सिंगापुर में Driverless Taxi की सवारी करेंगे आप

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nutonomy driverless taxi

गूगल, वोल्वो, जीएम, होन्डा, निसान, टोयोटा और यहां तक कि भारत की महिन्द्रा एंड महिन्द्रा भी Driverless कार की होड़ में शामिल हैं। गूगल की ऑटोनोमस यानि ड्राइवरलैस कार तो अमेरिका की आम सडक़ों पर कई लाख किलोमीटर चल चुकी हैं। लेकिन ये कम्पनियां जहां अभी अपनी टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग ही कर रही हैं वहीं सिंगापुर की स्टार्टअप Nutonomy ने Driverless Taxi का पब्लिक ट्रायल या कहें तो पायलट भी शुरू कर दिया है।

https://youtu.be/H47oNtawodk

Driverless Taxi का यह पब्लिक ट्रायल सिंगापुर की आम सडक़ों पर होगा। कम्पनी न्यूटोनॉमी ने कहा है कि वह कुछ चुने हुये लोगों को एप डाउनलोड करने का मौका देगी। फिर इन्हें इस एप से Driverless Taxi की राइड बुक करनी होगी। यह राइड फ्री दी जायेगी और साथ में कम्पनी का इंजीनियर भी होगा जो सभी तरह के डेटा पर नजर रखेगा और कंट्रोल अपने पास रखेगा।
न्यूटोनॉमी की योजना इस पब्लिक ट्रायल से मिले फीडबैक के आधार पर 2018 में Driverless Taxi का कमर्शियल लॉन्च करने की है।
कम्पनी ने टेक्नोलॉजी ट्रायल के लिये मित्सुबिशी आई-एमआईईवी और रेनो ज़ोन इलेक्ट्रिक आदि दो इलेक्ट्रिक कारों को मॉडीफाई किया गया है।
न्यूटोनॉमी के एक्जीक्यूटिव डग पार्कर के अनुसार कम्पनी अप्रेल से इस पूरे सिस्टम की प्राइवेट टेस्टिंग कर रही है और अच्छी परफॉर्मेन्स रहने के बाद ही पब्लिक ट्रायल शुरू किया गया है।
इस प्रॉजेक्ट पर डग पार्कर की कम्पनी न्यूटोनॉमी के साथ ही सिंगापुर सरकार भी काम कर रही है। पार्कर के अनुसार 2018 तक उनकी योजना सिंगापुर में 100 Driverless Taxi लॉन्च करने की है।
अभी हाल ही स्वीडन की कार कम्पनी वोल्वो एबी के साथ राइड हेलिंग सर्विस कम्पनी ऊबर ने 300 मिलियन डॉलर का एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत ऊबर के लिये वोल्वो एबी ड्राइवरलैस गाडिय़ां डवलप करेगी।
इज़रायल की ड्राइविंग असिस्टेंस सॉफ्टवेयर कम्पनी मोबाइलाई एनवी ने कहा है कि डेल्फी ऑटोमोटिव के साथ मिलकर जो ड्राइवरलैस गाड़ी डवलप की है उसका 2019 में प्रॉडक्शन शुरू हो जायेगा। इसी तरह फोर्ड ने कहा है कि उसकी सेल्फ ड्राइविंग कार 2021 में आयेगी।
कम्पनियां फिलहाल ड्राइवरलैस के बजाय ड्राइव असिस्ट फीचर्स को पुख्ता करने और यूजर तक पहुंचाने में लगी हैं। लेकिन टेस्ला कार के ऑटोपायलट मोड में हुये हादसे में एक व्यक्ति की जान जाने से टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ आशंकायें भी बनी हुई हैं।
टेस्ला का मानना है कि ऑटोपायलट ड्राइव असिस्ट सिस्टम है यानि यह आपकी मदद के लिये है ना कि आप सबकुछ इसके भरोसे छोडक़र ड्राइवर सीट पर नींद निकालने लगें। ऑटोपायलट मोड में एक्सीलरेशन, ब्रेकिंग और स्टीयरिंग का काम गाड़ी खुद कर लेती है लेकिन कभी कभी यह सिस्टम फैसला लेने में कन्फ्यूज हो जाता है। इसलिये टेस्ला मोटर्स ने कहा है कि ऑटोपायलट मोड में भी ड्राइवर के हाथ हमेशा स्टीयरिंग व्हील पर ही होने चाहियें। Image Credit:WSJ

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