GST: मारुति Ciaz और Ertiga डीजल हो सकती हैं 1 लाख रुपये तक सस्ती

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smart hybrid1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के साथ ही मारुति Ciaz और Ertiga डीजल के अलावा महिन्द्रा Scorpio के कुछ वैरियेंट्स 1 लाख रुपये तक महंगे हो गये थे। लेकिन अब सिर्फ एक महिने बाद ही इनकी प्राइस घटने की उम्मीद बढ़ रही है।

जीएसटी काउंसिल ने हाइब्रिड और माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम वाली गाडिय़ों को कोई रियायत नहीं देते हुये उन्हें 28+15 परसेंट के टेक्स स्लैब में रखा था। इस तरह मारुति Ertiga और Ciaz डीजल के अलावा महिन्द्रा स्कॉर्पियो के कुछ वैरियेंट्स एक लाख रुपये तक महंगे हो गये थे। 43 परसेंट के टेक्स स्लैब के साथ मिड और मास सैगमेंट के ये मॉडल ऑडी, बीएमडब्ल्यू और मर्सीडीज जैसे लक्जरी कार मॉडलों की कैटेगरी में शामिल हो गये थे।

दरअसल 5 अगस्त को GST काउंसिल की बैठक होगी। फाइनेन्स मिनिस्टर अरुण जेटली की अगुवाई में राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ जीएसटी लागू होने के पहले महिने की प्रगति की समीक्षा की जायेगी। साथ ही कपड़े सहित जिन आइटम्स पर जीएसटी स्लैब के रोलबैक की मांग उठ रही है उन पर भी विचार किया जायेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत सरकार ऑटो इंडस्ट्री की हाइब्रिड और माइल्ड हाइब्रिड मॉडलों पर लगने वाले 43 परसेंट टेक्स में कमी करने की मांग पर विचार कर रही है और इसे जीएसटी काउंसिल में विचार के लिये रखा जा सकता है।

जीएसटी सिस्टम में इलेक्ट्रिक गाडिय़ों को 12 परसेंट के स्लैब में रखा गया है। लेकिन हाइब्रिड गाडिय़ों पर 28 परसेंट जीएसटी दर के अलावा 15 परसेंट सैस भी लगाया गया है। इस तरह इन पर कुल टेक्स 43 परसेंट हो जाता है।
माना जा रहा है यदि सरकार जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में हाइब्रिड गाडिय़ों पर टेक्स घटाने की मांग को मान सकती है और इन पर अभी लागू 15 परसेंट सेस को हटाया जा सकता है।

यदि ऐसा होता है तो मारुति Ertiga, मारुति Ciaz के डीजल वैरियेंट्स और महिन्द्रा Scorpio 1 लाख रुपये तक सस्ती हो सकती है।

इन तीनों ही मॉडलों में माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम लगा है जिसमें छोटी इलेक्ट्रिक मोटर होती है जो बैटरी को चार्ज करती है। इसके अलावा माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम में ब्रेकिंग के दौरान बर्बाद होने वाली एनर्जी को रीसर्कुलेट कर बैटरी तक पहुंचाने वाला ब्रेक रीजेनरेटिव सिस्टम भी लगा होता है। कम्पनियों का दावा है कि माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम से गाडिय़ों की पावर और मायलेज दोनों बढ़ते हैं और एमिशन में कमी आती है।

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इससे पहले सरकार फेम स्कीम मिल रही सब्सिडी भी माइल्ड हाइब्रिड मॉडलों के लिये बंद कर चुकी है।

इन तीन मास मॉडलों के अलावा टोयोटा कैमरी, होन्डा अकॉर्ड और टोयोटा प्रायस जैसे फुल हाइब्रिड मॉडल भी जीएसटी के तहत 43 परसेंट के टेक्स स्लैब में आ गये हैं। इसी तरह बीएमडब्ल्यू आई8, वोल्वो एक्ससी90 प्लग इन हाइब्रिड आदि मॉडल भी 10 लाख रुपये तक महंगे हो गये।

हाइब्रिड गाडिय़ों को 43 परसेंट के ऊंचे टेक्स स्लैब में रखने का सबसे ज्यादा विरोध जापानी कम्पनी टोयोटा ने किया था क्योंकि इसकी कैमरी हाइब्रिड भारत में बनने वाली अकेली फुल हाइब्रिड कार है और करीब 32 लाख रुपये की प्री-जीएसटी प्राइस के बावजूद इसकी साल मेंं करीब 1 हजार यूनिट्स बिकती हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जापानी कम्पनियों होन्डा और टोयोटा के अलावा निसान ने भी इसका विरोध किया था क्योंकि इसकी जल्दी लॉन्च होने वाली एक्सट्रेल एसयूवी भी हाइब्रिड है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय, यूरोपीय और जापानी कार लॉबी ने मिलकर सरकार को हाइब्रिड कारों जीएसटी स्लैब में कटौती करने के लिये मना लिया है और इसकी औपचारिक घोषणा 5 अगस्त की जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में की जा सकती है।

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