GST : दस परसेंट तक महंगी हो जायेंगी एसयूवी और लक्जरी कार

0
330

CretaGST काउंसिल ने एसयूवी, मिडसाइज़ और लक्जरी कारों पर सैस को 15 से बढ़ाकर 25 परसेंट करने की सिफारिश की है। सरकार अब GST (कम्पेनसेशन टू स्टेट) एक्ट2017 में बदलाव करेगी और इसके साथ ही बड़ी गाडिय़ों पर सैस की लिमिट जो अभी 15 परसेंट है वो बढक़र 25 परसेंट हो जायेगी। यदि मारुति विटारा ब्रेज़ा की की बेस प्राइस 7 लाख मानी जाये तो GST कानून में इस संशोधन के लागू होने के बाद इसकी प्राइस 7.70 लाख हो जायेगी। लेकिन इसके दायरे में स्मॉल को छोडक़र सभी गाडिय़ां आयेंगी जिनमें मारुति सियाज़ और होन्डा सिटी भी है और स्कॉर्पियो, विटारा ब्रेज़ा आदि एसयूवी मॉडल भी। यानि मास सैगमेंट की गाडिय़ों की प्राइस एक से डेढ़ लाख रुपये तक बढ़ जायेगी।

फाइनेन्स मिनिस्ट्री ने कहा है कि केंद्र सरकार अब GST (कम्पेनसेशन टू स्टेट) एक्ट, 2017 में बदलाव करेगी। GST लागू होने के बाद वाहनों पर कुल टेक्स (जीएसटी+कम्पेनसेशन सैस) जीएसटी से पहले लगने वाले टेक्स के मुकाबले घटा है। काउंसिल ने केंद्र सरकार को एक्ट में संशोधन करने की सिफारिश की है ताकि वाहनों पर सैस की सीलिंग को 15 से बढ़ाकर 25 परसेंट किया जा सके।

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में GST काउंसिल ने इस मामले पर शनिवार की मीटिंग में चर्चा की थी।
लेकिन वित्त मंत्रालय ने बयान में आगे कहा है कि टेक्स को कब बढ़ाना है यह फैसला GST काउंसिल करेगी।

GST काउंसिल ने सभी तरह की कारों को 28 परसेंट जीएसटी के स्लैब में रखा था लेकिन एसयूवी, मिडसाइज कार, हाइब्रिड कार, लक्जरी कार और अन्य बड़े वाहनों पर 28 परसेंट के ऊपर 15 परसेेंट सैस लगाया गया था।

टेक्स में बढ़ोतरी होने से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल राज्यों को मुआवजा देने के लिये किया जायेगा।

GST लागू होने के बाद वैट आदि अन्य राज्य कर खत्म हो जाने से राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई पहले पांच साल केंद्र सरकार मुआवजा देकर करेगी और इसके लिये GST काउंसिल ने लक्जरी आइटम्स और तम्बाकू प्रॉडक्ट्स पर सिन टेक्स यानि अतिरिक्त सैस लगाया है।
1 जुलाई को GST सिस्टम लागू होने के साथ ही राज्यों के 17 कर और 23 तरह के सैस खत्म हो गये।

शनिवार को हुई GST काउंसिल की बैठक में यह आम सहमति बनकर उभरी कि बड़ी गाडिय़ों पर सैस की सीलिंग को 15 से बढ़ाकर 25 परसेंट किया जाये ताकि जरूरत के समय इसे लागू किया जा सके।

अभी 4 मीटर से कम लम्बाई और 1200 सीसी पेट्रोल इंजन वाली कारों पर 1 परसेंट सैस लगता है यानि इन पर कुल टेक्स 29 परसेंट लगता है। जबकि 1500 सीसी तक के डीजल इंजन वाली स्मॉल कारों पर 3 परसेंट सैस लगता है। मिडसाइज, बड़ी कार और एसयूवी को 28+15 परसेंट के स्लैब में रखा गया है।

GST से पहले इस कैटेगरी की गाडिय़ों पर 54 परसेंट तक टेक्स लगता था जो 1 जुलाई से घटकर 43 परसेंट रह गया। इस तरह टेक्स में करीब 10-11 परसेंट की कमी आने के कारण लक्जरी सैगमेंट की सभी कम्पनियों ने अलग-अलग मॉडलों की प्राइस में 10 लाख रुपये तक की कटौती की थी। लेकिन मिड सैगमेंट के कई और एसयूवी मॉडल महंगे हो गये थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here