Mahindra Scorpio सहित 5 मॉडल Crash Test में फेल

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global ncapRenault Kwid आई और छा गई। कल्ट पहचान वाली Mahindra Scorpio 15 साल से अपने सैगमेंट में बेस्ट सेलर है। Maruti Celerio हर महिने आठ हजार बिक रही हैं और Maruti Eeco 60 हजार। Hyundai Eon की पहचान अपने सैगमेंट में कामयाब मॉडल की है। लेकिन ये सभी Global NCAP Crash Test में ज़ीरो साबित हुये हैं। Global NCAP Crash Test में अडल्ट प्रॉटेक्शन यानि सामने से भिडंत की स्थिति में सवारी को चोट लगने से बचाने के मामले में ज़ीरो स्टार रेटिंग मिली है।

Global NCAP ने Crash Test की रिपोर्ट रिलीज़ करते हुये कहा है कि इन मॉडलों में बेसिक सेफ्टी फीचर भी नहीं हैं। Crash Test में फेल हुये बाकी मॉडल जहां पांच लाख रुपये से कम प्राइस के हैं वहीं Mahindra Scorpio की तो शुरूआत ही 8 लाख रुपये से होती है ऐसे में इसके क्रेश टेस्ट में फेल होने से बड़े सवाल खड़े होते हैं।

मेड इन इंडिया मॉडलों के Global NCAP Crash Test में फेल होने सबसे बड़ी खबर जनवरी 2014 में आई थी। तब भी Global NCAP ने देश के पांच प्रमुख मॉडलों Maruti Alto800, Hyundai I10, Ford Figo, Volkswagen Polo और Tata Nano की Crash Test रिपोर्ट जारी की थी। तब अडल्ट प्रॉटेक्शन के मामले में इन सभी पांच मॉडलों को ज़ीरो स्टार रेटिंग मिली थी।

हालांकि बाद में फोक्सवैगन और टोयोटा ने अपने मॉडलों में फ्रंट एअरबैग को स्टेन्डर्ड कर दिया था। नतीजा यह हुआ कि बाद में हुये Crash Test में Volkswagen Polo को 4-स्टार रेटिंग मिली और हाल ही Toyota Etios और Etios Liva को भी 4-स्टार रेटिंग दी गई है।

नवम्बर 2014 में Global NCAP ने निसान की Datsun Go और Maruti Swift की क्रेश टेस्टिंग रिपोर्ट जारी करते हुये कहा था कि इन मॉडलों को अडल्ट प्रॉटेक्शन के मामले में ज़ीरो रेटिंग मिली है।

ताजा मामले में बेस्ट सेलर Renault Kwid के तीन वैरियेंट्स को Crash Test किया गया था जिनमें एक एअरबैग वैरियेंट भी था। लेकिन एअरबैग वैरियेंट को भी अडल्ट प्रॉटेक्शन के लिहाज से ज़ीरो रेटिंग मिली है।

संयुक्त राष्ट्र संघ ने अपनी गाइडलाइन्स में सभी गाडिय़ों की 55 किलोमीटर की स्पीड पर Crash Test करने की सलाह दी है लेकिन Global NCAP 64 किलोमीटर की स्पीड पर Crash Test करती है।

ग्लोबल एनकैप के महासचिव डेविड वॉर्ड कहते हैं कि 64 किमी की स्पीड पर की गई Crash Test के झटके को इन गाडिय़ों का बॉडी शैल झेल नहीं पाया और इनमें रखी डमी को जान का खतरा पैदा होने के आंकड़े मिले।

भारत सरकार ने अक्टूबर 2017 से सभी नये मॉडलों की फ्रंटल और साइड इम्पेक्ट Crash Test को जरूरी कर दिया है वहीं मौजूदा मॉडलों पर 2019 से यह नियम लागू होगा। भारत न्यू वेहीकल सेफ्टी असैसमेंट प्रोग्राम यानि बीएनवीएसएपी का नाम भी बदलकर अब भारत-एनकैप Bharat NCAP रख दिया गया है।

रेनो और महिन्द्रा ने अपने बयान में कहा है कि वे भारत में लागू नियमों के हिसाब से गाडिय़ां बनाते हैं। रेनो ने कहा है कि वह भारत-एनकैप का समर्थन करती है। वहीं महिन्द्रा का कहना है कि स्कॉर्पियो के सभी वैरियेंट्स में एअरबैग के ऑप्शन दिये गये हैं तो फिर बिना एअरबैग वाले वैरियेंट को चुनकर Crash Test करने से Global NCAP की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।

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