सिर्फ 22 लाख की Tesla मॉडल3 से बदल जायेगा इलेक्ट्रिक कार का बाजार

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Model3Tesla मोटर्स ने पिछले साल 85 हजार इलेक्ट्रिक कार बेचकर टोयोटा, फोक्सवैगन, जीएम और होन्डा जैसी परम्परागत कार कम्पनियों के ग्रुप को तगड़ी चुनौती है। अब Tesla मोटर्स अपने सबसे कम कीमत वाली कार मॉडल3 का उत्पादन शुरू कर रही है। कम्पनी के फाउंडर Elon Musk ने कहा कि Model3 सभी टेस्ट और सर्टिफिकेशन हासिल करने में कामयाब रही है और 7 जुलाई से इसका प्रॉडक्शन शुरू हो जायेगा।

Tesla मोटर्स ने पिछले साल (2016) में मॉडल3 के लिये बुकिंग खोली थीं और 1 हजार डॉलर के बुकिंग अमाउंट पर 35 हजार डॉलर की इस कार के लिये उसे 4 लाख से ज्यादा कस्टमर मिल गये थे। यहां तक कि भारत से भी सैंकड़ों लोगों ने इसकी बुकिंग कराई थी। हालांकि कम्पनी ने टोटल बुकिंग का आंकड़ा नहीं बताया है लेकिन मस्क ने कहा की यदि आप आप बुकिंग कराते हैं तो 2019 में जाकर आपको मॉडल3 की डिलिवरी मिल पायेगी। इस बयान से मार्केट एनेलिस्ट अंदाजा लगा रहे हैं कि Tesla मोटर्स को मॉडल3 के लिये 5 लाख बुकिंग मिल चुकी हैं।

भारत के लिये टेस्ला मोटर्स की कितनी अहमियत है इसका अंदाजा इस बात से भी लग सकता है कि सितम्बर 2015 में खुद प्रधानमंत्री मोदी ने कम्पनी के मुख्यालय को विजिट कर एलन मस्क से मुलाकात की थी। मोदी के बाद सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडक़री भी Tesla मोटर्स का दौरा कर उसे भारत में कार प्लांट लगाने का न्यौता दे चुके हैं।
मस्क के अनुसार इसकी बुकिंग 28 जुलाई से शुरू होंगी।

यह 5-सीटर एक बार फुल चार्ज होने पर 333 किलोमीटर तक चल सकती है। कम्पनी की योजना हर सप्ताह 5 हजार Tesla कार बनाने की है और 2018 के आखिर तक यह आंकड़ा 10 हजार यूनिट्स तक ले जाने का टार्गेट है।

35 हजार डॉलर यानि अमेरिका में करीब 22 लाख रुपये की यह कार 100 की स्पीड सिर्फ 6 सैकंड मेें पकड़ सकती है।

एलन मस्क ने ट्वीट कर बताया कि Tesla का एसएन1 शुक्रवार को होगा यानि सीरियल नम्बर 1 की कार शुक्रवार को प्लांट से निकलेगी। उन्होंने आगे कहा कि दिसम्बर तक मॉडल3 का उत्पादन हर महिने 20 हजार यूनिट्स के लेवल तक पहुंच जायेगा।

पेपाल और स्पेसएक्स जैसी कम्पनियों के फाउंडर एलन मस्क ने Tesla मोटर्स की शुरूआत 14 साल पहले की थी और सबसे पहले लो वॉल्यूम वाले नीश स्पोर्ट्स मॉडल रोडस्टर को लॉन्च किया था। बाद के सालों में कम्पनी एक सेडान मॉडल एस और एक एसयूवी मॉडल एक्स भी लॉन्च कर चुकी है।
हालांकि मार्केट एनेलिस्ट्स का मानना है कि Tesla मोटर्स अब तक नीश सैगमेंट में ही गाडिय़ा बनाती व बेचती रही है ऐसे में मॉडल 3 जैसे मास वॉल्यूम मॉडल का उत्पादन उसके लिये आसान नहीं होगा। इसके अलावा इतनी गाडिय़ों को आफ्टर सेल्स सर्विस देना भी कम्पनी के लिये बड़ी चुनौती होगी। 2017 की शुरूआत में टेस्ला मोटर्स के दुनियाभर के देशों में सिर्फ 250 सर्विस सेंटर ही थे।
2016 के आखिर में दुनिया की सडक़ों पर कुल 20 लाख इलेक्ट्रिक कार थीं लेकिन अब इलेक्ट्रिक कार इंडस्ट्री टर्निंग पॉइंट पर पहुंच रही है और मार्केट एनेलिस्ट कहते हैं कि 2025 तक इलेक्ट्रिक कारों का हिस्सा 20 परसेंट तक पहुंच जायेगा। पिछले साल दुनिया में कुल 8.7 करोड़ कार व अन्य हल्के मोटर वाहन बिके थे।

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