एग्रेसिव प्राइस के साथ आई होन्डा Jazz

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car-backJazz की पहली पारी में प्रीमियम प्राइस पोजिशनिंग के रूप में हुई गलती को सुधारते हुये Honda Car India ने नई पीढ़ी की Jazz को 5.31 लाख रुपये नई दिल्ली एक्स-शोरूम की बेहद आक्रामक शुरूआती कीमत पर लॉन्च किया है। यह होन्डा का चौथा मॉडल है जिसमें पेट्रोल के साथ डीजल इंजन ऑप्शन भी मिलेगा।
Jazzबिल्कुल नये प्लेटफॉर्म पर तैयार नई Jazz को पांच वैरियेंट्स ई, एस, एसवी, वी और वीएक्स के अलावा पेट्रोल में दो सीवीटी यानि ऑटो गियर के विकल्प भी दिये गये हैं। पेट्रोल Jazz में 1.2 लीटर का आईवीटेक इंजन है जिससे 89 बीएचपी पावर और 12.21 केजी का टॉर्क मिलता है। इस इंजन के लिये एआरएआई ने 18.7 किमी का मायलेज प्रमाणित किया है। दूसरा इंजन Amaze, City और Mobilio वाला 1.5 लीटर आईडीटेक है जिससे 98.6 बीएचपी पावर और 20.4 केजी का टॉर्क मिलता है। इस इंजन के लिये एआएआई मायलेज 27.3 किमी है और इस तरह Jazz देश का दूसरा सबसे फ्यूल एफीशियेंट मॉडल है। ह्यूंदे Elite I20 और Volkswagen Polo के प्राइस सैगमेंट में आई नई Jazz का व्हील बेस पहले के मुकाबले 30 मिमी और लम्बाई 55 मिमी ज्यादा है। पेट्रोल इंजन में 5-स्पीड का जबकि डीजल वैरियेंट में 6-स्पीड का मैन्यूअल गियरबॉक्स 6-स्पीड का है वहीं सीवीटी यानि ऑटो गियरबॉक्स 5-स्पीड का है।
नई Jazz में कम्पनी ने स्प्लिट, फोल्ड और फ्लिप सुविधा वाली मैजिक सीट्स दी हैं। अगली सीट्स को भी फुल रिक्लाइन किया जा सकता है। डीजल वैरियेंट में एबीएस-ईबीडी स्टेन्डर्ड फीचर हैं जबकि पेट्रोल के टॉप-3 वैरियेंट में ये सेफ्टी फीचर मिलेंगे। फ्रंट और पैसेंजर एअरबैग पेट्रोल व डीजल के टॉप-3 वैरियेंट और ऑटोगियर के दोनों वैरियेंंट्स में दिये गये हैं।
पहली पारी में Jazz बुरी तरह नाकामयाब रही थी और एक-सवा लाख रुपये के प्राइस कट के बावजूद बिक्री नहीं बढ़ते देख फरवरी 2013 में कम्पनी ने इसे फेज़आउट कर दिया था। नई पीढ़ी की Jazz में 95 फीसदी लोकल कम्पोनेंट हैं और इसी के चलते कम्पनी इसे आक्रामक कीमत में पेश करने में कामयाब रही है।
Jazz को होन्डा मोटर कम्पनी ने पहली बार 2001 में लॉन्च किया था और तब से इसकी 55 लाख यूनिट्स बिक चुकी हैं हालांकि जून 2009 से फरवरी 2013 के बीच पौने चार साल में भारत में सिर्फ 23 हजार Jazz ही बिक पाई थीं।
नई Jazz कम्पनी के टपूकड़ा राजस्थान प्लांट में बन रही है। कम्पनी इस प्लांट की कैपेसिटी को बढ़ाने के लिये 380 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। जिससे अगले वित्तीय वर्ष के आखिर तक टपूकड़ा प्लांट में साल में 1.80 लाख कारों का उत्पादन हो पायेगा और इसके साथ ही कम्पनी भारत में चल रहे दोनों प्लांट्स में कुल 3 लाख गाडिय़ों का उत्पादन करने की स्थिति में होगी।

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