Maruti Celerio : तन-मन-धन से हमसफर

3
707

Celerio graphicस्लो बाजार में नई टेक्नोलॉजी रेवोल्यूशन ला सकती है, ऑटो एक्स्पो में Celerio लॉन्च के मौके पर ये शब्द Maruti Suzuki के सीओओ मार्केटिंग मयंक पारीक ने बिज़डम ऑटो से कहे थे। पारीक के अनुसार शहरों में गाड़ी चलाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। शोरूम पर आने वाले 25 फीसदी ग्राहक ऑटो ट्रान्समिशन के बारे में पूछ-ताछ करते हैं लेकिन मैन्यूअल के मुकाबले एटी वैरियेंट करीब एक लाख रुपये महंगा होना और मायलेज 25 फीसदी घट जाने के कारण मजबूरी में मैन्यूअल वैरियेंट खरीदते हैं। Maruti Celerio के जरिये एएमटी यानि ऑटो मैन्यूअल ट्रान्समिशन टेक्नोलॉजी को लॉन्च करने के पीछे सोच यही है। इससे ऑटोमेटिक गाड़ी चलाने की सुविधा मिलेगी वो भी एक लाख नहीं बल्कि सिर्फ 40 हजार रुपये ज्यादा देने पर। Maruti Celerio का मायलेज मौजूदा मैन्यूअल वैरियेंटों से ज्यादा यानि 23.1 किमी है और मेंटीनेन्स भी बेहद किफायती। मारुति के इंजीनियरिंग प्रमुख आईवी राव ने बिज़डम ऑटो को बताया कि एएमटी टेक्नोलॉजी यूरोप में मौजूद है लेकिन ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। सस्ता होने के साथ ही बेहद फं क्शनल होने के कारण मारुति एएमटी को भारत में पेश कर रही है। 

क्या है एएमटी: Maruti Celerio में मैन्यूअल के साथ ही मैन्यूअल-एएमटी वैरियेंट हैं। न्यूट्रल से गियर लीवर को बाईं ओर धकेलते ही गाड़ी मैन्यूअल मोड में आ जाती है। गियर चढ़ाने हों तो गियर लीवर को नीचे की ओर करना पड़ता है और ऊपर की ओर धकेलने से गियर उतरते हैं। मैन्यूअल मोड में भी क्लच की जरूरत नहीं है यानि आपका काम सिर्फ गियर बदलने का है। ऑटो मोड में गाड़ी चलाने के लिये गियर लीवर को नीचे की ओर हल्का सा पुल करना पड़ता है इसके साथ ही गाड़ी ड्राइव मोड में आ जाती है। 

डिजायन एंड स्टायल: Maruti Celerio सीआईसीओ यानि सीको यानि कर्व इन कर्व आउट डिजायन थीम पर आधारित है और आपको फ्रंट, रियर और साइड प्रॉफाइल में डायनामिक कर्व नजर आयेंगे। सेलेरियो थाईलैंड मोटर शो में डिस्प्ले किये गये ए-विंड कॉन्सेप्ट पर आधारित है और इसका टॉल ब्वॉय डिजायन सुकूनभरा है। विंडशील्ड पैनोरेमिक है। हुड की कैरेक्टर लाइन्स से सेलेरियो का स्टान्स थोड़ा डोमिनेटिंग अहसास देता है। 6-स्पोक सिल्वर फिनिश वाले अलॉय व्हील सेलेरियो को स्पोर्टी बनाते हैं।
इंटीरियर एंड कम्फर्ट: कॉम्पेक्ट डिजायन के बावजूद इंटीरियर में खुलापन है। टॉलब्वॉय डिजायन से इनग्रेस और ईग्रेस यानि चढऩे व उतरने में परेशानी नहीं होती। पांच सवारियोंं के लिये हैडरूम, लैगरूम और एल्बो रूम ठीक-ठाक है। डैशबोर्ड में ब्लैक और ग्रे ड्यूअल टोन कलर्स का इस्तेमाल किया गया है। सेलेरियो में कम्पनी ने करीब 15 यूटिलिटी स्पेस दिये  हैं।
इंजन: इसमें 998 सीसी का के-10 बी एल्यूमिनियम इंजन है। टाइम टेस्टेड इस इंजन से 67 बीएचपी टॉप पावर और 90 एनएम टॉर्क मिल सकता है। Maruti Celerio की ट्यूनिंग कम्पनी ने इस तरह की है कि मैन्यूअल के मुकाबले एटी मोड में मायलेज घटता नहीं है। कम्पनी ने दोनो ड्राइव मोड के लिये 23 किमी के मायलेज का दावा किया है।
टेस्ट ड्राइव: ब्रेक पैडल को हल्का सा पुश करने पर ही गाड़ी स्टार्ट होगी। इसके बाद आपको यह तय करना होगा कि मैन्यूल मोड में गाड़ी चलाना चाहते हैं या ऑटो मोड में। मैन्यूअल मोड में गाड़ी किस गियर में चल रही है यह मीटर कंसोल में डिस्प्ले होता है। मैन्यूअल मोड भी बेहद सुविधाजनक है, हां इतना जरूर है कि शुरुआत में बिना क्लच एडजस्ट करने में थोड़ी दिक्कत हो। जहां तक बात है ऑटो गियर मोड की तो यह इस बजट में अर्बन ड्राइविंग के लिये आपकी तन और धन दोनों परेशानियां अपने ऊपर ले लेती है। इसमें एक क्रीपर फीचर भी है जिससे गाड़ी बिना एक्सीलरेटर दबाये 10 किमी तक कि हल्की रफ्तार से लुढक़ती है। यह फीचर अर्बन टेफिक को नेगोशियेट करने में बड़ी मदद कर सकता है।  

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here