ऑटो इंडस्ट्री में ऑल अराउंड ग्रोथ का दौर

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SIAM January 2016साल का पहला महिना जनवरी ऑटो इंडस्ट्री के लिये अच्छा गुजरा। 15 महिने बाद बाइक्स की सेल्स में ग्रोथ हुई वहीं एलसीवी खासकर मिनीट्रक वॉल्यूम भी 6.53 बढ़ा। हालांकि कारों की सेल्स में 0.72 फीसदी की बहुत मामूली गिरावट आई लेकिन इसका कारण ईयर एंड में डिस्पैच बढऩे से डीलर के यहां जमा एक्स्ट्रा स्टॉक रहा। यानि पैसेंजर, बाइक्स और एलसीवी तीनों सैगमेंट्स में जनवरी में ग्रोथ हुई जो बहुत अच्छा संकेत है।

जनवरी में 168303 कार की सेल्स हुई जो जनवरी2015 में हुई 169527 यूनिट्स की सेल्स के मुकाबले -0.72 फीसदी कम है। कारों की सेल्स में 14 महिने में पहली बार गिरावट आई है। इससे पहले अक्टूबर 2014 में सेल्स 3.34 फीसदी गिरी थी। हालांकि यूवी मॉडलों की सेल्स 3.44 फीसदी और वैन की 7.54 फीसदी बढ़ी है लेकिन पैसेंजर सैगमेंट की कुल ग्रोथ सिर्फ 0.61 फीसदी ही रही। हालांकि चार-पांच नये यूवी मॉडलों की लॉन्चिंग के बावजूद इस सैगमेंट की सेल्स में सिर्फ 1600 यूनिट्स का फायदा नजर आ रह है।

SIAM के महानिदेशक विष्णु माथुर के अनुसार भले ही कारों की सेल्स में गिरावट बहुत ज्यादा नहीं हो लेकिन इससे पता चलता है कि रिकवरी बहुत कमजोर है। अगले एक-दो महिने में सही अंदाजा लग पायेगा।

जनवरी मेंं मीडियम और भारी ट्रक-बस की सेल्स 28533 यूनिट्स रही जो 33.56 फीसदी का अच्छा खासा उछाल है। पिछले दिनों अशोक लेलैंड के प्रेसिडेंट राजीव सहारिया से बात हुई तो उन्होंने बताया कि तीन साल तक ट्रान्सपोर्टरों ने जरूरत के मुकाबले कहीं कम नई गाडिय़ां खरीदी थीं। लेकिन अब इकोनॉमी की बेहतर स्थिति को देखते हुये ट्रान्सपोर्टर नई गाडिय़ां खरीद रहे हैं इसी के चलते मीडियम और भारी ट्रक की सेल्स में उछाल आ रहा है।

एलसीवी सैगमेंट में जनवरी में बाउंस बैक नजर आया। इस महिने इन मॉडलोंं की सेल्स 6.53 फीसदी की अच्छी ग्रोथ के साथ 31118 के मुकाबले 33150 यूनिट्स रही।

टू-व्हीलर इंडस्ट्री के लिये अच्छी खबर यह है कि बाइक्स की सेल्स में गिरावट का दौर थमा है और जनवरी में 0.44 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। हालांकि रूरल इकोनॉमी पर दबाव बना रहने के कारण टिकाऊ ग्रोथ के लिये कुछ महिने इंतजार करना पड़ेगा। जनवरी में बाइक्स की सेल्स 868505 के मुकाबले 0.44 फीसदी बढक़र 872325 यूनिट्स हो गई। स्कूटर सैगमेंट में 7.85 फीसदी की ग्रोथ के साथ 404919 के मुकाबले 436707 यूनिट्स की बिक्री हुई। हालांकि मॉपेड की सेल्स में 1.25 फीसदी की कमी आई।

ऑटो एनेलिस्ट्स का मानना है कि सस्ता फ्यूल, सस्ता ब्याज, स्क्रेपेज स्कीम की घोषणा की उम्मीद और वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से गाडिय़ों की डिमांड में होने वाले इजाफे से आने वाले महिने ऑटो इंडस्ट्री के लिये बहुत अहम होंगे।

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