फोर्ड का Self Parking System तैयार : अब खुद पार्क हो जाएगी कार

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अमेरिकी कार कम्पनी फोर्ड कारों के लिये एक Self Parking System डवलप कर रही है। जर्मन टेक्नोलाॅजी दिग्गज बॉश के सहयोग से डवलप किये जा रहे इस Automated Valet Parking System के चलते गाड़ी पार्किंग में खुद ही लग जाती है वो भी बिना किसी मानवीय दखल के।

फोर्ड का Self Parking System तैयार Source: Bosch

इसका मतलब यह हुआ कि फोर्ड द्वारा बॉश के सहयोग से डवलप किये गये इस ऑटोमेटेड Self Parking System के बाद ना तो आपको गाड़ी पार्क करने की ज़हमत खुद उठानी पड़ेगी ना ही पार्किंग मार्शल की मदद लेने की जरूरत होगी क्योंकि आपके कंधों से यह जिम्मेदारी कार खुद उठा लेगी। फोर्ड का दावा है कि Automated Valet Parking का अमेरिका में यह पहला प्राॅजेक्ट है।

इस Self Parking System को डवलप करने के लिये फोर्ड और बॉश के साथ रिअल एस्टेट कम्पनी बेडराॅक भी मदद कर रही है। फोर्ड सितम्बर में इस सिस्टम का डेमो करेगी। कम्पनी के चीफ टेक्नोलाॅजी ऑफिसर केन वॉशिंगटन के अनुसार फोर्ड को…पायलट360 ड्राइवर असिस्ट टेक्नोलाॅजी के लिये Self Parking System में बहुत संभवनायें हैं।

कैसे काम करता है ये:
आप या कहें तो ड्राइवर गाड़ी को पोर्टिको में छोड़कर सिर्फ स्मार्टफोन एप के जरिये उसे ऑटोमेटेड पार्किंग गैरेज में भेज सकता है। और लौटते समय भी गाड़ी लेने के लिये पार्किंग में नहीं जाना पड़ेगा बल्कि स्मार्टफोन एप जिस तरह गाड़ी को पार्क कर सकता है वैसे उसे बुला भी सकता है। इस गाड़ी का वेहीकल टू इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉश के बनाये इंटेलीजेंट पार्किंग सिस्टम के साथ सम्पर्क साधता है और यह सिस्टम गाड़ी में लगे सेंसर को पहचानता है और गाड़ी को सुरक्षित तरीके से चलाते हुये खाली पार्किंग स्पाॅट तक पहुंचाता है। बड़ी बात यह है कि गाड़ी के रास्ते में कोई रोड़ा महसूस होता है तो इसके तुरंत ब्रेक लग जाते हैं।

बॉश के डायरेक्टर केविन मुल के अनुसार बात सिर्फ पार्किंग तक सीमित नहीं है बल्कि यह सिस्टम वाॅश और चार्जिंग बे में भी काम आ सकता है।

रिअल एस्टेट कम्पनी बेडराॅक पार्किंग और मोबिलिटी में नई टेक्नोलाॅजी के साथ एक्सपेरिमेंट करती रही है।

इस तरह के Self Parking System का मकसद पार्किंग में लगने वाला समय घटाने और सुविधा बढ़ाने के साथ ही पार्किंग स्पेस का बेहतर मैनेजमेंट करना भी है। दावा है कि इस तरह के सेल्फ पार्किंग सिस्टम से पार्किंग स्पेस में 20 परसेंट गाड़ियां खड़ी की जा सकती हैं। क्योंकि कार का दरवाजा खोलने लायक जगह बनाने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि दरवाजा खोलने की जरूरत ही नहीं होगी।

बॉश के मुल के अनुसार इस Self Parking System में पार्किंग के फर्श पर लिडार सेंसर से लैस पिलर लगे होते हैं जो सर्वर से जुड़ते हैं। सर्वर वाई-फाई के जरिये गाड़ी को कमांड भेजता है जिसमें यह दर्ज होता है कि खाली पार्किंग स्पेस कहां है और वहां तक कैसे पहुंचा जा सकता है।

वहीं गैरेज में लगे लिडार पिलर में लगे सेंसर गाड़ी को रास्ते में इंसान की मौजूदगी या किसी रोड़े के बारे में अपडेट कर जरूरत के समय ब्रेकिंग लगाने का गाइडेंस देते हैं। बॉश के पार्किंग स्ट्रक्चर सिस्टम से सम्पर्क करने के लिये गाड़ी के अंदर भी वी2आई वेहीकल टू इन्फ्रास्ट्रक्चर कम्यूनिकेशन सिस्टम होता है।

हालांकि स्टीयरिंग, गियर बदलने, ब्रेक लगाने, इंडिकेटर देने, इंजन बंद करने रिमोट स्टार्ट और लाॅक-अनलाॅक करने की प्राॅसेस को पूरा करने के लिये इंटरनेट कनेक्टिविटी होना जरूरी है।

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