यूरोप को पछाड़ चीन बना सबसे बड़ा कार मेकर

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China Rolls Royceअमेरिका को पछाडक़र चीन 2011 में दुनिया का सबसे बड़ा कार बनने में कामयाब रहा था। अब खबर है कि चीन यूरोपीय संघ को पीछे छोड़ कारों का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला देश बन गया है।
यूरोपीय संघ में 28 देश हैं जबकि चीन अकेला है। यूरोपीय देशों में वाहन बनाने वाली कम्पनियों की एसोसियेशन यूरोपीयन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसियेशन यानि एसीईए के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल यूरोपीय संघ के देशों में कुल 1.46 करोड़ कारों का उत्पादन हुआ जबकि चीन में 1.8 करोड़ कारें बनीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2012 और 2013 में यूरोपीय देशों में उत्पादन में कोई बढ़ोतरी नहीं हो वहीं चीन 2012 में ईयू को पीछे छोडऩे में कामयाब रहा और 2013 में उसने अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया। दुनियाभर में बनने वाली कारों में से 39.6 फीसदी ब्रिक यानि ब्राजील, रशिया, इंडिया और चायना देशों में बनती हैं। इसमें से भी अकेले चीन का वैश्विक उत्पादन में 27.6 फीसदी योगदान है। जबकि भारत में 4.8, ब्राजील में 4.2 और रूस में 2.9 फीसदी कारें बनती हैं।
आज से सिर्फ 12 साल पहले 2002 में चीन में दस लाख कारों का उत्पादन हुआ था लेकिन 2006 में यह अमेरिका के बराबर यानि 40 लाख हो गया। 2008 की मंदी मेें जब दुनिया के हर देश में कारों का उत्पादन घटा था तब भी चीन में बिक्री और उत्पादन के लिहाज से बूम का दौर था और उत्पादन 70 लाख यूनिट्स के स्तर पर पहुंच गया था। 2010 में चीन में 1.4 करोड़ कारों का उत्पादन हुआ और 2013 में यह आंकड़ा 1.86 करोड़ यूनिट्स तक पहुंच गया।

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