Emission Scandal: कोरिया में लग गया फोक्सवैगन की गाडिय़ों पर बैन

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अमेरिका में मुआवजा और जुर्माना देकर फोक्सवैगन Emission Scandal से खड़े हुये संकट को कंट्रोल करने में कामयाब होती दिख रही है लेकिन दक्षिण कोरिया ने 80 मॉडलों की सेल्स को बैन कर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमेकर के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
दक्षिण कोरिया सरकार ने Emission Scandal में फोक्सवैगन ग्रुप जिनमें फोक्सवैगन, ऑडी और बेंटले ब्रांड्स के 80 मॉडलों का सर्टिफिकेट ना केवल रद्द कर दिया है बल्कि कम्पनी पर 16.06 मिलियन डॉलर का जुर्माना भी लगाया है। कम्पनी पर आरोप है कि इसने एमिशन और नॉइस टेस्ट के फर्जी रिकॉर्ड तैयार किये।
अमेरिका में Emission Scandal के कारण हुये डैमेज को कंट्रोल कर साख बचाने की कोशिश में लगी फोक्सवैगन के सामने दक्षिण कोरिया द्वारा की गई इस कड़ी कार्यवाही से एशिया में वॉल्यूम बढ़ाने की योजना को बड़ा झटका लग सकता है। Emission Scandal के कारण फोक्सवैगन को अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया के कई देशों से 1 करोड़ 10 लाख गाडिय़ों को रीकॉल करना पड़ा है। भारत में भी कम्पनी ने 3.23 लाख फोक्सवैगन, स्कोडा और ऑडी ब्रांड की गाडिय़ों को रीकॉल करने की घोषणा की है। 
हाल के सालों में कोरियाई लोगों में जर्मन ब्रांड की गाडिय़ों से *शान* दिखाने का चस्का बढ़ा है जिससे एक ओर कोरियाई ब्रांड ह्यूंदे को नुकसान हो रहा है और ऑडी, बीएमडब्ल्यू, मर्सीडीज, बेंटले, पोर्शा आदि जर्मन ब्रांड्स की सेल्स में उछाल आया है। इसी ट्रेंड का नतीजा है कि पांच साल में दक्षिण कोरिया में फोक्सवैगन ग्रुप का रेवेन्यू 3 गुना हो गया।
फोक्सवैगन ने दक्षिण कोरिया सरकार के इस कदम को *मोस्ट सीवियर* यानि बहुत कड़ा बताते हुये कानूनी चुनौती देने पर विचार करने की बात कही है।
अमेरिका में पिछले साल सितम्बर में फोक्सवैगन Emission Scandal सामने आया था। इसके बाद दक्षिण कोरिया में की गई जांच में चीटिंग सॉफ्टवेयर डिफीट डिवाइस की मौजूदगी और Emission Scandal की बात सामने आई थी।
दक्षिण कोरिया सरकार की इस कार्यवाही के चलते 2.09 लाख गाडिय़ों का फिटनस सर्टिफिकेट रद्द कर दिया गया है इनमें से ज्यादातर के लिये एमिशन को कारण बताया गया है। देश के पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार कम्पनी ने वर्ष 2007 से अब तक जितनी भी गाडिय़ां बेची हैं उनमें से 68 परसेंट इस एक्शन की चपेट में आ रही हैं।
फोक्सवैगन ब्रांड के लिये दक्षिण कोरिया कोई बहुत बड़ा मार्केट नहीं है लेकिन हाल के सालों में ऑडी और बेंटले के लिये बड़े मार्केट के रूप में उभरा है और यहां इन ब्रांड्स की ग्रोथ रेट भी बहुत ज्यादा है। सरकार के एक अधिकारी के अनुसार इन गाडिय़ों की नये सिरे से टेस्टिंग होगी और फिटनस सर्टिफिकेट दिये जायेंगे और इस काम में कम से कम 3 महिने लग जायेंगे। यदि एEmission Scandal के कारण घोषित रीकॉल की गई गाडिय़ों को रिपेयर करने में देरी होती है तो फोक्सवैगन को उन्हें दूसरे मॉडल की गाडिय़ों से बदलने के लिये कहा जा सकता है।
फोक्सवैगन ने अपने कस्टमर को एक लेटर लिखा है जिसमें कहा गया है वह सरकार के इस आदेश पर स्टे लेने पर विचार कर रही है। सरकार का आदेश आने से पहले ही 25 जुलाई से फोक्सवैगन ने अपनी ओर से अपने ज्यादातर मॉडलों की सेल्स रोक दी थी।
अमेरिका में कम्पनी ने करीब 14 अरब डॉलर के समझौते पर सहमति दे दी है। इसके अलावा भी कंज्यूमर, रेगुलेटर और राज्य सरकारों के मुकदमे चल रहे हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका में Emission Scandal की चपेट में आई हर एक गाड़ी के कस्टमर को मुआवजा देने पर फोक्सवैगन 10 हजार डॉलर तक खर्च करेगी। इसके उलट यूरोपीय देशों में कम्पनी ने ऐसा मुआवजा देने से साफ इंकार कर दिया है और इसका कंज्यूमर लॉबी ग्रुप भारी विरोध कर रहे हैं और कम्पनी से अमेरिका के बराबर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

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