Road Accident Claim : नशे में ड्राइविंग के बावजूद मिला 38 लाख रुपये का मुआवजा

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Road accident, drunk drive, road safety, accident claimRoad Accident Claim के एक रेअर फैसले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने कहा है कि drink and drive पर हुये हादसे में यदि किसी की मौत हो जाती है तो हादसे के पीडि़त की जिम्मेदारी सिर्फ 25 परसेंट है।
Motor Accident Claim Tribunal ने 2008 में हुये एक हादसे में नशे में बाइक चला रहे बाइकर की Road Accident में मौत के मामले की सुनवाई करते हुये यह फैसला सुनाते हुये पीडि़त पक्ष को 38.10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
33 वर्ष के एक युवक की मुम्बई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के ट्रक के साथ हुये Road Accident में मौत हो गई थी। हादसे के समय युवक की बाइक पर दो सवारियां और बैठी थीं।
ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि ट्रक का ड्राइवर Road Accident के लिये ज्यादा जिम्मेदार था। हादसे के समय पीडि़त व्यक्ति Drunk Driving कर रहा था लेकिन ट्रक ड्राइवर का फर्ज़ था कि वो गाड़ी को कंट्रोल करता।
मुआवजे का हिसाब लगाते हुये ट्रिब्यूनल ने हादसे के पीडि़त की 1.4 लाख रुपये की आमदनी और भविष्य में होने वाली आय पर भी गौर किया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने कहा कि पीडि़त का मुआवजा 24.75 लाख रुपये बनता है लेकिन Road Accident के लिये उसकी 25 परसेंट जिम्मेदारी को ध्यान रखते हुये तय मुआवजे में से 25 परसेंट की कटौती की जाती है। इस तरह पीडि़त के परिजनोंं को 18.60 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिये। साथ ही पीडि़त की वाइफ को भावनात्मक नुकसान के पेटे  1 लाख और 1 लाख रुपये पीडि़त की मां को बेटे की मौत से हुये कष्ट व 50 हजार रुपये प्रॉपर्टी को हुये नुकसान व अंतिम संस्कार पर हुये खर्च के पेटे दिया जाये।
इस तरह Road Accident के इस मामले में ट्रिब्यूनल ने 21 लाख रुपये का कुल मुआवजा तय किया जिस पर ब्याज मिलाकर कुल मुआवजा 38.10 लाख रुपये बनता है।
Road Accident में पीडि़त प्रवीण माणे की मौत के बाद उसके परिवार के 6 सदस्यों ने जून 2008 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि यह Road Accident 22 मार्च 2008 को हुआ था और पीडि़त माणे संभलकर बाइक चला रहा था लेकिन ट्रक ड्राइवर ने तेज स्पीड पर व लापरवाही से ट्रक चलाते हुये एक्सीडेंट कर दिया। हादसे में माणे को कई चोटें आईं और अस्पताल ले जाते हुये रास्ते में उसकी मौत हो गई।
हालांकि बीएमसी ने अपना पक्ष रखते हुये कहा कि ट्रक ड्राइवर ने टर्न लेते हुये इंडिकेटर दिया था लेकिन एक बाइक पर तीन सवारी होने और तेज स्पीड के चलते पीडि़त कंट्रोल नहीं कर पाया और उसकी बाइक ट्रक से सामने से टकरा गई। ऐसे में Road Accident के लिये ट्रक ड्राइवर नहीं बल्कि पीडि़त जिम्मेदार है। Image Courtesy: TheNewsWheel

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