में खींचा

0
81

volkswagen emission scandal in australia

अमेरिका में Emission Scandal के मामले को खत्म करने के लिये 15 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) के क्लेम को मंजूरी देने और साउद कोरिया में सभी मॉडलों की बिक्री पर अस्थायी बैन लग जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया में Volkswagen AG के लिये संकट खड़ा होता लग रहा है।
ऑस्ट्रेलिया की कंज्यूमर मामलों की संस्था ने कहा है कि उसने फोक्सवैगन के खिलाफ कोर्ट में शिकायत की है। ऑस्ट्रेलियन कम्पीटिशन एंड कंज्यूमर कमिशन ने अपनी शिकायत में कहा है कि दुनिया के दूसरे देशों में Emission Scandal में घिरी फोक्सवैगन ने ऑस्ट्रेलिया में जान-बूझकर 57 हजार ऐसी गाडिय़ां बेचीं जिनमें एमिशन मानकों को चकमा देने वाला सॉफ्टवेयर Defeat Device लगा था।
कमिशन के चेअरमैन रॉड सिम्स के अनुसार एक ग्लोबल कम्पनी के खिलाफ जानबूझकर गड़बडी करने का आरोप है जो कि सामान्य बात नहीं है।
कमिशन का यह कानूनी कदम जर्मन कम्पनी पर वित्तीय रूप से बहुत भारी पड़ सकता है क्योंकि Emission Scandal में फंसी Volkswagen AG  पर ऑस्ट्रेलिया के साथ ही दुनिया भर के देशों में क्लास एक्शन सूट का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा कम्पनी पर ग्राहकों से धोखा करने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिये बड़ी पैनल्टी भी लगाई जा सकती है।
सितम्बर 2015 में एक लैब की टेस्ट रिपोर्ट से अमेरिका में Emission Scandal का जिन्न बोतल से बाहर आया। इसके बाद यूरोप, फिलीपिन्स, भारत, ऑस्ट्रेलिया व साउद कोरिया के अलावा कई देशों में कम्पनी पर एमिशन टेस्टिंग को चकमा देने के लिये 2 लीटर डीजल इंजन वाली गाडिय़ों में एक खास सॉफ्टवेयर जिसे Defeat Device कहा जाता है लगाने के आरोप लगे। यह सॉफ्टवेयर बहुत स्मार्ट है जो लैब टेस्ट के दौरान अपने आप एक्टिव होकर इंजन के एमिशन को घटा देता है जबकि सडक पर रिअल लाइफ ड्राइविंग के समय अपने आप बंद हो जाता है। जिससे रिअल लाइफ ड्राइविंग के समय फोक्सवैगन की ये प्रभावित गाडिय़ां तय एमिशन मानकों से कहीं ज्यादा धुआं छोड़ती हैं।
इस स्कैंडल के सामने आने के बाद Volkswagen AG ने दुनियाभर के देशों से फोक्सवैगन, ऑडी, स्कोडा और सीट ब्रांड की 2 लीटर के ई8 डीजल इंजन वाली 1 करोड़ 10 लाख गाडिय़ों को रीकाल करना पड़ा था।
मॉरिस ब्लेकबर्न नाम की लॉ कम्पनी ने ऑस्ट्रेलिया में कम्पनी सेे 90 हजार गाडिय़ों को बदलने सहित 75 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने की मांग की है।
Emission Scandal के चलते फोक्सवैगन अमेरिका में अपने 650 डीलरों को बिजनस में हुये नुकसान की भरपाई के लिये 1.2 अरब डॉलर के मुआवजे को मंजूर कर चुकी है।
ऑस्ट्रेलियन कम्पीटिशन एंड कंज्यूमर कमिशन ने कम्पनी से अपने *मिसकॉन्डक्ट* के लिये खुलेआम माफी मांगने, वित्तीय जुर्माना देने और पांच साल तक *करेक्टिव एडवरटाइजिंग* केम्पेन चलाने की मांग की है।
हालांकि फोक्सवैगन ऑस्ट्रेलिया ने एसीसीसी की मंशा पर सवाल उठाते हुये कहा है कि उसे लगता नहीं कि इससे कंज्यूमर को कोई फायदा होगा।
फोक्सवैगन द्वारा अमेरिका में 15 अरब डॉलर के क्लेम व जुर्माने को मंजूर कर लेने के बाद कम्पनी के यूरोपीय कस्टमर भी इसी तरह की डील की मांग कर रहे हैं। हालांकि कम्पनी ने कहा है कि यूरोपीय संघ में ऐसा कोई कानून नहीं है ऐेसे में वह क्लेम नहीं देगी। जिसका जर्मनी सहित यूरोपीय संघ के कई देशों की सरकारों व कंज्यूमर ग्रुप्स ने विरोध किया है और यूरोपीय देशों में भी वॉक्सवैगन एजी के खिलाफ सरकार और कंज्यूमर ग्रुप्स मुआवजे के लिए कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here