Drunk Driving : नशे में एक्सीडेंट किया तो इंश्योरेंस क्लेम आप देंगे

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road safety drink n driveदुनिया की Road Accident कैपिटल भारत में हर साल पांच लाख सडक़ हादसों में करीब 1.46 लाख जान गंवाते हैं। लेकिन सरकार 2020 तक Road Accident में होने वाली मौतों की संख्या को आधा करने का टार्गेट लेकर चल रही है। Road Accident में मौतों का एक बड़ा कारण Drunk Driving है और इसे देखते हुये भारत सरकार ने पिछले दिनों संसद से पारित हुये नये मोटर वाहन एक्ट में ड्रंक ड्राइविंग के बढ़ते चलन पर कड़ा रुख अपनाते हुये खास प्रावधान किये हैं।

नये प्रावधान के अनुसार यदि कोई व्यक्ति शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुये एक्सीडेंट करता है तो बीमा कम्पनियां कोई क्लेम नहीं देंगी। बल्कि मृतक या घायल के मुआवजे का भुगतान Drunk Driving करने वाले व्यक्ति को करना होगा।

हालांकि रोड ट्रान्सपोर्ट मिनिस्ट्री ने नशे में ड्राइविंग कर एक्सीडेंट करने से हुई मौत की स्थिति में दोषी पर कल्पेबल होमिसाइड नॉट अमाउंटिंग टू मर्डर के लिये केस चलाने के प्रावधान को इस नये मोटर वेहीकल एक्ट में शामिल नहीं किया है। कल्पेबल होमिसाइड नॉट अमाउंटिंग टू मर्डर यानि गैर इरादतन हत्या गैर जमानती अपराध है और इसके लिये 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

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हालांकि रोड ट्रान्सपोर्ट मिनिस्ट्री ने संसद की समिति की सिफारिशों को मान लिया है लेकिन आईपीसी में संशोधन की जरूरत को देखते हुये इन सुझावों को गृह मंत्रालय को भेज दिया है।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मोटर वेहीकल एक्ट में Drunk Driving को लेकर किये गये नये प्रावधान डेटरेंट (हतोत्साहित करने) का काम करेंगे लेकिन आशंका है कि पीडि़त को बहुत कम मुआवजा मिल पाये क्योंकि मुआवजे का हिसाब Drunk Driving करने वाले व्यक्ति की आमदनी और हैसियत के आधार पर किया जायेगा।

ट्रान्सपोर्ट इंडस्ट्री की थिंकटेंक आईएफटीआरटी के एसपी सिंह का मानना है कि देश में पेशेवर ड्राइवरों की आमदनी बहुत कम है ऐसे में मोटर वेहीकल एक्ट में किये गये Drunk Driving से सम्बंधित इस प्रावधान से इंश्योरेंस कम्पनियों को फायदा होगा।

नये कानून में बच्चों के ड्राइविंग करने, ओवरस्पीडिंग, खतरनाक तरीके से ड्राइविंग की स्थिति में कड़े जुर्माने के अलावा, जेल की सजा और ड्राइविंग लायसेंस सस्पेंड करने के प्रावधान किये गये हैं। यदि इस तरह के मामलों में पुलिस आदि विभाग के कर्मचारी शामिल पाये जाते हैं तो उन पर दोगुना जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।

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