टेस्ला की Driverless Car ने एक्सीडेंट में ले ली एक की जान

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Electric Car Tesla Model S met with accident in autopilot mode killing driverगूगल, टोयोटा, होन्डा और वोल्वो सहित दुनिया भर की दिग्गज कार कम्पनियां ऑटोनोमस यानि Driverless Car पर अरबों डॉलर का इन्वेस्टमेंट कर रही हैं। गूगल की Driverless Car खुली सडक़ पर आम ट्रेफिक के बीच छोटे-मोटे हादसों को छोडक़र कई लाख किलोमीटर सुरक्षित तरीके से चल चुकी हैं। लेकिन Tesla Model S का ऑटोपायलट मोड में एक्सीडेंट होने से एक व्यक्ति की मौत हो जाने के कारण इस पूरी टेक्नोलॉजी के सुरक्षित होने पर सवाल खड़े हो गये हैं।

Tesla Model S को 40 साल के जोशुआ डी ब्राउन चला रहे थे। गाड़ी ऑटोपायलट मोड पर थी कि सामने से ट्रेक्टर ट्रेलर आया जिसकी साइड सफेद कलर की थी। टेस्ला मॉडल एस का कैमरा साइड के सफेद कलर के कारण ट्रेक्टर ट्रेलर को पहचानने में चूक गया और उसे लगा कि आसमान है। ऐसे में ऑटोमेटिक ब्रेकिंग सिस्टम एक्टिव नही हो पाया और गाड़ी ट्रेक्टर ट्रेलर से भिड़ गई। इस हादसे में जोशुआ की मौत हो गई और जोशुआ Driverless Car हादसे में जान गंवाने वाले दुनिया के पहले शख्स बन गये।

कहा जा रहा है कि गाड़ी को ऑटोपायलट पर डालकर जोशुआ स्क्रीन पर फिल्म देख रहे थे। हालांकि कम्पनी का कहना है कि मॉडल एस के इन्फोटेनमेंट सिस्टम में वीडियो प्ले का फीचर नहीं है। साथ ही कम्पनी ने यह भी कहा है कि ऑटोपायलट टेक्नोलॉजी अभी डवलप हो रही है ऐसे में सटीक नहीं है और आप इस पर आंख बंदकर भरोसा नहीं कर सकते। जब गाड़ी ऑटोपायलट मोड में हो तो भी आपके हाथ स्टीयरिंग व्हील पर रहने चाहियें तब जरूरत पडऩे पर गाड़ी का कंट्रोल आप खुद अपने हाथ में ले सकें। ऑटोपायलट सिस्टम खुद स्टीयरिंग व्हील पर आपके हाथ को फील करता है और यदि ऐसा नहीं तो आपको अलर्ट करता है।

माना जाता है कि दुनियाभर में जितने भी सडक़ हादसे होते हैं उनमें से 94 परसेंट इंसानी गलती के कारण होते हैं। ऐेसे में यदि Driverless Car को बढ़ावा दिया जाये तो बड़ी संख्या में रोड एक्सीडेंट में होने वाली मौतों को टाला जा सकता है।

अमेरिका के केलिफॉर्निया, फ्लोरिडा, मिशीगन, नेवादा, एरिज़ोना, नॉर्थ डाकोटा, टेनेसी, डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलम्बिया और यूटा राज्यों में Driverless Car कानूनी रूप से सडक़ों पर टेस्ट की जा सकती हैं।

अमेरिका में Driverless Car से हादसे के करीब एक दर्जन मामले सामने आ चुके हैं लेकिन ये बहुत ही मामूली रहे हैं। इनमें ना तो गाड़ी को ज्यादा नुकसान हुआ है और ना ही किसी की जान गई है।

अभी हाल ही जापान में हुये एक इंटरनेशनल सम्मेलन में आये विदेशी मेहमानों के ट्रान्सपोर्ट के लिये निसान की Driverless Car लगाई गई थीं। वर्ष 2020 में जापान में ओलम्पिक खेल होने हैं और इस मौके को देखते हुये टोयोटा व निसान सहित कई कम्पनियां Driverless Car की पूरी फ्लीट तैयार कर रही हैं। कम्पनियों का मानना है Driverless Car के टेक्नोलॉजी डेमॉन्स्ट्रेशन का ओलम्पिक से अच्छा कोई प्लेटफॉर्म शायद ही मिल पाये।

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