देश से पांच महीने में 15 लाख से अधिक Vehicles Export

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Vehicle Exportविदेशी बाजारों में भारतीय कमर्शियल वेहिकल्स की मांग कमजोर होने के बावजूद मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 5 महीने में देश से कुल 15,92,371 वाहनों का निर्यात किया गया जो कि सालाना आधार पर 10.27 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।

देश से अप्रेल-अगस्त के दौरान सबसे ज्यादा 11 लाख से अधिक दुपहियों का निर्यात हुआ इसके बाद दूसरा स्थान कारों का रहा। इस दौरान देश से तीन लाख कारों का निर्यात हुआ जबकि तीसरे नंबर पर तिपहिया वाहनों का स्थान रहा।

वाहन निर्माताओं के शीर्ष संगठन SIAM के आंकड़ों के अनुसार एक साल पहले अप्रेल से अगस्त की अवधि में कुल 14,44,113 वाहनों का निर्यात किया गया था।

SIAM के अनुसार आलोच्य पांच महीने की अवधि में पैसेंजर वेहिकल्स का निर्यात 2.62 प्रतिशत बढ़कर 3,03,801 यूनिट्स रहा। यात्री वाहनों में यात्री कारें, यूटिलिटी वाहन व वैन शामिल हैं।

इस दौरान तिपहिया वाहनों का निर्यात 17.27 प्रतिशत बढ़कर 1,43,994 वाहन हो गया जबकि कुल दु​पहिया वाहनों का निर्यात 13.82 प्रतिशत बढ़कर 11,12,630 वाहन रहा। इस सेगमेंट में स्कूटर व मोटरसाइकिल का निर्यात बढ़ा तो मोपेड के निर्यात में 29.14 प्रतिशत की गिरावट आई।

वहीं अप्रेल-अगस्त में कमर्शियल वेहिकल्स का कुल निर्यात 33.08 प्रतिशत घटकर 31,174 यूनिट्स रह गया जो कि पिछले साल समान अवधि में 46,587 वाहन था। कमर्शियल वेहिकल्स सेगमेंट की बात की जाए तो इस दौरान लोडिंग व पैसेंजर ट्रांसपोर्ट वाहनों के निर्यात में काफी कमी आई। इसी तरह क्वाड्रीसाइकल सेगमेंट का निर्यात भी सालाना आधार पर लगभग 32 प्रतिशत कम रहा।

सियाम के महानिदेशक विष्णु नागर के अनुसार विभिन्न विदेशी बाजारों को निर्यात में इस कमी के लिए स्थानीय बाजारों के कारक जिम्मेदार हैं जिनमें विनिमय दर भी महत्वूपर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजार के घटनाक्रम के हिसाब से वाहनों की मांग घटती बढ़ती रहती है।

उल्लेखनीय है कि इस साल के पहले पांच महीने में देश के घरेलू बाजार में कुल मिलाकर 1,02,61,109 वाहन बिके।

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