BS3 फैसले पर SIAM ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई रिव्यू पिटिशन

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bs3 vehicle pollutionउम्मीद थी कि सियाम 29 मार्च को आये सुप्रीम कोर्ट के BS3 गाडिय़ों पर पाबंदी के फैसले को SIAM चुनौती देगी। लेकिन हुआ नहीं और 31 मार्च गुजर गया। टू-व्हीलर कम्पनियों को 7 लाख BS3 गाडिय़ों के स्टॉक को निपटाने के लिये 15 हजार रुपये तक का डिस्काउंट देना पड़ा। करीब-करीब माल निपट गया रिपोर्ट कहती है कि अब कम्पनियों के स्टॉक में सिर्फ 7 हजार BS3 टू-व्हीलर बचे हैं। लेकिन 90 हजार कमर्शियल वेहीकल्स (ट्रक, बस, मिनीट्रक) में से 50 हजार कम्पनियों और डीलरों के स्टॉक में खड़े हैं। अब SIAM के जरिये ऑटो इंडस्ट्री ने 29 मार्च के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन लगाई है।

SIAM की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस रिव्यू पिटिशन में उन मुद्दों को उठाया गया है जिनका सुप्रीम कोर्ट के 29 मार्च को आये फैसले में गौर नहीं किया गया। SIAM ने कहा कि सडक़ परिवहन मंत्रालय के 3 मार्च 2017 को जारी ऑफिस ऑर्डर जारी को 3 मार्च 2015 को जारी ऑफिस ऑर्डर मान लिया गया और इसी के आधार पर यह फैसला कर लिया गया कि सरकार ने ऑटो इंडस्ट्री को 1 अप्रेल 2017 तक BS3 गाडिय़ों का उत्पादन रोकने का साफ आदेश दे दिया था।

जबकि भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सिर्फ 3 सप्ताह पहले ही यह भरोसा दिलाया था कि BS3 गाडिय़ों के बचे हुये स्टॉक को 1 अप्रेल 2017 के बाद भी बेचने और रजिस्टर करने की अनुमति होगी और जैसा कि बीएस2 और BS3 मानक लागू करने के दौरान भी किया गया था।

सरकार द्वारा कम्पनियों को दिये गये भरोसे और कानूनों के आधार पर ऑटो इंडस्ट्री को यह उम्मीद थी कि BS3 गाडिय़ों के स्टॉक को 1 अप्रेल के बाद भी तब तक बेचने की छूट मिलेगी जब तक यह खत्म नहीं हो जाता।

SIAM ने अपनी रिव्यू पिटिशन में यह भी कहा कि बीएस4 मानकों को जिस तरह चरणबद्ध रूप से लागू किया गया उससे भी ऑटो इंडस्ट्री को मदद नहीं मिली। साथ ही यह भी कहा गया है कि ऑटो इंडस्ट्री ने बीएस4 मानकों के लिये टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने पर 25 हजार करोड़ रुपये खर्च किये हैं।

एक्सपर्ट कमिटी ऑन ऑटो फ्यूल विज़न एंड पॉलिसी 2025 की जिस रिपोर्ट को आधार बनाकर यह फैसला सुनाया गया है उसमें भी सिर्फ मैन्यूफैक्चरिंग की कटऑफ तारीख का ही जिक्र है और इसमें कहीं भी सेल्स व रजिस्ट्रेशन की बात नहीं कही गई है।

इन तकनीकी आधारों पर सियाम ने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसले पर फिर से विचार करने की प्रार्थना की है।

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