Takata Airbag रीकॉल 3.6 करोड़ पार

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Takata Airbag के इन्फ्लेटर मॉड्यूल में गड़बड़ी है जिसके कारण एअरबैग नियंत्रित तरीके से नहीं खुलता बल्कि धमाके के साथ फटता है जिससे मैटल पीस और नट-बोल्ट आदि उड़ते हैं जिससे ड्राइवर को चोट के दर्जनों और मौत के छह मामले सामने आ चुके हैं।

Car Wreck

टोयोटा, दाइहेत्सु, होन्डा और निसान द्वारा एक करोड़ से ज्यादा गाडिय़ों को रीकॉल करने के साथ ही Takata Airbag रीकॉल संकट 3 करोड़ 60 लाख कारों तक पहुंच चुका है। जापान कम्पनी ताकाता कॉर्प के बनाये एअरबैग में धमाके होने का पहला मामला नवम्बर 2008 में सामने आया था और इन छह सालों में दुनिया की करीब-करीब सभी कार कम्पनियां इसकी चपेट में आ चुकी हैं।
Takata Airbag की सबसे बड़ी खरीदार जापान की ही होन्डा मोटर कम्पनी है और इस गड़बड़ी का सबसे ज्यादा असर भी होन्डा पर ही पड़ा है। होन्डा अब तक Takata Airbag के कारण 1.96 करोड़ गाडिय़ों को दुनियाभर से रीकॉल कर चुकी है। वहीं टोयोटा को 81 लाख और निसान को इन छह सालों में 40 लाख गाडिय़ों को रीकॉल करना पड़ा है।
होन्डा ने कहा है कि रीकॉल का ताजा मामला Takata Airbag में पैदा हुई नई गड़बड़ी के कारण है। इसमें बिना हादसे के भी एअरबैग इन्फ्लेटर मॉड्यूल में लीकेज के कारण धमाका हो सकता है।
इस ताजा रीकॉल से पहले दुनिया की 10 बड़ी कार कम्पनियां 2.20 करोड़ गाडिय़ों को वापस बुला चुकी हैं। होन्डा ने कहा है कि वह अब तक रीकॉल की गई सिर्फ 19% गाडिय़ों को ही ठीक कर पाई है और इसका बड़ा कारण एअरबैग की सीमित सप्लाई है।
अमेरिका और जापान की एजेंसिया Takata Airbag के इन्फ्लेटर की जांच कर रही हैं। ड्राइवर साइड Takata Airbag के इन्फ्लेटर में इतनी तेजी से प्रेशर बढ़ता है कि वह खुलने के बजाय फटता है जिससे मैटल पीस आदि टूटकर उड़ते हैं और सवारियों को चोट आने की आशंका रहती है।
मामले की तह तक जाने के लिये दस कार कम्पनियों ने ऑर्बिटल एटीके को जांच का काम सौंपा है जबकि ताकाता ने जर्मनी के रिसर्च ग्रुप फ्रॉनहॉफर सोसायटी से Takata Airbag फटने की तकनीकी रिपोर्ट बनाने को कहा है।

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