Chevrolet गाडिय़ों वाले परेशान न हों, मिलते रहेंगे स्पेयर पार्ट्स, सर्विस और वॉरंटी

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chevrolet essentia chevrolet beat active3 साल से रिवर्स गियर में चल रही जनरल मोटर्स ने कहा है कि वह भारत में Chevrolet गाडिय़ों की सेल्स बंद कर रही है। कम्पनी ने कहा है कि वह 2017 के आखिर तक भारत में गाडिय़ां बेचना बंद कर देगी। लेकिन जनरल मोटर्स ने यह भी कहा है कि कस्टमर कॉल सेंटर चलता रहेगा और वॉरंटी व सर्विस एग्रीमेंट पहले की तरह मिलते रहेंगे। कम्पनी के अनुसार वह भारत में प्रभावित Chevrolet ग्राहकों को स्पेयर पार्ट्स और सर्विस देती रहेगी।

The customer support centre will remain open and all warranties and service agreements, as well as ongoing service and parts requirements for all vehicles, will continue to be honored. Customers can call 1-800-3000-8080, email them at [email protected] or visit chevrolet.co.in.

अभी हाल ही कम्पनी ने डीलरों को कहा था कि वह जुलाई में नई बीट को लॉन्च करेगी। हालांकि ऑटो एक्स्पो में Chevrolet ने बीट के कॉम्पेक्ट सेडान अवतार एक्सेंटिया को डिस्प्ले किया था लेकिन Chevrolet Essentia के लॉन्च के बारे में कम्पनी ने कुछ नहीं कहा।

2016 में कार सेल्स के मामले में भारत दुनिया में पांचवा बड़ा मार्केट रहा था। 2020 तक चीन और अमेरिका के बाद भारत के दुनिया का तीसरा बड़ा कार मार्केट बन जाने की बात कही जा रही है।

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अब सवाल यह है कि जनरल मोटर्स को भारत में बिजनस बंद करने का फैसला क्यों करना पड़ा।

तो इसका जबाव GM India की सेल्स परफॉर्मेन्स और प्रॉडक्ट पाइपलाइन में नजर आता है। वर्ष 2010 में भारत में शेवरले की 1.10 लाख गाडिय़ां बिकी थीं और 1996 में भारत में सेल्स शुरू करने के बाद ऐसा पहला मौका था जब कम्पनी ने एक ही साल में एक लाख के सेल्स लेवल को पार किया था। 2011 में जनरल मोटर्स इंडिया ने अपनी परफॉर्मेन्स में और सुधार किया और कम्पनी का सेल्स वॉल्यूम ऑलटाइम रिकॉर्ड 1.11 लाख के लेवल पर पहुंच गया। लेकिन इसके बाद सेल्स में गिरावट का जो दौर शुरू हुआ उसे कम्पनी Sail, UVA, Enjoy और Trailblazer आदि चार मॉडल लॉन्च करने के बावजूद रोक नहीं पाई। 2016 का अंत कम्पनी ने करीब 25 हजार यूनिट्स की बिक्री के साथ किया था।

यह स्थिति तब है जब कम्पनी 2013 में ही 3 लाख यूनिट्स के वॉल्यूम तक पहुंचने का टार्गेट लेकर चल रही थी।

2013 में 1.14 लाख Tavera Recall की घोषणा के बाद के सालों में सेल्स में गिरावट में तेजी का दौर अचानक बहुत तेज हो गया। भारत में रीकॉल कोई अजीब बात नहीं है और पैेसेंजर व टू-व्हीलर कम्पनियां मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट के लिये गाडियों को रीकॉल करती रहती हैं लेकिन Chevrolet Tavera के मामले में कहानी कुछ अलग थी। कम्पनी सर्टिफिकेशन के लिये तो अलग इंजन ट्यूनिंग वाली टवेरा दिखा रही थी और जो टवेरा मार्केट में बेच रही थी उनके इंजन की ट्यूनिंग अलग थी। यह एक फ्रॉड था और इसमें कम्पनी के कई बड़े अधिकारी शामिल थे। मामला खुला तो डैमेज कंट्रोल करने के लिये कम्पनी को दर्जन भर टॉप एक्जीक्यूटिव्स को बाहर का रास्ता दिखाना पड़ गया था।

2012 में नई सेल युवा के लॉन्च के साथ कम्पनी ने न्यू रेंज की गाडिय़ां बेचना शुरू किया था। इसके बाद 2013 में सेल सेडान और एंजॉय एमपीवी को लॉन्च किया था। लेकिन ये तीनों प्रॉडक्ट बुरी तरह फ्लॉप हो गये।

हालांकि 2015 मे जीएम इंडिया ने अपने ग्लोबल पोर्टफोलियो से Chevrolet Spin और शेवरले ट्रेलब्लेज़र को भारत लाने की घोषणा की । ट्रेलब्लेज़र तो लॉन्च भी हुई लेकिन Toyota Fortunner और Ford Endeavour के साथ मुकाबले मेें फंसी है वहीं शेवरले स्पिन का प्रॉजेक्ट बंद किया जा चुका है।

शेवरले के पोर्टफोलियो में भारत में टवेरा और बीट ही ऐसे प्रॉडक्ट हैं जो एक हद तक कामयाब रहे हैं। सेल युवा और एंजॉय फेज़आउट हो चुके हैं। नये प्रॉडक्ट पाइपलाइन में हैं नहीं इसलिये कम्पनी ने भारत में अपना काम समेटने का फैसला किया है।

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