Test Drive: मारुति Celerio डीजल

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Celerio डीजल में दुनिया का सबसे छोटा ऑटोमोटिव डीजल इंजन है जो रेस्पॉन्सिव भी है और 27.62 किमी का रिकॉर्ड मायलेज भी देता है।

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पिछले ऑटो एक्स्पो में मारुति ने कॉम्पेक्ट हैचबैक सैगमेंट में नया मॉडल Celerio लॉन्च किया था। इस मॉडल के साथ कम्पनी AMT यानि ऑटो मैन्यूअल गियर जिसे ईज़ीशिफ्ट भी कहते हैं भारत में लाई। कम्पनी ने अब Celerio के साथ सुजुकी द्वारा खुद डिजायन व डवलप किये पहले डीजल इंजन को ना केवल पहली बार कमर्शियलाइज किया है बल्कि इसकी लॉन्चिंग भी भारत में ही हुई है। यानि Celerio के साथ शुरूआती 15 महिनों में ही दो फर्स्ट  जुड़ गये हैं।

इंजन: Celerio डीजल में 793 सीसी का डीजल इंजन है। 2 सिलिंडर के इस इंजन से 47 बीएचपी पावर और 125 एनएम का टॉर्क मिलता है। सुजुकी का यह पहला डीजल इंजन है जो ऑल-एल्यूमिनियम होने के कारण वजन में हल्का और कॉम्पेक्ट है। मारुति सुजकी के पोर्टफोलियो में रिट्ज, स्विफ्ट, डिज़ायर, अर्टीगा और सियाज़ में डीजल इंजन पहले से मौजूद है लेकिन इनमें फिएट के 1.3 लीटर मल्टीजेट इंजन का इस्तेमाल किया जाता है जिसे मारुति ने डीडीआईएस नाम दिया है। Celerio में जो डीजल इंजन है इसे कम्पनी डीडीआईएस 125 कह रही है यहां 125 कोडिंग का मतलब टॉर्क से है। एक बात और यह दुनिया का सबसे छोटा ऑटोमोटिव डीजल इंजन है। 

सैगमेंट: भारत में कॉम्पेक्ट हैचबैक सैगमेंट में ह्यूंदे की ग्रांड आई-10 और शेवरले की बीट में भी डीजल ऑप्शन है। ग्रांड आई-10 में 3 सिलिंडर का 1120 सीसी डीजल इंजन है जिससे 70 बीएचपी पावर मिलती है। जबकि शेवरले बीट में 936 सीसी का इंजन है जिससे 58.5 बीएचपी पावर मिलती है। बीट डीजल 25.44 किमी मायलेज* के लम्बे समय तक भारत की सबसे फ्यूल एफीशियेंट कार रही है लेकिन अब 27.62 किमी के प्रमाणित मायलेज के साथ Celerio डीजल मारुति की ही सियाज़ को भी पीछे छोड़ चुकी है।

परफॉर्मेन्स: डीजल इंजन है और वो भी दो सिलिंडर का। इसका अंदाजा आपको स्टार्ट करते ही हो जायेगा। वाइब्रेशन भी महसूस होंगे और नॉइस भी। लेकिन दो सिलिंडर के बावजूद कम्पनी ने वाइब्रेशन और नॉइस को केबिन तक पहुंचने से रोकने के लिये जो काम किया है उसे अच्छा ही कहेंगे। इंजन की असली हरकत का अंदाजा बोनट खोलने से होता है।

कम आरपीएम पर क्रेकिंग नॉइस साफ महसूस होती है लेकिन दूसरे गियर के बाद इसमें लगातार कमी आती है। इंजन नॉइस भी आम डीजल इंजन जैसी नहीं है बल्कि इसे सॉफ्ट किया गया है जो इतना परेशान नहीं करती। बात इंजन की परफॉर्मेन्स की करें तो छोटा साइज का है इसलिये पावर थोड़ी कम महसूस होती है लेकिन 125 एनएम का टॉर्क आपको झटका देगा। 900 किलो से भी कम वजन के कारण टॉर्क का असर खुलकर नजर आता है। यदि अर्बन एरिया में सॉफ्ट ड्राइविंग करें तो कम स्पीड पर शुरूआत में इंजन पर कॉन्फीडेंस थोड़ा कम रहता है। लेकिन नया इंजन है और थोड़ा चलाने के बाद सही आरपीएम और सही टॉर्क का अंदाजा हो जाता है। फिर Celerio डीजल आपको बहुत कम्फर्टेबल, कॉम्पैक्ट और रेस्पॉन्सिव महसूस होगी।
ओवरऑल देखें तो Celerio डीजल CELERIO DIESELआपको परफॉर्मेन्स के मामले में निराश नहीं करेगी। इतना जरूर है कि नया इंजन है छोटा इंजन है तो इसे नये सिरे से समझने की जरूरत है।
प्राइस: Celerio डीजल को कम्पनी ने चार वैरियेंट्स एलडीआई, वीडीआई, ज़ीडीआई और ज़ीडीआई (ऑ) में पेश किया है। जिनके बाकी सभी फीचर पेट्रोल वैरियेंट्स वाले ही हैं। Celerio डीजल के एंट्री वैरियेंट एलडीआई की जयपुर में एक्स-शोरूम कीमत 4.79 लाख रुपये है। Celerio भारत की सबसे कम प्राइस वाली डीजल कार है। शेवरले बीट डीजल की शुरूआत 5.16 लाख रुपये से होती है जबकि ग्रांड आई-10 का डीजल में बेस वैरियेंट 5.66 लाख रुपये का है।

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