फेस्टिव सीजन की शानदार शुरूआत

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Sept Companies SALESनवरात्र खत्म हो रहे हैं और दिवाली नजदीक ही है। यानि फेस्टिव सीजन अपने चरम पर है और लगता है दो साल से ठंडा पड़ा कार बाजार अब खुलकर सेलीब्रेट कर रहा है। शुरूआत मई से ही हो गई और सितम्बर लगातार पांचवा महिना रहा जब कार और टू-व्हीलर के आकड़ों से बेहतर हो रहे कंज्यूमर सेंटिमेंट के संकेत मिले।
कार बाजार में टॉप नौ में से 6 कम्पनियों की बिक्री बढ़ी है। मारुति सुजुकी फिर एक बार एक लाख के करीब पहुंच गई। कम्पनी ने इस महिने 99 हजार गाडिय़ां बेचीं जो 9.8 फीसदी बेहतर है। ह्यूंदे को भी नये मॉडल लॉन्च करने का फायदा मिल रहा है और सितम्बर में इसने घरेलू बाजार में 14.5 फीसदी बढ़त के साथ 35041 गाडिय़ां बेचीं। होन्डा ने मोबिलियो और सिटी के अच्छे डिस्पैच के चलते 15 हजार के स्तर को छुआ जो पिछले वर्ष सितम्बर में हुई 10354 यूनिट्स की बिक्री के मुकाबले 45 फीसदी अधिक है। लो बेस के कारण निसान की बिक्री में भी 64 फीसदी का उछाल नजर आ रहा है। कम्पनी ने इस महिने 4145 कारें बेचीं लेकिन इनमें सबसे ज्यादा योगदान टेरानो का रहने की उम्मीद है। कई महिने बाद महिन्द्रा एंड महिन्द्रा का पीवी वर्टिकल फायदे में आया है। सितम्बर में कम्पनी के स्कॉर्पियो, बोलेरो, जायलो, एक्सयूवी500 और वेरिटो रेंज की गाडिय़ों की बिक्री 19893 यूनिट्स रही जो 5 फीसदी बेहतर है। महिन्द्रा की ही तरह टोयोटा को भी बेहतर हो रहे कंज्यूमर सेंटिमेंट और इकोनॅामिक रिकवरी का लाभ मिला है और घरेलू बाजार में कम्पनी की बिक्री 5 फीसदी के सुधार के साथ 12552 यूनिट्स पर रही। लेकिन ज़ेस्ट के आने के बावजूद टाटा मोटर्स का पैसेंजर वेहीकल सैगमेंट अब भी घाटे में है और 11931 यूनिट्स की बिक्री के साथ 7 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि अब मार्केटिंग व सेल्स की लीडरशिप टीम में बदलाव से आने वाले महिनों में हालात बेहतर हो सकते हैं। फोर्ड को भी पोर्टफोलियो पुराना पडऩे का नुकसान हो रहा है। ईकोस्पोर्ट के डिस्पैच स्टेबल हो चुके हैं वहीं फीगो ठंडी पड़ रही है। अन्य मॉडलों का कोई खास योगदान नहीं है। सितम्बर में फोर्ड ने 6786 गाडिय़ां बेचीं जो पिछले वर्ष सितम्बर में हुई करीब 10 हजार यूनिट्स की बिक्री के मुकाबले 36 फीसदी कम है। जीएम के हालात बेहद बुरे हैं और कम्पनी की बिक्री महिने दर महिने 30-40 प्रतिशत गिर रही है। सितम्बर में जीएम ने 4434 गाडियां बेचीं जो 37 प्रतिशत कम है।
बाजार के जानकार कहते हैं कि फ्यूल कॉस्ट कम होने के साथ ही इकोनॉमिक रिकवरी का फायदा हो रहा है। वित्तीय वर्ष का अंत 7-8 फीसदी बढ़त के साथ होना चाहिये।
टू-व्हीलर सैगमेंट में कोई भी कम्पनी सितम्बर में घाटे में नहीं रही। हीरो मोटोकोर्प ने 6 लाख का आंकड़ा हासिल किया है और सितम्बर 2013 की 4.68 लाख यूनिट्स के मुकाबले बिक्री 30 फीसदी उछली है। होन्डा एमएसआई ने पहली बार चार लाख का आंकड़ा पार किया है। 4.38 लाख यूनिट्स के डिस्पैच के साथ कम्पनी की बिक्री में 33 फीसदी का उछाल आया है। यामहा की सेल्स 27 फीसदी के करीब बढक़र 59325 यूनिट़्स रही वहीं सुजुकी को भी नये मॉडल लॉन्च से फायदा हुआ है। सुजुकी मोटरसाइकल इंडिया ने सितम्बर में 44873 गाडिय़ां बेचीं। बजाज ऑटो ने निर्यात को मिलाकर जो कुल फिगर जारी किये हैं उनके अनुसार सितम्बर में कम्पनी ने कुल 3.47 लाख गाडिय़ंा बेची हैं जो पिछले वर्ष सितम्बर के मुकाबले 7 फीसदी बेहतर है।

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