Hit and Run : नाबालिग बच्चे ने किया Road Accident तो दोषी होंगे माता-पिता

0
698

hit and runमर्सीडीज Hit and Run मामले में दिल्ली पुलिस ने नाबालिग बच्चे के पिता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। टीनेजर बच्चे ने अपने पिता की मर्सीडीज कार चलाते हुये एक 32 साल के युवक का Road Accident किया जिसमें उसकी जान चली गई। दिल्ली पुलिस ने नाबालिग बच्चे की लापरवाही के लिये उसके पिता और ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराते हुये उनके खिलाफ सैशन कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपी बच्चे के पिता और ड्राइवर फिलहाल जमानत पर हैं।

आरोपी बच्चे के पिता मनोज अग्रवाल और ड्राइवर कपिल कुमार मिश्रा को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें जमानत मिल गई। जबकि बच्चे की मां इंदु अग्रवाल ने कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी।

 

इस मामले में बच्चे के पिता जो कि एक बड़े कारोबारी हैं को अबैटमेंट टू कल्पेबल होमीसाइड नॉट अमाउंट टू मर्डर यानि गैर इरादतन हत्या के लिये उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि आरोपी बच्चे के मां-बाप ने गाड़ी चलाने देकर गलत काम करने में इन्टेशनली एडेड यानि जानबूझकर मदद की।

हालांकि बचाव पक्ष के वकील जिनेन्द्र जैन ने कहा कि बच्चे के माता-पिता के खिलाफ कोई केस नहीं बनता है। बच्चे की किसी को मारने की मंशा नहीं थी ऐेसे में माता-पिता द्वारा अपराध को बढ़ावा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

आरोपी बच्चे के खिलाफ सैशन कोर्ट में अलग मामल चल रहा है। इस मामले में पुलिस ने कहा कि वह फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है उसके बाद सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर की जायेगी।

आरोपी बच्चे ने जुविनाइल जस्टिस बोर्ड के उस फैसले के खिलाफ भी अपील की है जिसमें उसने आरोप को बालिग मानते हुये कानूनी कार्यवाही करने का आदेश दिया था।

पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी बच्चा कानून का उल्लंघन करते हुये 3 साल से गाड़ी चला रहा था।
जिस गाड़ी से Road Accident किया गया वह आरोपी बच्चे के पिता मनोज अग्रवाल और मां इंदु अग्रवाल की कम्पनी के नाम रजिस्टर्ड है।

पुलिस ने कहा कि चूंकि मां ने कभी भी बच्चे को गाड़ी चलाने से नहीं रोका इसलिये वह भी अपराध के लिये बढ़ावा देने के इस मामले में बराबर की आरोपी है।

वहीं ड्राइवर कपिल कुमार मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट में कहा गया है कि उसने टीजेनर बच्चे को सजा से बचाने के लिये जानबूझकर पुलिस को गलत बयान दिया। लेकिन जैसे ही उसे खबर मिली की पीडि़त सिद्धार्थ शर्मा की मौत हो गई है वह अपने बयान से पलट गया। 

4 अप्रेल 2016 को यानि इस Road Accident के चार दिन बाद आरोपी लडक़ा बालिग हो गया था। पुलिस ने 26 मई 2016 को इस लडक़े के खिलाफ जुविनाइल जस्टिस बोर्ड में कल्पेबल होमीसाइड नॉट अमाउंटिंग टू मर्डर के आरोप में चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें ज्यादा से ज्यादा 10 साल की सजा का प्रावधान है।

चार्जशीट में पुलिस ने कहा कि इस लडक़े ने 4 अप्रेल 2016 को लुडलो कासल स्कूल के पास सडक़ पार कर रहे 32 साल के सिद्धार्थ शर्मा पर अपने पिता की मर्सीडीज कार चढ़ा दी। 4 जून 2016 को जुविनाइल जस्टिस बोर्ड ने हादसे को गंभीर अपराध मानते हुये कहा कि लडक़े को बालिग मानकर उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

जुविनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रॉटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट 2015 में संशोधन किया गया था जिससे गंभीर अपराध की स्थिति में नाबालिग पर भी सैशन्स कोर्ट में मामला चलाया जा सकता है। इस संशोधन के बाद यह पहला मामला है जिसमें किसी नाबालिग को बालिग मानते हुये कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

देश में हाईप्रॉफाइल Hit and Run मामलों पिछले कुछ सालों में बड़ी चर्चा में रहे है। ऐसा सबसे पहला मामला जो सुर्खियों में रहा वो बीएमडब्ल्यू हिट एंड रन का है जिसमें एक बड़े कारोबारी के बेेटे संजीव नंदा ने 1999 में खतरनाक तरीके से अपनी बीएमडब्ल्यू कार चलाते हुये दो पुलिस वालों सहित 4 लोगों को मार दिया था। इस मामले में 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी संजीव नंदा को दो साल की सजा, जुर्माना और 2 साल की समाज सेवा की सजा सुनाई थी।

फिल्म सितारे सलमान खान का Hit and Run केस अभी कोर्ट में चल रहा है जिसमें वे जमानत पर हैं।

इसी तरह के एक और हाईप्रॉफाइल मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज की वाइस प्रेसिडेंट जान्हवी गडक़र ने जून 2015 में नशे की हालत में ऑडी क्यू3 चलाते हुये टेक्सी में टक्कर दे मारी जिसमें 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। Photo Credit: IndiaTV

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here