Tavera के बंद होने का खतरा GM India को फिर आई Isuzu की याद

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taveraGM India का फिलहाल सबसे लम्बे समय से चल रहा और सबसे कामयाब मॉडल Tavera है। सितम्बर से फरवरी के बीच छह महिने में कम्पनी ने कुल 15223 गाडिय़ां बेचीं जिनमें से 5340 अकेली Tavera हैं। यानि कम्पनी हर महिने औसत 2500 गाडिय़ां बेच रही है और इनमें से 900 टवेरा होती हैं। यानि GM India के औसत वॉल्यूम में 35 फीसदी शेयर Tavera का है। लेकिन 1 अप्रेल 2017 से Tavera इतिहास हो सकती है। Tavera पर यह खतरा मंडरा रहा है और इसे टालने के लिये कम्पनी पूरी कोशिश कर रही है।

1 अप्रेल 2017 से सभी वाहन नये BS4 के दायरे में आ जायेंगे। BS4 से नीचे के Emission Norms वाला कोई भी मॉडल देश में लॉन्च नहीं हो पायेगा और जो मॉडल पहले से चल रहे उन्हें BS4 Emission Norms के लिये अपग्रेड करना होगा। जो अपग्रेड नहीं होंगे वो बंद हो जायेंगे और बिक नहीं पायेंगे। Tavera के भी 1 अप्रेल 2017 के बाद बंद हो जाने की आशंका है लेकिन कम्पनी इसे आगे भी चलाये रखना चाहती है।

खबर है कि इस दिशा में कोशिश बढ़ाते हुये जीएम इंडिया ने Tavera के लिये BS4 एमिशन नॉम्र्स पर खरे इंजन की तलाश शुरू कर दी है और इसके लिये अपनी पुरानी सहयोगी इसुजू से सम्पर्क किया है।

आपको बता दें कि भारत में जो Tavera बिकती है वो Isuzu का ही मॉडल है जिसे वह पेंथर के नाम से कुछ देशों में बेचती थी। शुरूआत में इसमे इंजन भी इसुजू का ही था लेकिन अप्रेल 2010 में BS4 एमिशन नॉम्र्स लागू हो जाने के बाद से सोनालिका के बनाये 2 लीटर के रोवर इंजन का इस्तेमाल किया जा रहा है जो कि BS3 मानक वाला है।

ऐसे मेें यदि Tavera के लिये BS4 इंजन नहीं मिल पाया तो यह 1 अप्रेल 2017 के बाद ना बन पायेगी और ना बिक पायेगी।

2013 में जीएम इंडिया को एमिशन टेस्टिंग में गड़बड़ी के चलते 1.13 लाख Tavera को रीकॉल करना पड़ा था और ढ़ाई साल गुजर जाने के बावजूद अभी 45-50 हजार Tavera को ही अपग्रेड किया जा सका है। कम्पनी की जांच में सामने आया कि एमिशन टेस्टिंग के लिये अलग ट्यूनिंग वाला इंजन दिया जा रहा था और बाजार में बिकने वाली Tavera में इंजन की ट्यूनिंग अलग थी। इस मामले के सामने आने के बाद दर्जन भर अधिकारियों को इस्तीफा देना पड़ा था।

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