Takata Airbag : 3.4 करोड़ गाडिय़ां और होंगी रीकॉल

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3.4 करोड़ गाडिय़ों के ताजा रीकॉल के बाद Takata Airbag की गड़बड़ी के चलते दुनियाभर से 7 करोड़ गाडिय़ों को वापस बुलाये जाने की घोषणा हुई है। 

0Takata Airbag में किसी भी तरह के डिफेक्ट को कम्पनी 10 साल तक मानने को ही तैयार नहीं थी। लेकिन दुनिया भर की कम्पनियां 2008 से अब तक 3.6 करोड़ गाडिय़ों को रीकॉल कर चुकी हैं। अब जाकर ताकाता ने कहा है कि एअरबैग डिफेक्टिव है और अकेले अमेरिका से वह 3.4 करोड़ गाडिय़ों को रीकॉल कर रही है। अमेरिका की सडक़ों पर कुल 25 करोड़ गाडिय़ां हैं यानि इनमें से 14 फीसदी इस ताजा रीकॉल के दायरे में आ रही हैं।
Takata Airbag के साथ दिक्कत यह है कि वह हादसे की स्थिति में खुलने की बजाय धमाके से फटते हैं और नट-बोल्ट आदि हवा में उड़ते हैं जिससे पैसेंजर को चोट लगती है। एअरबैग फटने के सैंकड़ों मामले सामने आ चुके हैं और अकेले होन्डा ने 6 लोगों की मौत की बात स्वीकार की है।
इस मामले में अमेरिका के वेहीकल सेफ्टी रेगुलेटर एनएचटीएसए के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाये जा रहे हैं। 2009 में एनएचटीएसए Takata Airbag मामले में जांच भी शुरू की थी लेकिन 6 महिने बाद ही यह कहकर बंद कर दिया कि उसे पूरे सबूत नहीं मिले।
ताकाता के चेअरमैन और सीईओ शिगेहिसा ताकादा ने एक बयान जारी कर कहा है कि एक वर्ष तक कार कम्पनियों और एनएचटीएसए के साथ मिलकर की गई जांच से यह बात साबित हुई है कि Takata Airbag में गड़बड़ी है।
एनएचटीएसए को पेश ताजा रिपोर्ट में ताकाता ने कहा है कि Takata Airbag इन्फ्लेटर में जो प्रॉपेलेंट यानि विस्फोटक मैटीरियल इस्तेमाल किया जा रहा है वो बदलते मौसम और नमी के कारण खराब हो सकता है। ऐसा होने पर इसके धमाके के साथ फटने की आशंका होती है।
हालांकि ताकाता के कर्मचारी रहे इंजीनियरों ने दस साल पहले भी आशंका जताई थी कि विस्फोटक मैटीरियल बदलते मौसम और नमी से खराब हो सकता है। लेकिन कम्पनी के मैनेजमेंट ने उस पर ध्यान नहीं दिया।
अब कम्पनी ने यह भी स्वीकार किया है कि जांच में कुछ एअरबैग के इन्फ्लेटर मॉड्यूल में लीकेज के मामले भी सामने आये हैं जिससे उनमें नमी घुस सकती है। ऐसा होने पर धमाका और भी तेज हो सकता है। पिछले सप्ताह ही ताकाता से जुड़े रहे एक कन्सल्टेंट ने कहा था कि उसने 12-15 साल पहले इन एअरबैग के प्रोटोटाइप को टेस्ट किया था और टेस्ट में भी इन्फ्लेटर में लीकेज की बात सामने आई थी।
ताकाता ने भी एअरबैग फटने के शुरूआती मामले सामने आने के बाद 2004 में जांच करवाई थी जिसमें डिफेक्ट की बात पता चली थी लेकिन कम्पनी ने इस बारे में एनएचटीएसए को जानकारी नहीं दी। हालांकि इस आरोप को कम्पनी ने पूरी तरह से खारिज किया है। 
नवम्बर 2008 में Takata Airbag वाली 4 हजार कारों को रीकॉल किया था। इसके 6 महिने बाद एअरबैग फटने के हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई थी और कम्पनी को 5.10 लाख गाडिय़ों को रीकॉल करना पड़ा था।
अभी पिछले सप्ताह ही होन्डा, टोयोटा और निसान ने दुनियाभर से कुल 1.15 करोड़ कारों को रीकॉल करने की घोषणा की है।
3.4 करोड़ गाडिय़ों के ताजा रीकॉल के बाद Takata Airbag की गड़बड़ी के चलते दुनियाभर से 7 करोड़ गाडिय़ों को वापस बुलाये जाने की घोषणा हुई है। लेकिन इतनी बड़ी तादाद में एअरबैग की सप्लाई ही नहीं है। हालांकि ऑटोलिव और टीआरडब्ल्यू आदि कई कम्पनियों ने एअरबैग उत्पादन बढ़ाने की बात कही है लेकिन इन 7 करोड़ गाडिय़ों का मेंटीनेन्स होने में कई साल लग सकते हैं।

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