Bajaj Auto ने की BS3 गाडिय़ां 31 मार्च के बाद बेचने पर पैनल्टी लगाने की मांग

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bs3 emission normsजैसे-जैसे BS3 की डेडलाइन नज़दीक आ रही है 1 अप्रेल नजदीक आ रही है ऑटो इंडस्ट्री के आपसी मतभेद दिखने लगे हैं। 1 अप्रेल से पूरे देश में सभी गाडिय़ों पर एक साथ BS4 एमिशन नॉर्म लागू हो रहे हैं। लेकिन ऑटो इंडस्ट्री ने सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग वाली एजेंंसी EPCA यानि एन्वायर्नमेंट पॉल्यूशन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल अथॉरिटी से 1 अप्रेल के बाद भी उन BS3 गाडिय़ों को बेचने और रजिस्टर करने की छूट देने की मांग की है जो कम्पनी या डीलर के स्टॉक में हैं। लेकिन डैडलाइन के बाद BS3 गाडिय़ां बेचने और रजिस्टर करने देने की मांग का Bajaj Auto ने विरोध किया।

Bajaj Auto ने कहा है वह डैडलाइन के लिये पूरी तरह से तैयार है और 1 अप्रेल के बाद ना तो BS3 गाडिय़ां बनायेगी और ना ही बेेचेगी।

Bajaj Auto के पोर्टफोलियो में 32 हजार रुपये की CT100 से लेकर 2.32 लाख रुपये की KTM Duke RC390 तक मॉडल हैं। कम्पनी ने कहा है कि वह अक्टूबर से ही BS4 गाडिय़ों का प्रॉडक्शन और डिस्पैच कर रही है। सीटी100, प्लेटिना, डिस्कवर, पल्सर, वी15, अवेंजर, केटीएम और डोमिनार तक एक भी मॉडल या ब्रांड अब BS3 नहीं है और सभी मॉडलों के इंजन को नये Emission Norms के लिहाज से अपग्रेड किया जा चुका है। यदि बाकी कम्पनियों को नये Emission Norms लागू होने के बावजूद 1 अप्रेल के बाद भी BS3 गाडिय़ां बेचने और रजिस्टर करने की छूट मिलती है तो उनकी गाडिय़ां बीएस4 के लिये अपग्रेड नहीं होने के कारण बजाज की गाडिय़ों के मुकाबले सस्ती पड़ेंगी इसका बजाज ऑटो को नुकसान होगा। 

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अभी सिर्फ बड़े शहरों और पर्यावरण व प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में ही BS4 पैसेंजर वेहीकल्स बिकते हैं।
ईपीसीए की पिछली मीटिंग में सियाम ने कहा था कि 1 अप्रेल तक BS3 वाले 7.5 लाख टू-व्हीलर, 75 हजार ट्रक-बस, 45 हजार 2-व्हीलर और 20 हजार पैसेंजर वेहीकल्स कम्पनी और डीलरों के स्टॉक मेंं बचे रह जायेंगे। ऐसे में यदि इन्हें डैडलाइन के बाद भी बेचने और रजिस्टर करने की छूट नहीं दी गई तो इन्हे स्क्रेप करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।

Bajaj Auto ने EPCA से दूसरी कम्पनियों की BS3 गाडिय़ों के बिना बिके स्टॉक को निपटाने के लिये 1 अप्रेल के बाद भी छूट देने की मांग का विरोध करते हुये कहा है कि अक्टूबर की मीटिंग में फैसला हो चुका और कम्पनियों को प्रॉडक्शन व स्टॉक एडजस्ट करने के लिये 5 महिने मिले थे फिर भी वे अपनी तैयारी नहीं कर पाई हैं। ऐसे में यदि EPCA इन कम्पनियों को डैडलाइन के बाद भी BS3 गाडिय़ां बेचने और रजिस्टर करने की इजाजत देता है तो उसे हर बिकने वाली BS3 गाड़ी पर पैनल्टी लगानी चाहिये।

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