Carnation Auto पर लटक रही है दिवालिया होने की तलवार

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carnation autoमल्टी ब्रांड कार सर्विस एंड यूज्ड कार सेल्स नेटवर्क चलाने वाली कम्पनी Carnation Auto पर दिवालिया होने की तलवार लटक रही है। मारुति सुजुकी के एमडी रहे जगदीश खट्टर ने कारनेशन ऑटो इंडिया की शुरूआत 2008 में की थी। पंजाब नेशनल बैंक ने नेशनल कम्पनी लॉ ट्रिब्यूनल से सम्पर्क कर कहा है कि Carnation Auto ने उससे 2009 में जो 170 करोड़ रुपये का कर्ज़ लिया था उसे लौटा नहीं पाई है। इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड यानी आईबीसी के तहत दायर इस शिकायत पर एनसीएलटी में सुनवाई गुरुवार को होगी।

Carnation Auto का बिजनस मॉडल इतना असरदार था कि विप्रो के अज़ीम प्रेमजी के फंड प्रेमजीइन्वेस्ट और आईएफसीआई वेंचर ने इसमें 108 करोड़ रुपये की पहली फंडिंग की थी। इसके बाद नेटवर्क को देशभर में फैलाने के लिये जगदीश खट्टर की इस कम्पनी ने पंजाब नेशनल बैंक से 170 करोड़ रुपये का लोन लिया था।

शुरूआत में कम्पनी की योजना देश में यूरोप और अमेरिका के कॉन्सेप्ट पर मल्टी ब्रांड कार डीलरशिप्स खोलने की थी लेकिन Carnation Auto के इस आइडिया को कार कम्पनियों का समर्थन नहीं मिला। इसके बाद कारनेशन ने मल्टी ब्रांड सर्विस के सैगमेंट में कदम रखा था और कुछ समय बाद प्री-ओन्ड कार रिटेलिंग शुरू की। लेकिन कारट्रेड और कारवाले सहित दर्जनभर यूज्ड कार क्लासिफाइड पोर्टल शुरू हो जाने के कारण यह कोशिश भी कामयाब नहीं हो पाई।

दूसरी ओर मल्टी ब्रांड सर्विस वर्टिकल में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा की कम्पनी महिन्द्रा फस्र्ट च्वॉइस सर्विस भी अचानक एक्टिव हो गई और इसने बहुत तेजी से अपने नेटवर्क का विस्तार किया। इससे भी Carnation Auto के लिये इस सैगमेेंट में मुकाबला कड़ा हो गया।

Carnation Auto के देश में अभी करीब 650 फ्रेंचाइजी पर चलने वाले सर्विस सेंटर है।

एनसीएलटी द्वारा Carnation Auto की इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये आईआरपी यानी इंटेरिम रेजॉल्यूशन प्रॉफेशनल के रूप में मुकेश मोहन को नियुक्त किया है और इनकी लिस्ट के अनुसार Carnation Auto पर पंजाब नेशनल बैंक का 140 करोड़, आईएफसीआई वेंचर का 28 करोड़ और हाशम इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेडिंग कम्पनी का करीब 288 करोड़ रुपया बकाया है।

इसके अलावा Carnation Auto पर सर्विस प्रॉवाइडर्स और स्टाफ का भी बकाया है।Image Source: Autocarpro

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