Hyundai पर क्यों लग गया 87 करोड़ रुपये का जुर्माना

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 CretaCCI ने देश की दूसरी बड़ी कार कम्पनी Hyundai पर 87 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कम्पनी पर आरोप था कि वह डिस्काउंट कंट्रोल सिस्टम लागू करती है जिसके तहत डीलरों को तयशुदा डिस्काउंट देने की ही अनुमति होती है और वे कम्पनी द्वारा तय से ज्यादा डिस्काउंट नहीं दे सकते। CCI (Competition Commission of India) ने अपने फैसले में कम्पनी को ऐसी एंटी कम्पीटिटिव पॉलिसी को खत्म करने का आदेश दिया है।

फैसले में सीसीआई ने कहा कि Hyundai का डीलरों का मैक्सीमम डिस्काउंट तय करना और उस पर निगाह रखने का सिस्टम बनाना एंटी कम्पीटिटिव व्यवहार के दायरे में आता है। जो डीलर कम्पनी के इस डिस्काउंट कंट्रोल सिस्टम की पालना नहीं करते उन पर पैनल्टी भी लगाई जाती है।

CCI ने अपने फैसले में कहा कि Hyundai का यह व्यवहार गाडिय़ों की सेल्स से सम्बंधित है ऐसे में जुर्माने का हिसाब भी सिर्फ कार सेल्स से होने वाली आमदनी के आधार पर ही किया जाना चाहिये।

Hyundai अपने डीलरों के लिये डिस्काउंट की एक लिमिट तय कर देती है और इस पर निगाह रखने के लिये एक कंट्रोल सिस्टम भी है। यदि डीलर तय रकम से ज्यादा डिस्काउंट देते हैं तो उनसे जुर्माना वसूलती है।

डीलरों के लिय मैक्सीमम डिस्काउंट की लिमिट तय करने, डिस्काउंट पर नजर रखने के लिये कंट्रोल सिस्टम लागू करने और तय से ज्यादा डिस्काउंट देने पर डीलरों पर पेनल्टी लगाने के आरोप को CCI ने एंटी कम्पीटिटिव और अनुचित व्यवहार माना है और इसके लिये Hyundai पर 87 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जो कि वित्त वर्ष 2013-14 के बाद के तीन वर्ष के औसत कार सेल्स टर्नओवर के 0.3 परसेंट के बराबर है।

CCI ने कम्पनी को ऑयल व ल्यूब्रिकेंट्स के मामले में भी दोषी माना। आरोप था कि Hyundai डीलरों को वही ऑयल/ल्यूब्रिकेंट इस्तेमाल करने के लिये मजबूर करती है जो कम्पनी ने तय कर रखे हैं। यदि डीलर किसी और कम्पनी के ऑयल/ल्यूब्रिकेंट काम में लेते हंै तो उन पर जुर्माना लगाया जाता है।

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