फोक्सवैगन Emission Scandal: कोरिया ने लगाया जुर्माना, रीकॉल भी

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VWएमिशन टेस्टिंग को चकमा देने के लिये एक करोड़ से ज्यादा गाडिय़ोंं में लगाये गये चीटिंग सॉफ्टवेयर Defeat Device के चलते अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया के कई देशों में Emission Scandal में फंसी Volkswagen पर दक्षिण कोरिया ने जुर्माना लगाया है। जुर्माना लगाने के साथ ही कम्पनी को 125522 गाडिय़ों को रीकॉल करने को भी कहा गया है। अमेरिका में भी Emission Scandal में कम्पनी के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्यवाही चल रही है।
दक्षिण कोरिया के पर्यावरण मंत्रालय ने Volkswagen को अगले साल 6 जनवरी तक रीकॉल प्लान पेश करने को कहा है। मंत्रालय ने अपने स्तर पर फोक्सवैगन गाडिय़ों की एमिशन टेस्टिंग की थी जिसमें पाया गया कि कुछ गाडिय़ों में एमिशन टेस्ट पास करने के लिये सॉफ्टवेयर लगाया गया।
रॉयटर की रिपोर्ट के अनुसार Emission Scandal में कम्पनी पर दक्षिण कोरिया में 14.1 बिलियन वॉन यानि करीब 1.231 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।
सैमसंग सिक्यॉरिटीज़ के एनेलिस्ट एस्थर यिम के अनुसार Volkswagen के खिलाफ की गई कार्यवाही अन्य देशों में उठाये गये कदमों जैसी ही है। जर्मनी ने Emission Scandal में अनिवार्य रीकॉल का आदेश दिया है वहीं अमेरिका जुर्माने की कार्यवाही कर रहा है। एक ही मामले में किसी ऑटोमेकर के खिलाफ दक्षिण कोरिया में लगाया गया यह सबसे बड़ा जुर्माना है और इससे इम्पोर्टेड गाडिय़ों के मार्केट शेयर पर असर पड़ सकता है।
फोक्सवैगन ने सितम्बर में यह माना था कि दुनियाभर में बिकीं उसकी 1.10 करोड़ डीजल गाडियों में एमिशन टेस्ट को चकमा देने के लिये स्मार्ट सॉफ्टवेयर Defeat Device का इस्तेमाल किया गया है।
Emission Scandal में शामिल कारों में लगा यह सॉफ्टवेयर एमिशन टेस्टिंग के दौरान एक्टिव हो जाता जिससे उत्सर्जन के आंकड़े कम आते जबकि वास्वविक रोड़ ड्राइविंग की स्थिति में अपने आप बंद हो जाता।
दक्षिण कोरिया में रीकॉल की जाने वाली डीजल कारों में 1.6 और 2.0 लीटर का ईए189 फैमिली का यूरोप-5 इंजन लगा है। इन गाडिय़ों को वर्ष 2008 से 2015 के बीच बेचा गया।
देश की सरकार 15 दूसरी ऑटो कम्पनियों के डीजल मॉडलों की भी जांच कर रही है और यह काम अप्रेल तक पूरा होना है। सरकार के इस कदम को देश में तेजी से बढ़ते विदेशी ब्रांड की कारों के आयात को नुकसान पहुंचाने की कोशिश माना जा रहा है। हाल के सालों में दक्षिण कोरिया में विदेशी खासकर जर्मन ब्रांड्स की कारों का इम्पोर्ट बहुत तेजी से बढ़ा है जिससे ह्यूंदे और किया मोटर्स को मार्केट शेयर के मामले में अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा है। Source:AutoNews.com Image Credit:BBC

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