SIAM सालाना सम्मेलन: ऑटो इंडस्ट्री ने की एमिशन व सेफ्टी पर लॉन्ग टर्म रोडमैप की मांग

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SIAMपिछले कुछ महिनों में ऑटो इंडस्ट्री जिन चुनौतियों से गुजरी है उनकी आवाज SIAM के 56वें सालाना सम्मेलन में भी सुनाई दी। बिल्डिंग द नेशन, रेस्पॉन्सीबली की थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में इंडस्ट्री ने सरकार से पॉलिसी और रेगुलेशन के मामले में क्लेरिटी की मांग की।

दिल्ली एनसीआर में 2 लीटर से बड़े डीजल इंजन वाली गाडिय़ों पर बैन से ऑटो इंडस्ट्री को 4 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। इसके अलावा BS-4 से सीधे BS-6 उत्सर्जन मानक लागू करने के लिये समय की कमी के सवाल भी सम्मेलन में उठाये गये।

Automotive Mission Plan AMP 2026 के तहत 200 अरब डॉलर यानि 1211500 करोड़ रुपये का सेल्स टार्गेट रखा गया है और इसमें 35 से 40 परसेंट के बराबर यानि 462500 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया जाना है।
पॉलिसी एलाइनमेंट के मुद्दे पर पैनल डिस्कसन में भाग लेते हुये डिपार्टमेंट ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज के सेक्रेटरी गिरीश शंकर ने कहा कि एएमपी2026 के आखिर तक ऑटो इंडस्ट्री का देश के जीडीपी में योगदान 12 परसेंट तक पहुंच सकता है। अभी ऑटो इंडस्ट्री जीडीपी में 7 परसेंट योगदान दे रही है।

SIAM के जरिये ऑटो इंडस्ट्री ने सरकार से मांग की है कि टेक्निकल रेगुलेशन बनाने का जिम्मा सिर्फ एक ही मिनिस्ट्री को दिया जाना चाहिये।

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