Mahindra की डीलरशिप पर बिकेगी Ford कार, इलेक्ट्रिक कार भी मिलकर बनायेंगे दोनों

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Mahindra Ford partnershipमई में दुनिया की टॉप-5 में शामिल अमेरिकी कार कम्पनी जनरल मोटर्स ने भारत में अपना कारोबार समेट लिया। भारत में मौजूदगी के 20 सालों में जनरल मोटर्स ब्रांड, वॉल्यूम और स्ट्रेटेजी के मोर्चे पर जूझती ही रही। अमेरिकी की ही दूसरी सबसे बड़ी कार कम्पनी Ford के लिये भी वॉल्यूम जेनरेट कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा है।

अभी सितम्बर में Ford और Mahindra के बीच भारत में पार्टनरशिप की बात शुरू हुई है और यह कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बहुत जल्दी Mahindra की डीलरशिप्स पर फोर्ड की गाडिय़ां भी डिस्प्ले होने की संभावना है।

आपको बता दें Ford और Mahindra पुराने पार्टनर हैं। फोर्ड ने भारत में 1995 में कदम रखे थे और Mahindra के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर बनाया था जिसका नाम महिन्द्रा फोर्ड इंडिया लि. था। इस जेवी के तहत Ford ने एस्कोर्ट मिड सेडान मॉडल लॉन्च किया था। हालांकि 1998 में महिन्द्रा इस 50:50 जेवी से अलग हो गई थी।

हालांकि यह प्लान अभी शुरूआती दौर में है लेकिन माना जा रहा है कि फोर्ड उन छोटे शहरों में Mahindra की डीलरशिप्स पर Ford के मिनी आउटलैट खोलना चाहती है जहां उसकी अपनी मौजूदगी नहीं है। इन इलाकों में सेल्स के अलावा Ford की गाडिय़ोंं की सर्विस की जिम्मेदारी भी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ही संभालेगी।

ये स्टोर निसान-डेटसन की तर्ज पर ड्यूअल ब्रांडिंग वाले होंगे और चर्चा है कि Ford इस तरह के 25 स्मॉल फॉर्मेट सेल्स एंड सर्विस आउटलैट शुरू करने की तैयारी कर चुकी है।

फोर्ड का मानना है कि छोटे रिटेल और सर्विस स्पेस के चलते इन्वेस्टमेंट और मैनपावर कॉस्ट भी कम होगी और इससे फोर्ड ब्रांड की विजिबिलिटी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

फोर्ड इंडिया के एमडी अनुराग मेहरोत्रा के अनुसार कई डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क शेयरिंग सहित कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। भारत में Mahindra के आउटलैट्स पर Ford और भारत से बाहर Ford के आउटलैट्स पर Mahindra की गाडिय़ां डिस्प्ले की जा सकती हैं।

Mahindra पीवी सैगमेंट में मारुति सुजुकी और ह्यूंदे के बाद भारत की तीसरी बड़ी कम्पनी है और इसके 1 हजार के करीब टचपॉइंट्स हैं। जबकि फोर्ड के टियर1 और टियर2 शहरों में कुल 465 आउटलैट्स ही हैं।

चूंकि Ford महिने में 6-7 हजार गाडिय़ां ही बेच पा रही है ऐसे में बड़े निपेश के चलते उसे नये डीलर बनाने में परेशानी आ रही है और इससे ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ नहीं पा रही है। Ford के पोर्टफोलियो में ईकोस्पोर्ट, फीगो, एस्पायर और एंडेवर आदि चार मॉडल हैं इनकी कुल सेल्स में आधा हिस्सा अकेले ईकोस्पोर्ट का है। फोर्ड भारत में अपने आइकॉनिक स्पोर्ट्स कार मॉडल मस्टैंग को भी बेच रही है।

फोर्ड का 30 लाख यूनिट्स के पैसेंजर वेहीकल सैगमेंट में सिर्फ 2.6 परसेंट मार्केट शेयर है।

इलेक्ट्रिक कार: दूसरी खबर यह है कि महिन्द्रा एंड महिन्द्रा और Ford मिलकर इलेक्ट्रिक कार डवलप करने के प्लान पर भी गौर कर रहे हैं।

इंटरनेशनल मीडिया महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के चेअरमैन आनंद महिन्द्रा के हवाले से आये बयान में कहा गया है कि Ford और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा मिलकर इलेक्ट्रिक कार रेंज लॉन्च कर सकते हैं। Mahindra के पोर्टफोलियो में अभी ई2ओ और ईवेरिटो इलेक्ट्रिक कार मॉडल मौजूद हैं। इनके अलावा कम्पनी ई-सुप्रो और ई-अल्फा इलेक्ट्रिक कमर्शियल वेहीकल भी बेचती है।

आनंद महिन्द्रा के अनुसार वे Ford के साथ मिलकर भारत के लिये नई इलेक्ट्रिक कार रेंज लाना चाहते हैं।
फोर्ड ने हाल ही कहा है कि वह चीन में अपने पार्टनर एन्हुई ज़ोट्ये ऑटोमोबाइल के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक कार रेंज लॉन्च करेगी।

महिन्द्रा एंड महिन्द्रा और फोर्ड मोटर कम्पनी ने सितम्बर में 3 साल के लिये पार्टनरशिप की घोषणा की थी जिसके तहत कॉस्ट कटिंग, नये मॉडल डवलपमेंट, इलेक्ट्रिक एंड कनेक्टेड कार पर दोनों कम्पनियां मिलकर काम करेंगी।

आनंद महिन्द्रा के अनुसार उनकी फोर्ड के एक्जेक्टिव चेअरमैन बिलफोर्ड के साथ बातचीत हुई है और इस पार्टनरशिप का फोकस इलेक्ट्रिक कार पर रहेगा।

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