Emission Scandal : द. कोरिया ने निसान, बीएमडब्ल्यू और पोर्शा मॉडलों को किया बैन

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BMW, nissan and Porsche are facing ban and penalty in emission scandal

Emission Scandal के आरोप में द. कोरिया ने निसान, बीएमडब्ल्यू और पोर्शा के कुछ मॉडलों की सेल्स को बैन कर दिया है। द. कोरिया के पर्यावरण मंत्रालय ने कहा है कि इन कम्पनियों के दस मॉडलों को इम्पोर्ट करने के लिये जो Emission Testing के सर्टिफिकेट पेश किये उनमें गड़बड़ी है। ऐसे में इनके सर्टिफिकेट खारिज करने के साथ ही 59 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया जा रहा और क्रिमिनल केस भी दायर होगा।
फोक्सवैगन द्वारा Emission Testing के आंकड़ों से छेड़छाड़ करने की बात सामने आने पर द. कोरिया के पर्यावरण मंत्रालय ने अगस्त में विदेशों से इम्पोर्ट कर कोरिया में कार बेचने वाली 15 कम्पनियों के रिकॉर्ड की जांच शुरू की थी। निसान कोरिया पर इनफिनिटी क्यू50 और कशकाई मॉडलों के Emission Testing रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने का आरोप है। कोरिया सरकार ने Emission Testing रिकॉर्ड मेंं फर्जीवाडा पाये जाने पर मई में निसान कशकाई का सर्टिफिकेट खारिज कर जुर्माना लगा दिया था।
निसान कोरिया पर आरोप है कि उसने मर्सीडीज बेंज के Emission Testing रिकॉर्ड में काट-छांटकर इसका इनफिनिटी क्यू50 और कशकाई के लिये इस्तेमाल किया। इसी तरह बीएमडब्ल्यू कोरिया ने एक्स6एम के लिये एक्स5एम का टेस्ट रिकॉर्ड दिखाकर सर्टिफिकेट हासिल किया। पोर्शा ने भी 3 मॉडलों के Emission Testing रिकॉर्ड इसी तरह काट-छांट कर तैयार किये और मान्यता प्राप्त लैब में टेस्ट का गलत दावा किया जबकि इन मॉडलों की Emission Testing की ही नहीं गई।
द. कोरिया के क्लीन एअर कॉन्जर्वेशन एक्ट के तहत दोषी पाये जाने पर 7 साल तक की कैद और 10 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है।
द. कोरिया की सरकार मल्टीनेशनल कार कम्पनियों के खिलाफ पिछले कुछ सालों से लगातार कड़ा रुख बनाये हुये है। यूरोपीय संघ के साथ हुये फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के चलते देश में हाल के सालेां में इम्पोर्टेड खासकर जर्मन कारों की डिमांड और क्रेज़ बहुत तेजी से बढ़ा है जिसके चलते ह्यूंदे को अपने ही घर में ब्रांड और वॉल्यूम का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्ष 2016 में द. कोरिया में बिकी 15 परसेंट कार इम्पोर्टेड थीं जबकि दस साल पहले देश में मुश्किल से 2 परसेंट इम्पोर्टेड कारें बिकती थीं। सबसे ज्यादा डिमांड बीएमडब्ल्यू व मर्सीडीज बेंज के मॉडलों की है और 5 साल में विदेशी कार कम्पनियों की सेल्स कोरिया में दोगुना हो चुकी है।

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