भारत में रजिस्टर्ड गाड़ी का विदेश में Accident तो कौन देगा Insurance Claim?

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insurance claimपंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि यदि गाड़ी भारत में रजिस्टर्ड और इंश्यॉर्ड है लेकिन किसी दूसरे देश में उसका Road Accident होता है तो Insurance Claim को रिजेक्ट नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने यह आदेश हरियाणा के कुरुक्षेत्र के उन 54 तीर्थयात्रियों के परिवारजनों की अपील पर सुनाया है जिनकी वर्ष 1998 में नेपाल में Road Accident में मौत हो गई थी। ड्राइवर के कंट्रोल नहीं रख पाने के कारण तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस नेपाल की त्रिशूली नदी में गिर गई थी।

कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि मोटरवेहीकल एक्ट में यह साफ प्रावधान किया गया है कि इंश्योंरेंस पॉलिसी गाड़ी से जुडी होती है ना कि उस इलाके से जहां गाड़ी चल रही होती है।

एक बार इंश्योरेंस हो जाने के बाद गाड़ी का इंश्योरेंस कवरेज उन सभी भौगोलिक क्षेत्रों में होता है जहां कि गाड़ी को चलने की अनुमति मिली हुई है। इंश्योरेंस कम्पनी इस आधार पर Insurance Claim देने की अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कि गाड़ी किसी खास शहर, राज्य और भौगोलिक इलाके में चल रही थी।

जस्टिस राजबीर सहरावत ने यह भी कहा कि बीमा कम्पनी थर्ड पार्टी मुआवजे की जिम्मेदारियों से भी नहीं बच सकती।

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यह फैसला ट्रिब्यूनल के आदेश को खारिज करते हुये दिया।

जस्टिस सहरावत ने फैसले में कहा कि सैक्शन 1 में दी गई भाषा से लगता है कि मोटर वेहीकल एक्ट सिर्फ *हूल ऑफ इंडिया* यानी भारत में ही लागू होता है और भारत से बाहर के इलाके इसके दायरे में नहीं आते हैं। लेकिन यह तर्क भी बीमा कम्पनी को उसकी उस जिम्मेदारी से मुक्त नहीं कर सकता जो बीमित गाड़ी के भारत के भौगोलिक क्षेत्र से बाहर चलने पर पैदा होती है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस सैक्शन का अर्थ यह भी है कि एक्ट भारत के सभी नागरिकों व निवासियों पर लागू होता है।

यह मामला हाईकोर्ट में तब पहुंचा जब मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने बस मालिकों को इस हादसे में मारे गये एक व्यक्ति के परिवारजनों को Insurance Claim के रूप में 4.34 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया। ट्रिब्यूनल ने बीमा कम्पनी को यह कहते हुये मुआवजा देने से मुक्त कर दिया कि Road Accident नेपाल में हुआ है ऐसे में उसकी जिम्मेदारी नहीं बनती।

इंश्योरेंस कम्पनी ने हाईकोर्ट के सामने तर्क रखा कि पॉलिसी कवरेज गाड़ी के सिर्फ भारत में चलने तक ही सीमित है और भारत से बाहर हुये हादसे के वह Insurance Claim देने के लिये बाध्य नहीं है।

लेकिन ट्रिब्यूनल के ऑर्डर को रद्द करते हुये हाईकोर्ट ने कहा कि मुआवजे का भुगतान करने की जिम्मेदारी बीमा कम्पनी की है।

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