टेक्स बढऩे से 3 हजार से 5 लाख तक महंगी हो जायेंगी कारें

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maruti-suzuki-alto-800एक ओर ऑटो इंडस्ट्री बजट में स्क्रेपेज जैसी किसी स्टिमुलस स्कीम की उम्मीद कर रही थी दूसरी ओर वित्त मंत्री ने infra cess और luxury tax के नाम पर गाडिय़ों पर 1 से 4 फीसदी तक बोझ लाद दिया। टेक्स में हुई इस बढ़ोतरी से ऑल्टो-वैगन आर जैसी पेट्रोल गाडिय़ों की कीमत में 3 से 6 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई। पेट्रोल की स्मॉल कार पर 1 फीसदी इन्फ्रा सैस लगाया गया है। वहीं डीजल गाडिय़ों पर यह 2.5 फीसदी है जिससे मारुति की बेस्ट सेलर स्विफ्ट की प्राइस में कम से कम 15 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो जायेगी जबकि फोर्ड ईकोस्पोर्ट पर 25 हजार रुपये का इजाफा हो सकता है। वहीं होन्डा सिटी पेट्रोल 10 हजार रुपये तक और डीजल वैरियेंंट करीब 30 हजार रुपये महंगा हो जायेगा।

लक्जरी गाडिय़ों पर इन्फ्रास्ट्रक्चर सैस में 4 फीसदी का इजाफा किया गया है। वहीं दस लाख रुपये से अधिक कीमत की गाडिय़ों पर 2.5 फीसदी सैस के अलावा 1 फीसदी सर्विस चार्ज भी लगाया गया है। इस तरह महिन्द्रा एक्सयूवी500 जैसे मॉडलों की प्राइस में 3.5 फीसदी का इजाफा होगा।

लक्जरी सैगमेंट के एंट्री लेवल मॉडल जैसे मसीडीज ए-क्लास, ऑडी क्यू-3 आदि की कीमत एक-सवा लाख रुपये बढ़ जायेगी जबकि ऑडी ए8 जैसे हाई एंड मॉडलों पर 4-5 लाख रुपये का असर पड़ेगा।

बजट में जहां पैसेंजर सैगमेंट के सभी मॉडलों पर सैस लगाया गया है वहीं टू-व्हीलर और सीवी सैगमेंट को इससे अलग रखा गया है।

हालांकि माना जा रहा है कि ट्रान्सपोर्ट सैक्टर पर दो लाख रुपये से अधिक के बजट आवंटन और मनरेगा सहित गांवों के विकास की अन्य योजनाओं के बजट बढ़ाने से इकोनॉमी को फायदा होगा जिससे डिमांड में सुधार आ सकता है। इसके अलावा सरकार अगले कुछ महिनों में वेतन आयोग की सिफारिशों को भी लागू कर देगी जिससे केंद्र व राज्य सरकारों के कई करोड़ कर्मचारियों की खर्च करने लायक आमदनी बढ़ेगी जिसका फायदा ऑटो इंडस्ट्री को भी होगा।

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