टाटा ज़ेस्ट वेटिंग पर, बाकी मॉडल डिस्काउंट पर

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Zest Vs.

ज़ेस्ट के आने से टाटा ब्रांड को लेकर सोच बदलने के संकेत मिल रहे हैं। अगस्त से अक्टूबर तक कम्पनी करीब 9500 ज़ेस्ट की डिलीवरी दे चुकी है। अगस्त के मुकाबले अक्टूबर में बाकी तीन मॉडलों मारुति डिज़ायर, ह्यूंदे एक्सेंट और होन्डा अमेज़ की बिक्री में बड़ी गिरावट आई है वहीं टाटा ज़ेस्ट लगातार आगे बढ़ रही है। लॉन्च से पहले कम्पनी हर महिने 5 हजार ज़ेस्ट बेचने का टार्गेट लेकर चल रही थी लेकिन अक्टूबर में 3524 की ही डिलीवरी दे पाई। इसका कारण कमजोर डिमांड नहीं बल्कि डिमांड के हिसाब से उत्पादन नहीं हो पाना है।
कम्पनी के एक डीलर के अनुसार रेवोट्रोन इंजन से लैस पेट्रोल वैरियेंट भी 2-3 सप्ताह की वेटिंग पर है। जबकि इसी सैगमेंट के अन्य मॉडल रेडी डिलीवरी के साथ ही डिस्काउंट पर भी हैं।
टाटा मोटर्स के पैसेंजर वेहीकल डिविजन के प्रेसिडेंट मयंक पारीक कहते हैं कम्पनी ज़ेस्ट की वेटिंग को कम करने की कोशिश कर रही है। परेशानी उत्पादन क्षमता की नहीं बल्कि कम्पोनेंंट सप्लाई की है।
टाटा ज़ेस्ट अपने सैगमेंट में अकेला मॉडल है जिसमें एएमटी यानि ऑटो गियर का ऑप्शन है। यह देश की सबसे सस्ती डीजल सेडान कार भी है। इस वैरियेंट के लिये टेस्ट ड्राइव की डिमांड भी काफी है लेकिन तो कम्पनी टेस्ट ड्राइव भी नहीं दे पा रही है।
अब खबर है कि कम्पनी फिलहाल अपना पूरा फोकस ज़ेस्ट की डिलिवरी बढ़ाने पर लगाना चाहती है और इसलिये प्रीमियम हैचबैक मॉडल बोल्ट की लॉन्चिंग 3 महिने टाल दी गई है।

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