General Motors is so Casual in India-1

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जनरल मोटर्स भारत और अमेरिका में एक जैसे हालातों से गुजर रही है। दोनों बाजारों में कम्पनी के लिये ग्राहकों के भरोसे को फिर से कायम करना बड़ी चुनौती है। 20 मई को जनरल मोटर्स यूएसए ने एक बयान जारी कर 24 लाख कार और ट्रकों को रीकॉल करने की बात कही है। जीएम जनवरी से अब तक 3 करोड़ गाडिय़ों को वापस बुला चुकी है जो पांच साल में अमेरिका में बिकीं कुल जीएम कारों से अधिक है। साथ ही वर्ष 2004 में एक करोड़ साढ़े सात लाख गाडिय़ों को रीकॉल करने के रिकॉर्ड को पार कर चुका है।
पिछले वर्ष ऐसा ही एक मामला भारत में भी सामने आ चुका है। भारत में तो कम्पनी के अधिकारियों की टीम ने एमपीवी मॉडल टवेरा के Emission Certification यानि उत्सर्जन प्रमाणन के लिये क्रिमिनल माइंड को इस्तेमाल किया। जब भी आईएआरआई की टीम टवेरा की एमिशन टेस्टिंग के लिये आती तो रीट्यून्ड गाड़ी पेश कर दी जाती जबकि बाजार में जो गाडिय़ां बेची गई वे इन मानकों पर खरी नहीं थीं। यह पूरा गड़बड़झाला 2004 से 2013 तक पूरे नौ साल तक चलता रहा और कम्पनी का टॉप मैनेजमेंट तक इसमें शामिल पाया गया। इस मामले में जीएम ग्लोबल के वाइस प्रेसिडेंट लेवल के अधिकारी के साथ ही अश्विनी मुप्पासिनी सहित कई अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। अश्वनी मुप्पासिनी से सेल युवा के मार्केटिंग लॉन्च इवेंट में बिज़डम ऑटो की मुलाकात भी हो चुकी है।
मामला मीडिया में खुलते ही जीएम इंडिया को ना केवल टवेरा का उत्पादन तुरंत बंद करना पड़ा बल्कि इन नौ सालों के दौरान बिकीं 1.14 लाख टवेरा को भी रीकॉल किया गया। अभी पिछले दिनों ही कम्पनी की ओर से बयान आया है कि 1.14 लाख में से 21 हजार टवेरा को रीट्यून किया जा चुका है। लेकिन इसमें बड़ी दिक्कत आ रही है। टवेरा एक पार्टी से दूसरी पार्टी बिकती रहती है ऐसे में मौजूदा ऑनर तक पहुंचना बहुत मुश्किल काम है।
पढिय़े..जीएम यूएसए की ओर से जारी बयान…
1 जनवरी को जीएम की सीईओ बनी पहली महिला मैरी बैरा के लिये सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों के भरोसे को फिर से हासिल करना है। इग्निशन स्विच के अचानक ऑफ हो जाने के कारण 2004 के बाद के सैटर्न सहित दर्जनों मॉडलों में इंजन बंद होने की घटनायें सामने आई थी। इंजन बंद होने इन गाडिय़ों के पावर स्टीयरिंग और एअरबैग के काम नहीं करने के कारण कई हादसे हुये थे। कम्पनी इन मामलों में 13 लोगों की मौत की बात स्वीकार कर चुकी है लेकिन अमेरिका के ही एक कंज्यूमर वॉचडॉग ने कम्पनी पर 300 से ज्यादा मौतों का आरोप लगाया है।

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जीएम की सीईओ मैरी को मीडिया में आकर माफी मांगनी पड़ चुकी है और उनके लिये सबसे बड़ी चिंता कम्पनी के सुरक्षा और क्वॉलिटी प्रॉसेस को लेकर है। इगिनशन स्विच के ये मामले 2004 में ही कई फील्ड रिपोर्ट्स में सामने आ गये थे, इन पर मीटिंग भी हुई लेकिन सिर्फ 20-30 रुपये के स्विच और प्लांट में रीटूलिंग के महज कुछ लाख डॉलर के खर्च को देखते हुये इस मामले को अंडर द कार्पेट कर दिया गया।
यानि भारत की तरह अमेरिका में कॉर्पोरेट गवर्नेन्स को लेकर उठाये जा रहे गंभीर सवालों से जूझ रही है। इस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच अमेरिकी संसद, इंडस्ट्री डिपार्टमेंट और नेशनल हाईवे ट्रेफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन के पांच पेनल कर रहे हैं।
अमेरिका में शुरुआती जांच में ही कम्पनी को लापरवाही का दोषी मानकर फौरी जुर्माना हो चुका है। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के कारण अरबों डॉलर का जुर्माना होने की आशंका है। दूसरी ओर भारत में जांच भी हुई और रिपोर्ट भी आई। मामला कोर्ट तक पहुंचा लेकिन अब ठंडे बस्ते में जाता लग रहा है। यहां तक कि सीबीआई भी कह चुकी है कि ये मामला सिर्फ महाराष्ट्र और गुजरात से जुड़ा है ऐसे में उसके क्षेत्राधिकार में नहीं आता।

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