CarTube टनल में चलेंगी इलेक्ट्रिक ड्राइवरलैस कार

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cartube tunnel smart undergound electric driveless car systemअर्बन ट्रान्सपोर्ट की चुनौतियों खासकर ट्रेफिक जाम को देखते हुये लंदन की एक आर्किटेक्ट फर्म पीएलपी ने अंडरग्राउंड टनल में ड्राइवरलैस इलेक्ट्रिक कार सिस्टम CarTube का कॉन्सेप्ट डिजायन किया है।
इस सिस्टम में ड्राइवरलैस इलेक्ट्रिक कारों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम से मैनेज किया जायेगा।

माना आप अपनी सेल्फ ड्राइविंग इलेक्ट्रिक कार में बैठे हैं और रास्ते में सुरंग का दरवाजा नजर आता है और आपकी कार उसमें घुस जाती है और शहर के ट्रेफिक से गायब होकर अंडरग्राउंड चलती है। इस CarTube टनल में आपकी जैसी ही दूसरी स्मार्ट कारें भी चल रही होती हैं और सब मिलकर एक नेटवर्क सा बना लेती हैं।
cartube tunnel smart undergound electric driveless car systemयह पर्सनल वेहीकल ट्रान्सपोर्ट सिस्टम CarTube शहर के मौजूदा सडक़ नेटवर्क को छोटी सुरंग से जोड़ देता है। जमीन के ऊपर और जमीन के नीचे चलने वाली ऑटोमेटेड कारें एक डायनामिक प्लाटून सिस्टम के जरिये कंट्रोल की जाती है और मिलीसैकंड के हिसाब से चलती हैं।
वे कारें जो इस सिस्टम के अनुरूप हैं वे सीधे CarTube टनल में चल सकती हैं और जिनके पास इस सिस्टम में चलने लायक स्मार्ट कार नहीं है वे ऊबर, ओला की तरह राइड बुक कर सकते हैं।
पीएलपी का दावा है कि सिमुलेशन से साबित हुआ है कि CarTube सिस्टम में बाकी सभी ट्रान्सपोर्ट सिस्टम के मुकाबले एक घंटे का सफर 15 मिनट में ही हो जाता है और यह सिर्फ 10 साल में पूरी तरह डवलप हो जायेगा।
हालांकि सवाल यह भी उठाया जा सकता है कि दिल्ली, मुम्बई जैेसे घनी आबादी वाले शहरों में टनल नेटवर्क बनाकर उसमें हजारों कारों को चलाना क्या व्यावहारिक है। लेकिन पीएलपी का मानना है कि CarTube उन शहरों में ज्यादा कारगर है जहां ट्रेफिक जाम बहुत आम है।
CarTube सिस्टम में कारें प्लाटून बनाकर चलेंगी और यह डोर-टू-डोर सर्विस देगा यानि यह आपकी पर्सनल कार का विकल्प माना जा सकता है। दावा है कि यदि पूरे शहर को इस सिस्टम से जोड़ दिया जाये और इसमें औसत स्पीड 65 किलोमीटर हो तो 1 घंटे में 40 हजार पैसेंजर यात्रा कर सकते हैं।
चूंकि ये गाडिय़ां इलेक्ट्रिक होंगी ऐसे में CarTube टनल में वेंटिलेशन की कोई दिक्कत नहीं होगी और सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिये सैकंड के सौवें हिस्से का भी हिसाब रखेगा।
चूंकि CarTube सिस्टम पूरा अंडरग्राउंड होगा ऐसे में शहर में 6 लेन 8 लेन सडक़ बनाने में जगह की बर्बादी नहीं होगी।

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