Petrol Pump Scam : आपको हर साल ऐसे लगता है 1500 रुपये का चूना?

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petrol pump chip scamयूपी में  Petrol Pump Scam की खबरें आपने दो महिने पहले खूब सुनी होंगी। राज्यभर के पेट्रोल पम्प की डिस्पेंसिंग मशीन में खास चिप लगी पाई गई। रिमोट कंट्रोल से जुड़ी हुई इस चिप के चलते आपको मीटर में तो पूरी नाप नज़र आती लेकिन हकीकत में उससे कम पेट्रोल मिलता जितने के आपने पैसे दिये। भारत में एक व्यक्ति एक वर्ष में औसत 148 ली. तेल/गैस अपनी अपनी गाड़ी में भरवाता है और यदि 5 परसेंट की भी चोरी होती है तो हर साल आपको 500 रुपये का नुकसान होता है और पता भी नहीं चलता। लेकिन पेट्रोल/डीजल लेने वाले कस्टमर है 45 करोड़। यानि इन 45 करोड़ ऑयल कंज्यूमर को एक साल में औसत 1528 रुपये का नुकसान Petrol Pump Scam के कारण होता है। अब शायद यह घपला न हो पाये क्योंकि भारत सरकार देशभर के पेट्रोल पम्प की मशीन को पासवर्ड लगाकर सेफ करने की तैयारी कर रही है। 

यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने केंद्र सरकार को लिखे एक लेटर में कहा कि Petrol Pump Scam का मामला सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं और बहुत संभव है कि देश के दूसरे राज्यों में भी इस तरह का घपला चल रहा हो। ऐसे में पूरे देश के पेट्रोल पम्प की मशीन की जांच की जानी चाहिये।

पेट्रोल पम्प मशीन पर पासवर्ड लगाने का फैसला हाल ही तेल कम्पनियों, सरकारी अधिकारियों और डिस्पेंसिंग मशीन बनाने वाली कम्पनियों के अधिकारियों की बैठक में लिया गया ताकि पेट्रोल पम्प की डिस्पेंसिंग मशीन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से छेड़छाड़ नहीं हो पाये।

यूपी के अलावा पेट्रोल पम्प पर कम नाप के ऐसे ही कई मामले महाराष्ट्र में भी सामने आये थे। रिमोट कंट्रोल्ड चिप लगी होने के कारण डिस्पेंसिंग मशीन का मीटर तो उतनी ही रीडिंग दिखाता जितने के आपने पैसे दिये लेकिन हकीकत में आपको तेल कम मिलता।

दरअसल नई ज़माने की पेट्रोल डिस्पेंसिंग मशीनों में पल्सर कार्ड नाम की खास डिवाइस लगी होती है जो यह हिसाब रखती है कि कितना तेल दिया गया।

कैसे होता है घपला

अभी डिस्पेंसिंग मशीन में लगी पल्सर कार्ड नाम की इस डिवाइस को हर राज्य का लीगल मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट यानि वाट एंड माप विभाग मैकेनिकल तरीके से सील करता है। लेकिन पेट्रोल पम्प वाले आमतौर पर पल्स फ्रिक्वेंसी एन्हांसर चिप का इस्तेमाल कर इस पल्सर कार्ड के सिस्टम में सेंध लगा देते हैं। यूपी एसटीएफ की Petrol Pump Scam जांच में सामने आया कि पल्स फ्रिक्वेंसी एन्हांसर चिप 50 हजार रुपये की आती है और एक ली. में से 50 से 70 मिली लीटर कम तेल देती है। आप एक ली. यानि 1000 मि. ली. के पैसे देते हैं और इस चिप के कारण आपको 930 से 950 मि. ली. ही तेल मिलता है। 

चूंकि 50-70 मिली ली. बहुत थोड़ी मात्रा होती है ऐसे में मायलेज में 2-5 किलोमीटर का ही फर्क पडऩे के कारण कस्टमर को शक नहीं होता। लेकिन यदि मान लिया जाये कि एक पेट्रोल पम्प दिन में औसत 30 हजार ली. तेल बेचता है तो उसे 1500 से 2 हजार ली. की बचत हो जाती है यानि सीधी-सीधी 1 से 1.5 लाख रुपये की चोरी एक दिन में।

कितना तेल बिकता है भारत में

तेल मंत्रालय की पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनेलिसिस सैल यानि पीपीएसी के आंकड़ों के अनुसार 2016 में भारत में 196.48 मिलियन टन पेट्रोल-डीजल-ऑटो एलपीजी की खपत हुई जो 2015 के मुकाबले 10.7 परसेंट ज्यादा थी।

आपको कितना नुकसान

यदि कुल तेल खपत 196480000000 किलोग्राम को 2016 में भारत की आबादी 1326801576 (132 करोड़) के हिसाब से देखें तो एक भारतीय एक वर्ष में औसत 148 ली. तेल/गैस अपनी गाड़ी में डलवाता है जो करीब 10 हजार रुपये का हुआ। यदि पेट्रोल पम्प पर आपको 5 परसेंट भी कम तेल मिलता है तो एक वर्ष में एक व्यक्ति को 500 रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है।

लेकिन

भारत में हर व्यक्ति के पास तो गाड़ी है नहीं। 1 हजार लोगों पर 20 कार आदि पैसेंजर वेहीकल हैं यानि करीब 2.60 करोड़ कार आदि पैसेंजर वेहीकल देश की सडक़ों पर चल रहे हैं। इनके अलावा करीब 40 करोड़ टू-व्हीलर भी हैं। फिर ट्रक-बस, ट्रेक्टर, हेवी अर्थ मूवर, थ्री-व्हीलर आदि भी हैं। यदि भारत की सडक़ों पर कुल 45 करोड़ वाहन मान लिये जायें तो पेट्रोल पम्प से पेट्रोल/डीजल लेने वाले कस्टमर हुये 45 करोड़।

आपकी जेब से कैसे निकलते हैं 1500 रुपये 

यदि भारत में तेल की कुल डिमांड 196480000000 किलोग्राम में कुल कस्टमर (45 करोड़) का भाग लगा दिया जाये तो पता चलता है कि एक व्यक्ति एक साल में औसत 436.62 ली. (कार, ट्रक-बस, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर सबका औसत) तेल लेता है। यदि तेल की औसत कीमत 70 रुपये लीटर मान ली जाये तो एक साल में आपका तेल पर खर्च हुआ 30563 रुपये (436.62×70=30563)। अब यदि पेट्रोल पम्प 5 परसेंट की भी चोरी कर रहे हैं यानि 1 ली. के बजाय 950 मि. ली. तेल दे रहे हैं तो आपको एक वर्ष में Petrol Pump Scam स्कैम के चलते नुकसान हुआ (30563 का 5 परसेंट) यानि करीब 1528 रुपये। 

यूपी में Petrol Pump Scam सामने आने के बाद अब राज्यों का लीगल मेट्रोलॉजी यानि बांट और माप विभाग जल्दी ही पेट्रोल पम्प की डिस्पेंसिंग मशीन को इलेक्ट्रिॉनिक पासवर्ड के जरिये सील करेगा।

लेकिन जरूरी नहीं कि देश में चल रहे सभी करीब 57 हजार पेट्रोल पम्प पर रिमोट कंट्रोल चिप से चोरी की जा रही हो। ऐसे में हर किसी को शक की नज़र से देखना भी ठीक नहीं है लेकिन बात निकली है और दूर तलक गई है तो सरकार जागी है और कुछ ही महिनों में शायद यह चोरी बंद हो जाये। Image courtesy:HP

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