Honda City के मुकाबले आ रही है Toyota Vios सेडान

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Vios Sedanकोई दो साल से ठंडे बस्ते में पड़े मिड सेडान मॉडल Toyota Vios को भारत में लाने के प्लान को टोयोटा अब अंतिम रूप दे रही है। स्ट्रेटेजी, प्रॉडक्ट लॉन्च और वॉल्यूम के मोर्चे पर असमंजस से गुजर रही टोयोटा बीस साल की मौजूदगी के बावजूद भारत में 5 परसेंट मार्केट शेयर हासिल करने के लिये संघर्ष कर रही है।

दुनिया के पांचवे बड़े कार मार्केट इंडिया में टोयोटा ने पिछला मॉडल टोयोटा लीवा जून 2011 में लॉन्च किया था। इससे पहले दिसम्बर 2010 में इसी का सेडान अवतार ईटिओस बाजार में आया था। बाद के 6 सालों में कम्पनी ने या तो पहले से मौजूद मॉडलों के फेसलिफ्ट या न्यू जेनरेशन मॉडल पेश किये हैं या फिर कैमरी हाइब्रिड जैसे नीश हाईएंड प्रॉडक्ट। टोयोटा को भारत आये 20 साल हो चुके हैं लेकिन कम्पनी का मार्केट शेयर 5 परसेंट को पार नहीं कर पा रहा है। लीवा और ईटिओस से वॉल्यूम में कोई खास फायदा नहीं होते देख कम्पनी ने मास मार्केट से किनारा कर लिया
है और अब पूरा फोकस प्रीमियम सैगमेंट पर बनाये रखना चाहती है।

2014 में खबर आई थी कि प्रीमियम सैगमेंट में अपना दांव बढ़ाने के लिये इनोवा और फॉच्र्यूनर जैसे सैगमेंट बेस्ट सेलर मॉडल बेचने वाली कम्पनी टोयोटा मिड सेडान मॉडल वायोस को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। लेकिन बीच के दो साल यह खबर आगे नहीं बढ़ पाई। अब जो अपडेट आ रहा है उसके अनुसार टोयोटा अगले साल Vios सेडान को भारत में लॉन्च करने के प्लान को अंतिम रूप दे रही है।

फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में टोयोटा ने भारत में 142500 गाडिय़ां बेचीं थीं जो 2015-16 में हुई 128500 यूनिट्स की सेल्स के मुकाबले 11 परसेंट ज्यादा है।
2016-17 में भारत में कुल 30.46 लाख पैसेंजर वेहीकल बिके थे जो 2015-16 में हुई 27.89 लाख यूनिट्स की सेल्स के मुकाबले 9.23 परसेंट ज्यादा है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कम्पनी Toyota Vios को अगली (2018) की दिवाली पर लॉन्च करना चाहती है। टोयोटा की कोशिश वायोस को सही प्राइस पर लॉन्च करने की है ताकि होन्डा सिटी, ह्यूंदे वरना और मारुति सियाज़ के दबदबे वाले इस सैगमेंट में उसका मिड सेडान मॉडल मुकाबला कर वॉल्यूम जेनरेट कर पाये। भारत के मिड सेडान सैगमेंट में फोक्सवैगन वेंतो और स्कोडा रैपिड आदि मॉडल भी मौजूद हैं।

भारत में अभी टोयोटा की सेल्स में आधे से ज्यादा हिस्सा इनोवा क्रिस्टा और फॉच्र्यूनर का है। इनोवा क्रिस्टा महिने में औसत 6 हजार बिकती हैं और फॉच्र्यूनर करीब 2 हजार।

टोयोटा ने एक्जेक्टिव सेडान सैगमेंट में कोरोला के जरिये दांव बढ़ाया था लेकिन अब यह ठंडी पड़ चुकी है।

Vios को टोयोटा थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया और फिलीपीन्स आदि कुछ आसियान देशों में पहले से बेच रही है और इन देशों में इसका मुकाबला होन्डा सिटी से है। आसियान के देशों में Toyota Vios की पोजिशनिंग होन्डा सिटी से थोड़ा कम प्राइस पर है और माना जा रहा है कि भारत में भी कम्पनी यही स्टे्रटेजी लेकर आगे बढ़ेगी।

अभी मिड सेडान सैगमेंट में मौजूद 5 मॉडलों में होन्डा सिटी की प्राइस बाकी मॉडलों के मुकाबले प्रीमियम है। जबकि मारुति सियाज़ एंट्री लेवल पर है और ह्यूंदे वरना की पोजिशनिंग इन दोनों मॉडलों के बीच की खाली जगह में की गई है। आसियान की तरह टोयोटा यदि वायोस को होन्डा सिटी से नीचे के प्राइस पॉइंट पर पेश करती है तो इसका मुकाबला सीधा ह्यूंदे वरना से होगा।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि Toyota Vios को कम्पनी 1.5 ली. के 108 बीएचपी पावर वाले पेट्रोल इंजन के साथ पेश करेगी। होन्डा सिटी की तरह वायोस में भी सीवीटी ट्रान्समिशन का विकल्प मिलेगा। संभावना यह भी है कि इसे 88 बीएचपी के कोरोला वाले डीजल इंजन के साथ भी पेश किया जाये हालांकि कम्पनी ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं किया है।

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