सेडान सैगमेंट में होन्डा सिटी फिर सिरमौर

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hona_cityदो महिनों से सेडान सैगमेंट के हालात कुछ बदले से नजर आ रहे हैं। धुरंधर मॉडल फिसलने लगे हैं और तीन साल से पिछड़ी पड़ी होन्डा की सिटी फिर अपनी धाक दिखा रही है। सिटी को होन्डा ने पहली बार जब 1998 में लॉन्च किया था तो देश के लिये यह सबसे मॉडर्न कार थी। होन्डा की ब्रांड पहचान और सिटी की परफॉर्मेन्स का हिंदुस्तानियों के दिल पर ऐसा जादू चला कि 2010 तक यानि पूरे 12 साल तक सिटी के दबदबे को चैलेंज करने आये कई मॉडल धाराशायी हो गये।
लेकिन पिछले तीन वर्ष में देश में पेट्रोल कारों की जो गत हुई है उसकी चपेट में आने से सिटी जैसा बेस्ट सेलर मॉडल भी नहीं बच पाया। सिटी के कमजोर पडऩे का फायदा हुंडई की नई वरना, फोक्सवैगन वेंतो, स्कोडा रैपिड आदि मॉडलों को हुआ और कारण भी साफ है इनमें डीजल विकल्प था। पेट्रोल सिटी को लेकर ग्राहकों की बेरुखी इस हद तक बढ़ी कि प्रीमियम पर बिकती रही सिटी की प्राइसिंग ना केवल घटानी पड़ी बल्कि अच्छे खासे डिस्काउंट देने पड़ गये। सिटी में कोई दिक्कत नहीं थी बदली थी तो सिर्फ बाजार की चाल।
होन्डा ने बाजार की चाल को समझते हुये पिछले वर्ष अप्रेल में पहली बार भारत के कार बाजार में अमेज के जरिये डीजल इंजन विकल्प पेश किया था। इसकी अमेजिंग रफ्तार से कम्पनी में सिटी को डीजल में पेश करने का भरोसा पैदा हुआ।
जनवरी से नई पेट्रोल और डीजल में आई सिटी के डिस्पैच शुरू हुये हैं और शुरुआती दो महिनों में ही असर नजर आ रहा है। हुंडई की फ्लूइडिक वरना दूसरे पायदान पर खिसकी चुकी है और कम्पनी को वैरियेंट लाइन अप को सुधारना पड़ गया।
स्कोडा को भी रेपिड की गिरती बिक्री को थामने के लिये नया लिमिटेड एडिशन पेश करना पड़ा है वहीं फिएट ने नई लीनिया को बाजार में उतारा है।
यदि शुरुआती दो महिनों के डिस्पैच की बात करें तो बेहद कमजोर बाजार में होन्डा से 14397 सिटी बेची हैं वहीं हुंडई की वरना जनवरी में 3803 बिकीं और फरवरी में यह आंकड़ा गिरकर 3342 यूनिट्स रह गया। फोक्सवैगन की वेंतो जनवरी में 1294 बिकी थीं वहीं फरवरी में 1191। हां लीनिया जरूर बढ़ रही है। जनवरी में फिएट ने 178 लीनिया बेची थीं वहीं फरवरी में यह आंकड़ा बढक़र 420 यूनिट्स हो गया। इसका एक कारण कम्पनी की नई डीलरशिप्स चालू होना और नई लीनिया के शुरुआती डिस्पैच हैं।
होन्डा की नई सिटी की जयपुर में एक्स-शोरूम कीमत 7.36 लाख रुपये से 11.14 लाख रुपये के बीच है। जबकि हुंडई की वरना 7.34 से 11.68 लाख रुपये के बीच उपलब्ध है। फिएट लीनिया की शुरुआती कीमत 7.65 लाख रुपये है और इसका टॉप एंड वैरियेंट करीब 10 लाख रुपये का है। इस लिहाज से देखा जाये तो कीमत के मामले में भी होन्डा ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। इसके अलावा जो आईडीटेक डीजल इंजन कम्पनी ने सिटी में लगाया है उसका मायलेज भी 25 किमी है। इस तरह से सिटी मिड सेडान तो क्या करीब-करीब हर सैगमेंट में सबसे ज्यादा मायलेज देने वाली गाड़ी बन गई है।
वैसे होन्डा सिटी के ये जो आंकड़े हैं वो बेहद शुरुआती हैं और कम्पनी का पूरा फोकस बुक हुई गाडिय़ों की डिलीवरी जल्द से जल्द देने पर है। लेकिन फिर भी कम्पनी का राजस्थान संयंत्र शुरू हो चुका है ऐसे में होन्डा अब प्रॉडक्शन के लिहाज से पहले से कहीं बेहतर स्थिति में है।
यानि बेहतर प्रॉडक्ट, किलर प्राइस और जरूरत के हिसाब से प्रॉडक्शन कैपेसिटी के दम पर होन्डा की नई सिटी मिड सेडान सैगमेंट में फिर से बेस्ट सेलर के अपने मुकाम पर जमने की तैयारी कर रही है।

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