SIAM: AMP2016-26 में 7 करोड़ यूनिट्स के प्रॉडक्शन का लक्ष्य

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Automobile-productionSIAM के वार्षिक सम्मेलन के मौके पर जारी ऑटोमोटिव मिशन प्लान 2016-26 AMP 2016-26 के ड्राफ्ट के अनुसार दौरान देश में वाहनों के उत्पादन की क्षमता को चार गुना बढ़ाकर 7 करोड़ यूनिट्स तक पहुंचाने का लक्ष्य है। SIAM के सालाना सम्मलेन के मौके पर जारी प्लान डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि इन दस वर्ष के दौरान यदि जीडीपी की औसत ग्रोथ रेट 7.5 फीसदी रहती है तो यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
प्लान डॉक्यूेंट के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में देश के मैन्यूफैक्चरिंग सैक्टर का कारोबार 1984173 करोड़ रुपये था और इसका जीडीपी में हिस्सा 17.18 फीसदी था। ऑटोमोटिव मिशन प्लान के तहत सरकार की योजना वर्ष 2022 तक इसे 25 फीसदी तक पहुंचाने की है।
2026 तक भारत की ऑटोमोटिव इंडस्ट्री का कारोबार 300 अरब डॉलर हो जायेगा और इससे 6.5 करोड़ नये रोजगार पैदा हो सकते हैं। देश के जीडीपी में फिलहाल ऑटो इंडस्ट्री का हिस्सा 7 फीसदी है जो नये एएमपी2016-26 के खत्म होने तक 12 फीसदी हो जाने का आंकलन है।
प्लान डॉक्यूमेंट में टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन के लिये औपचारिक सिस्टम तैयार करने के साथ ही वाहनों की एंड ऑफ लाइफ पर फैसला करने की भी जरूरत है ताकि स्क्रेपेज जैसी स्कीम को लागू किया जा सके। इस स्कीम के लिये देशभर में स्क्रेपेज सेंटर खोलने की मांग भी की गई है।

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