रिकॉर्ड 11.48 लाख यूनिट्स से करेगी मारुति 2014 का अंत

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Maruti-Alto-K10

देश की सबसे बड़ी कार कम्पनी बेहद कमजोर बाजार में भी 11.48 लाख यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री के साथ कैलेंडर वर्ष 2014 को अलविदा करने की ओर बढ़ रही है। इस वर्ष के दौरान कम्पनी को करीब-करीब सभी सैगमेंट्स में बिक्री के लिहाज से फायदा हुआ है। लेकिन मारुति सुजुकी का मानना है कि एक्साइज को लेकर असमंजस बना हुआ है और यदि सरकार इसकी छूट को वापस लेकर स्लैब को सामान्य स्तर पर ले आने का फैसला करती है तो कंज्यूमर सेंटिमेंट को तगड़ा झटका लगेगा।
मारुति सुजुकी के अध्यक्ष आरसी भार्गव के अनुसार कम्पनी चालू वर्ष का अंत 11.48 लाख यूनिट्स की रिकॉर्ड सेल्स के साथ करेगी। इससे पहले कम्पनी ने सबसे ज्यादा 10.60 लाख गाडिय़ां वर्ष 2010 में बेची थीं।
भार्गव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष की अप्रेल से नवम्बर की अवधि में कम्पनी का मार्केट शेयर पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.1 फीसदी बढक़र 44.8 फीसदी तक पहुंच गया। इस दौरान कम्पनी की बिक्री 7,39,247 के मुकाबले 13.1 फीसदी बढक़र 8,35,912 यूनिट्स रही।
मारुति सुजुकी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सेल्स एंड मार्केटिंग आरएस कल्सी कहते हैं कि कमजोर डिमांड के बावजूद कम्पनी के सभी मॉडलों की बिक्री में हुये सुधार के चलते मार्केट शेयर में यह बढ़ोतरी हुई है। कम्पनी ने बिक्री को बढ़ाने के लिये नये मॉडल भी लॉन्च किये।
एक्साइज ड्यूटी की चर्चा करते हुये भार्गव ने कहा कि यदि छूट 31 दिसम्बर को खत्म होती है तो ऑटो इंडस्ट्री पटरी से उतर सकती है। छूट वापस होने से लागत 4 से 6 फीसदी बढ़ जायेगी और इसका बोझ कस्टमर पर डालना पड़ेगा।
फरवरी में आये अंतरिम बजट में यूपीए सरकार ने स्मॉल कार, टू-व्हीलर और कमर्शियल वेहीकल्स पर एक्साइज ड्यूटी को 12 से घटाकर 8 फीसदी कर दिया था। इसी प्रकार मिड सैगमेंट कारों पर इसे 24 से घटाकर 20, बड़ी कारों में 27 से घटाकर 24 और एसयूवी पर 30 से घटाकर 24 फीसदी कर दिया था।

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