फेस्टिव डिमांड से सभी सैगमेंट्स में बढ़ी गाडिय़ों की सेल्स

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SIAM October15 Salesयदि कम्पनियों के डिस्पैच फिगर्स को रिटेल सेल मान लिया जाये तो अक्टूबर की बिक्री से लगता है कि फेस्टिव सीजन अच्छा ही बीता है। पैेसेंजर व्हीकल्स की सेल्स 21.46 परसेंट के अच्छे जम्प के साथ 268629 यूनिट्स तक पहुंच गई। 2-व्हीलर की सेल्स 13.31 परसेंट बढक़र 1656235 यूनिट्स रही। एलसीवी सैगमेंट में लम्बे इंतजार के बाद ग्रोथ दर्ज की गई और सेल्स 6.83 फीसदी बढक़र 36815 के स्तर पर रही। पीवी, सीवी, 2-व्हीलर और 3-व्हीलर सहित कोई भी सैगमेंट अक्टूबर में ऐसा नहीं रहा जिसमें सेल्स में गिरावट आई हो। हालांकि मॉपेड, पैसेंजर थ्री-व्हीलर की सेल्स में मामूली कमी भी दर्ज की गई।
सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर के अनुसार अक्टूबर लगातार बारहवां महिना जब पैसेंजर सैगमेंट में सेल्स बढ़ी है और इसका कारण फेस्टिव डिमांड के साथ ही नये मॉडलों की लॉन्चिंग है।
कारों की सेल्स 22 परसेंट बढक़र 1.94 लाख यूनिट्स रही। हाल के महिनों में रेनो क्विड, फोर्ड न्यू फीगो व एस्पायर और मारुति बलेनो आदि नये कार मॉडल बाजार में आये हैं।
माथुर के अनुसार फेस्टिव सीजन का डिमांड का अच्छा असर पड़ा है। आने वाले महिनों में भी ट्रक-बस की तरह पैसेंजर मॉडलों की सेल्स नहीं घटेगी। साथ ही एलसीवी सैगमेंट में भी हालात बेहतर होने की उम्मीद है। देश की इकोनॉमी में तेज सुधार की उम्मीद, फायनेन्स और फ्यूल सस्ता होने और नये मॉडलों के लॉन्च से डिमांड और सेल्स में कुदरती सुधार आ सकता है।
ट्रक-बस की बिक्री रिप्लेसमेंट डिमांड के कारण बढ़ रही है। मालभाड़ा बढ़ रहा है इससे भी इकोनॉमी में ग्रोथ लौटने के संकेत मिल रहे हैं।
लेकिन टू-व्हीलर सैगमेंट के जो हालात हैं उन्हें अच्छा नहीं कहा जा सकता। रूरल इकोनॉमी की कमजोरी के कारण एंट्री लेवल बाइक्स की सेल्स में आई कमजोरी का असर आगे भी देखने को मिलेगा। बाइक्स के घाटे को पूरा करने के लिये कम्पनियां स्कूटर के डिस्पैच बढ़ा रही हंैं लेकिन सेमी अर्बन मार्केट्स में इनकी डिमांड में कमजोरी आई और यदि ट्रेंड मॉपेड सैगमेंट में भी बना हुआ है।

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