Driverless Scooter ताकि फोन में खोये पैदल चलते टकरा न जायें आप

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driverless scooter developed in Singapore

दुनियाभर के देशों में ड्राइवरलैस कार की चर्चा हो रही है। अमेरिका, यूरोप, जापान, कोरिया और चीन की कम्पनियों में बिना ड्राइवर की कार को सबसे पहले सडक़ पर उतारने की होड़ लगी है। दो महिने पहले सिंगापुर की एक स्टार्टअप ने न्यूटोनॉमी ड्राइवरलैस कार के रोड टेस्ट शुरू किये थे और अब खबर आ रही है कि ङ्क्षसगापुर की नेशनल यूनिवर्सिटी ने Driverless Scooter को डवलप किया है।

एक सीट वाले इस Driverless Scooter का वजन सिर्फ 50 किलो है। चार पहिये के इस Driverless Scooter की टॉपस्पीड 6 किलोमीटर है और इसमें लेजर लगे हुये हैं जो रास्ते की रुकावटों को पहचान लेते हैं।

स्मार्टफोन और टेक्स्टिंग में डूबे रहने वाले लोगों के कारण ट्रेफिक में पैदा होने वाली अड़चन और रोड एक्सीडेंट के मामलों में हाल के सालों में आई तेजी को देखते हुये इस Driverless Scooter को तैयार किया गया है। कई बार तो लोग स्मार्टफोन में इतने खो जाते हैं कि दो लोग आपस में टकरा जाते हैं।

इस Driverless Scooter को डवलप करने वाली टीम का दावा है कि यह मल्टीटास्किंग और स्मार्टफोन में खोये रहने वाले लोगों के लिये सडक़ पर चलने का सुरक्षित साधन है।

प्रॉजेक्ट लीडर और सिंगापुर नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रॉफेसर मारसेलो आंग जूनियर के अनुसार इसकी सवारी करते हुये आप बिना कोई खतरा उठाये हुये स्मार्टफोन पर काम कर सकते हैं।

सिंगापुर में ड्राइवरलैस कार टेक्सी न्यूटोनॉमी के रोड टेस्ट तो चल ही रहे हैं। सरकार की योजना ड्राइवरलैस बस चालू करने की भी है। आंग जूनियर का दावा है कि यह Driverless Scooter पूरे ड्राइवरलैस मोबिलिटी ईकोसिस्टम का हिस्सा बन सकता है।

इसे खासतौर पर उन संकरे रास्तों के लिये डवलप किया गया है जहां बड़ी गाडिय़ां नहीं चल सकतीं। हालांकि इसके रास्ते में यदि कोई रुकावट आ जाये तो इसे अपना रास्ता बदलने में कुछ सैकंड लगते हैं। यूनिवर्सिटी कैम्पस में इसके परीक्षण हुये हैं और यह कामयाब रहा है।

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सिंगापुर-एमआईटी अलायंस फोर रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (स्मार्ट) और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर द्वारा मिलकर डवलप किया गया यह Driverless Scooter अभी बाजार में नहीं आयेगा।

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