50 लाख यूनिट्स का हो जायेगा 2020 तक पैसेंजर वेहीकल सैगमेंट

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roland berger

दिवाली भले ही कमजोर निकल गई हो और अगले कुछ महिने भी ठीक नहीं लग रहे हों तो भी लॉन्ग टर्म इंडिकेटर कहते हैं कि भारत में पैंसजर और टू-व्हीलर वेहीकल्स सैगमेंट में दो अंकों में बढ़ोतरी होगी।
इंडस्ट्री कन्सल्टेंट रोलैंड बर्जर की रिपोर्ट के अनुसार पैसेंजर वेहीकल मार्केट 2020 तक 12 फीसदी की औसत सालाना विकास दर के साथ 50 लाख यूनिट्स तक पहुंंच जाने की उम्मीद है। टू-व्हीलर इंडस्ट्री की भी रफ्तार 12 फीसदी ही रहेगी और 2020 तक यह 2.95 करोड़ यूनिट्स की हो जायेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कमर्शियल वेहीकल सैगमेंट में औसत 7 फीसदी की बढ़ोतरी होगी और यह 11.75 लाख यूनिट्स का हो जायेगा।
रोलैंड बर्जर के मैनेजिंग पार्टनर विल्फ्रेड ऑल्बर के अनुसार ऑटो इंडस्ट्री में विकास दर का जो आंकलन है वो जीडीपी विकास दर, डिस्पोजेबल इनकम यानि खर्च करने लायक आय और एचएनआई यानि हाईनेटवर्थ आबादी में हो रही बढ़ोतरी पर आधारित है। 140 देशों में किये गये अध्ययन में प्रति व्यक्ति जीडीपी और प्रति हजार व्यक्तियों पर वाहनों की संख्या के बीच सीधा सम्बंध साबित हुआ है। वर्ष 2020 तक भारत में जीडीपी की औसत विकास दर 7 फीसदी रहेगी और यदि 7 फीसदी की औसत विकास हासिल होती है तो ऑटो इंडस्ट्री के अलग-अलग सैगमेंट्स के ये आंकलन सही साबित हो सकते हैं।
भारत सबसे तेज: रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका, यूके और जापान/कोरिया में 2010 से 2025 के बीच कारों की बिक्री की औसत विकास दर जहां 1 से 1.4 फीसदी रहेगी वहीं हाई ग्रोथ वाले ब्रिक देशों में 12.7 फीसदी की सबसे तेज रफ्तार से कारों की बिक्री भारत में बढ़ेगी। वर्ष 2010 में भारत में हर 1 हजार लोगों पर 12 कारें थीं जो 2025 में 72 हो जायेंगी। वहीं चीन में बिक्री 10.1 फीसदी की औसत रफ्तार से बढ़ेगी और इन 15 वर्षों में कार घनत्व 44 से बढक़र 187 हो जायेगा। ब्राजील में 2010 में एक हजार व्यक्तियों पर 126 कारें थीं जो 2025 में 221 हो जायेंगी।

PV1पैसेंजर वेहीकल: रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020 तक भारत के पैसेंजर वेहीकल सैगमेंट सालाना औसत 12.1 फीसदी की दर से ग्रोथ करेगा और 49.81 लाख यूनिट्स का हो जायेगा। नैनो वाला माइक्रो कार सैगमेंट 29 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 99 हजार यूनिट्स का हो जायेगा जबकि ऑल्टो वाले मिनी सैगमेंट में औसत 6 फीसदी की ग्रोथ होगी और वित्तीय वर्ष 2020 तक इसका आकार 8.19 लाख यूनिट्स तक पहुंच जायेगा। सबसे तगड़े मुकाबले वाले कॉम्पेक्ट सैगमेंट में ग्रोथ थोड़ी कमजोर पड़ेगी और 6 फीसदी की औसत रफ्तार के साथ 2020 तक यह सैगमेंट 11.36 लाख यूनिट्स का हो जायेगा। कॉम्पेक्ट सेडान सैगमेंट में 10 फीसदी की बढ़त होगी और इसमें 2020 तक 4.18 लाख गाडिय़ां बिकने की संभावना है। होन्डा सिटी और ह् यूंदे वरना वाले मिड साइज सैगमेंट में 15 फीसदी की सीएजीआर के साथ 2020 में 3.59 लाख यूनिट्स की बिक्री होने का आंकलन है। यूवी सैगमेंट का आकार 2020 तक 14.94 लाख यूनिट्स का हो जाने का अनुमान है और इसमें सालाना औसत 19 फीसदी की बढ़त होगी। वैन सैगमेंट भले ही अभी कमजोर हो लेकिन इसमें भी 17 फीसदी की दर से बढ़ोतरी के साथ 4.98 लाख यूनिट्स का हो जाने का आंकलन है। कोरोला ऑल्टिस और स्कोडा ऑक्टाविया वाला एक्जीक्यूटिव सेडान सैगमेंट 22 फीसदी की दर से ग्रोथ के साथ 60 हजार यूनिट्स का हो जायेगा जबकि प्रीमियम लक्जरी सैगमेंट करीब एक लाख यूनिट्स का होगा। 
2Wटू-व्हीलर: रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में देश में 1.48 करोड़ टू-व्हीलर बिके थे जिनमें से 1.85 करोड़ बाइक्स व 36 लाख स्कूटर थे। वर्ष 2017 में देश का टू-व्हीलर बाजार 12 फीसदी ग्रोथ के साथ 2 करोड़ यूनिट्स का हो जायेगा जिनमें 1.33 करोड़ बाइक्स और 59 लाख स्कूटर होंगे। 2020 में टू-व्हीलर सैगमेंट 2.95 करोड़ यूनिट्स का होगा जिनमें 1.79 करोड़ बाइक्स, 1.05 करोड़ स्कूटर और 11 लाख मॉपेड़ होंगी। रोलैंड बर्जर का आंकलन है कि 2014 से 2020 के बीच टू-व्हीलर सैगमेंट में सबसे तेज 19.5 फीसदी की ग्रोथ स्कूटर सैगमेंट में होगी। जबकि बाइक सैगमेंट 9.4 व मॉपेड की ग्रोथ 7 फीसदी रहेगी।

cvकमर्शियल वेहीकल: वित्तीय वर्ष 2011 में 8.43 लाख गाडिय़ां बिकी थीं जो 2012 में 9.95 लाख यूनिट्स हो गईं। लेकिन वित्तीय वर्ष 2014 में बिक्री 20 फीसदी गिरकर 7.92 लाख यूनिट्स ही रह गई। रोलैंड बर्जर का आंकलन है कि 2020 में देश में कमर्शियल वेहीकल सैगमेंट का बाजार 11.75 लाख यूनिट्स का रहेगा जिसमें 7.49 लाख यूनिट्स का योगदान स्मॉल कमर्शियल वेहीकल्स का होगा। लाइट कमर्शियल वेहीकल की बिक्री 1.15 लाख यूनिट्स रहेगी वहीं एमसीवी 1.29 लाख मीडियम कमर्शियल वेहीकल बिकेंगे वहीं हैवी सैगमेंट का योगदान 1.82 लाख यूनिट्स का होगा।

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