GM India की रिकवरी के लिये SAIC की भारत वापसी की तैयारी

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chevrolet-enjoyतीन साल से GM India फ्री फॉल मोड में है। सेल्स वॉल्यूम करीब एक लाख से घटकर एक तिहाई रह गया। गुजरात के हलोल प्लांट को GM India बंद करने की घोषणा कर चुकी है। खबर है कि GM India यह प्लांट चीन में अपनी पार्टनर SAIC (साइक) मोटर कॉर्पोरेशन (शंघाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कॉर्प) को बेचने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि SAIC पांच साल बाद फिर से भारत के ऑटो मार्केट में उतरने की कोशिश में है और इसके लिये GM India के बेस का सहारा लेना चाहती है। कह यह भी सकते हैं कि GM India अपनी खिसक चुकी जमीन को फिर से SAIC के जरिये हासिल करने की कोशिश में है।
मई 2010 में भी GM India ने कहा था कि वह अपनी चीनी सहयोगी के एलसीवी मॉडल लॉन्च करेगी।
50:50 फीसदी की यह साझेदारी तो हो नहीं पाई और बाद में SAIC ने भारत से अपने हाथ पूरी तरह से खींच लिये थे लेकिन अब संकट में फंसी GM India इस चर्चा को आगे बढ़ाना चाहती है।
जुलाई में जनरल मोटर्स की सीईओ मैरा बैरा ने भारत में शेवरले मॉडलों की नई रेंज डवलप करने पर 1 अरब डॉलर का निवेश करने की बात कही थी। इस प्रॉजेक्ट को जनरल मोटर्स अपनी चीनी सहयोगी साइक के सहयोग से लागू करेगी।
साइक को अपने वुलिंग पिकअप मॉडलों के लिये भारत अच्छा बाजार नजर आता है और पहला मॉडल 2011 के आखिर में लॉन्च होना था। हालांकि इसमें ब्रांडिंग बड़ा रोड़ा बन गई थी। माना जा रहा है कि GM India अपनी कार डीलरशिप्स पर मिनी ट्रक डिस्प्ले करने के पक्ष में नहीं थी। कम्पनी को लगता था कि इससे उसकी ब्रांड पहचान पर असर पड़ेगा।
भारत में बीस साल की मौजूदगी के बावजूद GM India ना तो वॉल्यूम हासिल कर पाई है और ना ही कस्टमर का भरोसा। जबकि चीन में यह फोक्सवैगन के बाद दूसरी सबसे बड़ी कम्पनी है और इसमेें SAIC का बड़ा योगदान है। कम्पनी अब चीन के पार्टनरशिप मॉडल को भारत सहित एशिया-प्रशांत के दूसरे देशों तक ले जाना चाहती है।
SAIC खुद भी भारत आने के लिये बहुत उत्सुक रही है। कम्पनी के अधिकारी इस बात को स्वीकार करते रहे हैं वे भारत को अपना बेस बनाकर आसियान के देशों मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और फिलिपिन्स में उतरना चाहती है।
लेकिन वित्तीय संकट टलने के साथ ही जनरल मोटर्स भारत सहित दुनियाभर के देशों में खुद को मजबूत करने लगी है और GM India में SAIC की हिस्सेदारी 50 से घटकर 7 फीसदी पर आ गई। पिकअप लॉन्च करने का प्लान भी ठंडे बस्ते मेें चला गया और इसके साथ ही SAIC की भारत में उतरने की योजना खटाई में पड़ गई।
बढ़ती लागत के कारण जनरल मोटर्स का कोरिया प्रॉजेक्ट सही दिशा में बढ़ नहीं पा रहा है। ऐसे में भारत नये सिरे से कम्पनी के रडार पर है और इममें SAIC की भूमिका बहुत अहम हो सकती है।
नये इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिये GM India का अगले दस वर्ष में भारत में सेल्स वॉल्यूम 2.2 लाख और 5 फीसदी मार्केट शेयर तक पहुंचने का टार्गेट है।
हलोल प्लांट को लेकर GM India और SAIC के बीच बातचीत चल रही है और माना जा रहा है कि इसमें गुजरात सरकार भी शामिल है। चूंकि GM India अपना फोकस अब तालेगांव प्लांट पर रखना चाहती हैं ऐसे मेें हलोल प्लांट बंद करने के बजाय SAIC को सौंप सकती है।

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