Aspirational फील का Mahindra को रिटर्न मिला निल!

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कोई पहेली नहीं है सब जानते हैं Mahindra बोलेरो गांव की गाड़ी है। या… फिर पुलिस की। अब यदि इसका विज्ञापन उम्फ अदाओं वाली फिरंग माॅडल्स पर साउद अफ्रीका की ग्लेमरस लोकेशन्स पर फिल्माया जाये तो!

Mahindra Bolero TVC Ad Source: Youtube

क्या इससे बोलेरो की आइडेंटिटी या कहें तो ब्रांडिंग पर कोई असर पड़ेगा। इसके लिये Aspiration की कहानी चाहे जितनी सुना ली जाये लेकिन प्राॅडक्ट यह टाइम टेस्टेड, राॅबस्ट, रगैड और फंक्शनल ही है और रहेगा।

बात सिर्फ बोलेरो की नहीं बल्कि Mahindra के ज्यादातर प्राॅडक्ट्स यहां तक कि स्कूटर और मोटरसाइकल की कहानी भी अमूमन सेक्सी माॅडल्स की जुबानी ही सुनाई गई है। स्कार्पियो मेकर महिन्द्रा की एस्पिरेशनल फील वाली फिरंग स्ट्रेटेजी तब पीक हो गई जब कम्पनी ने अपनी बजट मोटरसाइकल Centuro को भी उम्फ पर सवार कर इट्स ग्रेट टू बी मी का नारा दिया।

Mahindra Centuro Motorcycle Ad Source: Youtube

लेकिन फिरंग माॅडल्स और फिरंग लोकेशन्स को लेकर देसी दिग्गज महिन्द्रा में इतनी दीवानगी क्यों हैं ?

एक बार मौका मिला कम्पनी की मार्केटिंग लीडरशिप टीम के मेम्बर आशीष मलिक से बात करने का।
जवाब था…एस्पिरेशनल फील जगाने के लिये!

इस जवाब ने उलझन को और बढ़ा दिया …

कम्पनी ने एक्सयूवी500 को 2011 में लाॅन्च किया यानी अमूमन 9 साल हो गये। एक्सयूवी500 के साथ कई फर्स्ट जुड़े हुये हैं जैसे यह अपने समय में सबसे ज्यादा प्राइस की डिजायन्ड इन इंडिया और मेड इन इंडिया गाड़ी थी।

एक्सयूवी500 वाकई एक्स फैक्टर से लोडेड थी और है। 12 से 18 लाख रुपये की प्रीमियम पोजिशनिंग के बावजूद दर्जन भर शहरों में बसे हिंदुस्तानियों ने डिमांड के ऐसे फ्लडगेट तोड़े कि महिन्द्रा एंड महिन्द्रा को कुछ ही दिन में बुकिंग बंद करनी पड़ गई।

प्राॅडक्ट के लिहाज़ से एक्सयूवी500 की पैकेज़िंग में इतना उम्फ फैक्टर था कि लाॅन्च के बाद के 9 सालों में यह दो लाख से ज्यादा कस्टमर के दिल में जगह बना चुकी है।
और इसके लिये कम्पनी को ना किसी ओवर द टाॅप ब्रांडिंग की जरूरत पड़ी और ना ही एस्पिरेशनल मैसेजिंग की।

बाद के 9 सालों में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने टीयूवी300, मरात्सो, एक्सयूवी300 आदि नये तीन माॅडल लाॅन्च किये लेकिन ये तीनों माॅडल ना तो ब्रांड इक्विटी के रूप कम्पनी को कुछ दे पाये और ना ही वाॅल्यूम के लिहाज से। साथ में दी गई टेबल देखिये इसमें यूवी स्पेशलिस्ट महिन्द्रा और सो काॅल्ड स्माॅलकार ब्रांड मारुति के यूटिलिटी वेहीकल मार्केट शेयर का कम्पैरिज़न है।

Mahindra Vs. Maruti UV Market Share Comparison

FYMahindraMaruti
201153.691.8
201255.11.78
201347.6714.3
201441.7211.62
201537.4612.25
201637.916.1
201729.225.69
201825.3627.51
20192528.06
202018.9724.87

यदि स्थिति यह है तो फिर एस्पिरेशनल फील की उस मार्केटिंग स्ट्रेटेजी का क्या हुआ?

वो कहते हैं ना मर्ज़ बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की

अब, सवाल यह है कि यदि एस्पिरेशनल अपील क्रिएट करने के लिये महिन्द्रा इतने पापड़ बेल रही है तो फिर मज़ा क्यों नहीं आया?

महिन्द्रा को भटकाव का अंदाजा पहली बार टीयूवी300 लाॅन्च के समय हुआ।

Mahindra TUV300 Launch Video

Bahubali फेम Prabhas को ब्रांड एम्बेसडर बनाने और ट्रू ब्लू लैडरफ्रेम चैसिस वाली अकेली काॅम्पेक्ट एसयूवी के रूप में डिफरेंशियेटेड पोजिशनिंग की कोशिश के बावजूद Customers Snubbed It और सिर्फ जैसे-तैसे चलाने के बजाय सिर्फ 5 साल में TUV300 को फेजआउट कर देना पड़ा है।

हालांकि कम्पनी ने आधिकारिक रूप से अभी कुछ नहीं कहा है लेकिन BS6 अपग्रेड के बिना इसे वेबसाइट से हटाया जा चुका है। TUV300 की प्राइसिंग को लेकर भी Mahindra को डीलर्स की नाराज़गी झेलनी पड़ी। मैचबाॅक्स डिजायन के बावजूद टीयूवी300 की लेटेस्ट प्राइस 8.54 से 10.55 लाख रुपये के बीच है। इसके मुकाबले मारुति ब्रेज़ा, ह्यूंदे वेन्यू, की डिजायन अपील, प्राॅडक्ट पैकेजिंग और प्राइसिंग पर भी गौर किया जाना चाहिये।
इन्हीं अमूमन 5 सालों में मारुति की 5.31 लाख विटारा ब्रेज़ा बिक चुकी हैं।

Maruti Vitara Brezza Sales Cross 5 Lakh Milestone

FYUnit Sales
20165563
2017108640
2018148462
2019157880
2020110941
Total 531486

मारुति और ह्यूंदे जैसे कार ब्रांड्स के यूवी सैगमेंट में दखल बढ़ाने को देखते हुये महिन्द्रा एंड महिन्द्रा प्राइस पोजिशनिंग में डाउन द लैडर आने का फैसला कर मारुति स्विफ्ट के मुकाबले में KUV100 को लाॅन्च करती है। यंग हार्टथ्रोब वरुण धवन को ब्रांड एम्बेसेडर बनाकर लाॅन्च हुई केयूवी100 देश की इकलौती 6 सीट वाली माइक्रोएसयूवी थी। लेकिन इसे जो रेस्पाॅन्स मिला वो महिन्द्रा जैसे धाकड़ ब्रांड के लिये किसी धक्के से कम नहीं रहा। अब कम्पनी इस पर बेस्ड KUV100 Electric तैयार कर रही है जिसके कुछ महीनों में लॉन्च हो जाने की उम्मीद है जिसके कुछ महीनों में लॉन्च हो जाने की उम्मीद है।

2013 से 2019 के बीच महिन्द्रा सब-काॅम्पक्ट सैगमेंट में क्वांटो, नुवोस्पोर्ट, केयूवी100, टीयूवी300, एक्सयूवी300 और वेरिटो वाइब जैसे आधा दर्जन माॅडल लाॅन्च कर चुकी लेकिन अमूमन ये सभी कम्पनी और कस्टमर्स दोनों के लिये राॅ डील साबित हुये हैं।

इन सालों में इन 6 सब-काॅम्पेक्ट के साथ ही Mahindra मिड मिड और प्रीमियम सेगमेंट में मरात्सो और ऑलटुरास दांव लगा चुकी है लेकिन जमे हुये खिलाडियों को चैलेंजर के मकसद से आये ये प्राॅडक्ट्स भी कोई कमाल नहीं दिखा पाये।

नतीजा यह हुआ कि महिन्द्रा के सेल्स वाॅल्यूम और मार्केट शेयर के मामले में ग्लाइड नहीं स्लाइड करने लगी और 2013 से 2019 के बीच कम्पनी की यूवी सेल्स 2.80 लाख से घटकर 1.80 लाख यूनिट्स पर आ गई।

दूसरी ओर महिन्द्रा जैसे ही हालातों में फंसी Tata Motors यूवी में अपने दखल को बढ़ाती लग रही है।

Tata Motors UV Sales and Market Share

FYUnit SalesMarket Share
2018518915.63
2019787568.37
2020593816.28

और टाटा मोटर्स के लिये बदलाव की यह हवा Nexon को मिल रहे रेस्पाॅन्स के कारण चली है, वो भी बिना किसी सो काॅल्ड एस्पिरेशनल नैरेटिव के। नतीज़ा यह हुआ कि लाॅन्च के पहले 23 महिने में ही टाटा नेक्साॅन 1 लाख यूनिट्स के वाॅल्यूम को पार कर गई।

अपडेट यह है कि हमारे मन की बात महिन्द्रा एंड महिन्द्रा तक पहुंच गई है और कम्पनी अपनी पूरी यूवी स्ट्रेटेजी को रिव्यू कर कर रही है और उम्मीद है बैक टू बेसिक्स की यह कवायद महिन्द्रा के लिये नई अपाॅर्चुनिटी के दरवाजे खोलेगी।