मारुति की मिनी ट्रक सैगमेंट में उतरने की तैयारी

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suzuki carry

मारुति सजुकी की नजरें अब तेजी से बढ़ते मिनी ट्रक सैगमेंट में उतरने पर हैं। कम्पनी अगले वर्ष आने वाले पहले मिनी ट्रक मॉडल को कम्पनी सुजुकी पोर्टफोलियो के कार्गो मॉडल कैरी पर तैयार करना चाहती है। गुडग़ांव संयंत्र में बनने वाले इस मिनी ट्रक के लिये सुजुकी मोटर कॉर्प इन दिनों 800 सीसी के डीजल इंजन का भी विकास कर रही है।
जापानी अखबार निक्केई की खबर के अनुसार इस मिनीट्रक के लिये कम्पनी चार लाख रुपये से कम के कीमत वर्ग पर फोकस कर रही है और शुरुआती वर्ष में ही एक लाख गाडिय़ां बेचने का लक्ष्य है।
आपको बता दें कार्गो एलसीवी सैगमेंट में जनवरी माह में 311090 यूनिट्स की बिक्री हुई थी जो गत इसी अवधि में हुई 40958 यूनिट्स की बिक्री के मुकाबले 23.85 फीसदी कम है। वहीं बात करें चालू वित्तीय वर्ष की अप्रेल से जनवरी की अवधि की तो इस दौरान कार्गो एलसीवी सैगमेंट में 324953 गाडिय़ां बिकीं जो गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में हुई 383515 यूनिट्स की बिक्री के मुकाबले 15.27 फीसदी कम है।
हालांकि अर्थव्यवस्था की सुस्ती के कारण हाल के महिनों में एलसीवी सहित ज्यादातर ऑटो सैगमेंट्स में बिक्री घटी है। लेकिन जेडी पावर के आंकड़े के अनुसार वर्ष 2020 तक भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हल्के वाहनों का बाजार बन जायेगा। आपको बता दें कि हल्के वाहनों में 5 टन तक के यात्री और एलसीवी मॉडलों को शामिल किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 तक चीन का हल्के वाहनों का बाजार 35 मिलीयन यानि 3.5 करोड़ यूनिट्स का होगा जबकि दूसरे स्थान पर 17.9 मिलीयन यानि 1.79 करोड़ के साथ अमेरिका होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में यदि सडक़ों की हालात सुधारी जाये तो 2020 तक देश में हल्के वाहनों का बाजार 11.9 मिलियन यानि 1.19 करोड़ को पार कर जायेगा जिसमें 92.8 लाख यात्री वाहन जबकि 26.9 लाख मिनी ट्रक आदि एलसीवी मॉडल शामिल होंगे।
देश के एलसीवी बाजार में अभी सबसे बड़ी कम्पनी टाटा मोटर्स है। इसके अलावा महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, फोर्स, अशोक लेलैंड आदि भी बड़े खिलाड़ी हैं।
देश की 120 करोड़ आबादी में करीब 70 फीसदी किसी ना किसी तरह खेती या गांवों से जुड़ी है और सुजुकी की कोशिश इस विशाल बाजार तक पहुंचने की है।
देश के कार बाजार में कम्पनी की हिस्सेदारी अभी करीब 44 फीसदी है और दूसरे पायदान पर हुंडई करबी 20 फीसदी के साथ बहुत पीछे है। लेनि हाल के सालों में नई कम्पनियों और नये मॉडलों के आने से मुकाबला कड़ा हुआ है जो आगे भी जारी रहेगा ऐसे में मारुति सुजुकी की कोशिश पैसेंंजर सैगमेंट में धाकड़ ब्रांड इमेज, करीब 1500 शहरों में मौजूदा कम्पनी नेटवर्क और आर एंड डी सुविधा का फायदा उठाकर मिनी ट्रक सैगमेंट में उतर साइक्लिक मंदी के हालातों के लिये रिस्क मैनेजमेंट करने की है।

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