भारत पर फोकस बढ़ा रही है रेनो

0
1059

renault-duster

देसी कार बाजार में सबसे बाद में एंट्री लेने के बावजूद रेनो तेजी से बड़े ब्रांड के रूप में उभरी है। पर डस्टर को लेकर जो दिवानगी दिखाई दी उसके लिये बाकी मॉडल तरसते ही रहे हैं। अगले वर्ष रेनो ऑल्टो वाले मिनी कार सैगमेंट में उतर रही है और ऑटो मीडिया पर लॉज़ी की टेस्टिंग की स्पाई पिक्चर्स भी गाहे-बगाहे नजर आ जाती हैं। इसका सीधा अर्थ है कि कम्पनी की नजर 7 सीटर एमपीवी सैगमेंट पर भी हैं। अब खबर है कि रेनो ने अपनी जो नई स्ट्रेटेजी तैयार की है उसमें फोकल पॉइंट भारत रहेगा। 

सितम्बर से लागू हो रहे ड्राइव द चेंज स्ट्रेटेजिक प्लान में एशिया-प्रशांत रीजन के दो हिस्से किये जा रहे हैं जिसमें एक मिडल ईस्ट-इंडिया रीजन होगा और दूसरा जिसमें चीन, आसियान, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया और ओशियेनिया के देश होंगे। भारत और खाड़ी देशों के लिये बने नये रीजन मिडल ईस्ट-इंडिया की कमान कम्पनी सीनियर मैनेजमेंट मेम्बर बरनार्ड कैम्बलर को सौंप रही है। कैम्बलर का काम चेन्नई के निकट निसान के सहयोग से स्थापित बड़े उत्पादन संयंत्र का फायदा उठाकर भारत में रेनो की बिक्री को बढ़ाना है और इसके लिये सीएमएफ-ए प्लेटफॉर्म सहित कई मॉडल लॉन्च किये जायेंगे।

रेनो ने महिन्द्रा से अलग होने के बाद अपने दम पर फ्लूएंस और कोलिओस को लॉन्च कर शुरुआत की थी लेकिन ये दोनों मॉडल कामयाब नहीं हो पाये। कुछ ऐसी ही स्थिति निसान सनी और माइक्रा के रीबैज अवतार स्काला और पल्स की भी है। लेकिन जुलाई 2012 में आई डस्टर ने रेनो ब्रांड पर जम रही धूल को झाडक़र उसे नई चमक दी है। अभी पिछले महिने ही यानि लॉन्च के दो साल के भीतर डस्टर एक लाख के आंकड़े को पार करने में कामयाब रही है। रेनो जैसी नई कम्पनी के लिये डस्टर जैसी कामयाबी हासिल करना किसी केस स्टडी से कम नहीं है। लेकिन अब यह भी ठंडी पड़ रही है और इसकी बिक्री औसत पांच हजार से घटकर तीन-साढ़े तीन हजार यूनिट्स पर आ गई है।

यूरोप और अमेरिका जैसे बाजारों में बिक्री बढ़ाने के लिमिटेड स्कोप के बीच एशिया-प्रशांत पर कार कम्पनियों का फोकस बढ़ रहा है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 48 देश आते हैं और यहां दुनिया की करीब आधी आबादी मौजूद है। दुनिया के जीडीपी में इस क्षेत्र का योगदान 40 फीसदी है और कारों की 45 फीसदी बिक्री यहीं होती है। वैश्विक बाजार में रेनो ग्रुप की हिस्सेदारी जहां 3.3 फीसदी है वहीं इस तेजी से बढ़ते बम्पर कार बाजार में रेनो सिर्फ 0.6 फीसदी हिस्सेदारी तक सिमटी हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here